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रेत का अवैध कारोबार, वर्चस्व और त्रिपाठी-ठाकुर परिवार की दुश्मनी... 3 हत्याओं के बाद गांव खामोश  

छत्तीसगढ़ के कोरिया में हुई तीन हत्या की वजह त्रिपाठी और ठाकुर के बीच की वर्षों पुरानी दुश्मनी है. रेत के कारोबार को लेकर दोनों परिवारों में हमेशा ठनी रहती थी.

रेत का अवैध कारोबार, वर्चस्व और त्रिपाठी-ठाकुर परिवार की दुश्मनी... 3 हत्याओं के बाद गांव खामोश  
कोरिया: भाजपा नेता भरत सिंह समेत तीन की हत्या के बाद कटगोड़ी गांव में दहशत.
  • 16 जून को कोरिया के कटगोड़ी गांव में भाजपा नेता भरत सिंह समेत तीन लोगों को कार में जिंदा जला दिया गया.
  • त्रिपाठी और ठाकुर परिवार के बीच की वर्षों पुरानी वर्चस्व की लड़ाई में यह खूनी खेल खेला गया.
  • रेत का अवैध कारोबार और वर्चस्व की लड़ाई दोनों परिवारों में चल रही थी.

कोरिया: भाजपा नेता भरत सिंह समेत 3 लोगों की जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई. इस ट्रिपल मर्डर को जिले के सोनहत क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत नौगई में 16 जून 2026 को अंजाम दिया गया. रेत के अवैध कारोबार, त्रिपाठी और ठाकुर परिवार के बीच की वर्षों पुरानी वर्चस्व की लड़ाई में यह खूनी खेल खेला गया, जिससे घटना के 4 दिन बीतने के बाद भी गांव में डर और सन्नाटा है. कोई भी इस हत्याकांड को लेकर कुछ बोलने को तैयार नहीं है. ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती  गवाहों को तैयार करना है. प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के धारा 163 लागू कर रखी है, गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है. तनाव के बीच गांव के लोग घरों में कैद हैं, गलियों में सिर्फ पुलिसकर्मी ही दिखाए दे रहे हैं. आइए, अब विस्तार से जानते हैं ट्रिपल मर्डर का यह मामला क्या है, इसे कब और कैसे अंजाम दिया गया. इसके पीछे की वजह क्या है, गांव में किस तरह का माहौल है. पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की? 

कटगोड़ी गांव

कटगोड़ी गांव में भाजपा नेता भरत सिंह समेत तीन की हत्या के बाद पसरा सन्नाटा. 

सबसे पहले जानिए भाजपा नेता भरत सिंह समेत तीन हत्याओं का मामला क्या है? 

दरअसल, 16 जून की रात मंगलवार को जिले के कटगोड़ी गांव में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों को कार में जिंदा जला दिया गया. आरोप है कि समझौते के लिए पहुंचे भरत सिंह, नागेंद्र और वीरेंद्र की फॉर्च्यूनर गाड़ी को बदमाशों ने घेरा फिर टिपर वाहन से गाड़ी को टक्कर मारी. गाड़ी क्षतिग्रस्त होने के बाद पेट्रोल डालकर उसमें आग लगा दी. इस हमले में भाजपा नेता भरत समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है. घटना की खबर सामने आते ही तनाव का माहौल बन गया, हालात को देखते हुए प्रशासन ने धारा 163 लागू की. गांव और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया. सोनहत से लेकर जिला मुख्यालय बैकुंठपुर तक पुलिस सक्रिय हुई और फ्लैग मार्च शुरू किया. 

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नौगई के उपसरपंच बोले कोई घर से बाहर नहीं निकल रहा 

ग्राम पंचायत नौगई के उपसरपंच शिवशंकर ने NDTV  से बात करते हुए बताया कि उन्हें घटना की जानकारी 17 जून की सुबह मिली. उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर पहुंच तो रूह कांप गई.  पूरे गांव में दहशत का माहौल है, हालात यह हैं कि लोग रात में घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं. दिन में भी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. पीडीएस संचालक कैलाश गुप्ता ने कहा कि पहले जहां इलाके में चहल-पहल रहती थी, अब सुनसान है. लोग डर के कारण अपने घरों में ही रहना पसंद कर रहे हैं.  
गांव की सड़क पर नाकेबंदी, पुलिस तैनात.

गांव की सड़क पर नाकेबंदी, पुलिस तैनात.

मृतक भाजपा नेता के परिजन क्या बोले?

मृतक भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह के परिजन राजेंद्र सिंह ने पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा- घटना के बाद से परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है. भरत की हत्या में में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे, लेकिन पुलिस की अब तक की कार्रवाई सीमित दिखाई दे रही है. इतना जघन्य अपराध करने वाले आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.  

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करणी और शिव सेना ने दी आंदोलन की चेतावनी  

राजपूत करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह परिहार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर, सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा. वहीं, शिवसेना के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष हरि कपूर सिंह ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि अगर, प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही बरती गई तो समाज आंदोलन के लिए मजबूर होगा. 
धारा 163 के बीच गांव में तैनात पुलिस बल.

धारा 163 के बीच गांव में तैनात पुलिस बल.

त्रिपाठी और ठाकुर की दुश्मनी जघन्य हत्याकांड का कारण है?

तीन लोगों की हत्या मनोज त्रिपाठी और भरत सिंह ठाकुर परिवार के बीच चली आ रही कई साल पुरानी रंजिश का नतीजा है. दोनों परिवारों का अपना वर्चस्व है. साथ ही, दोनों परिवार कथित तौर पर अवैध रेत खनन से जुड़े बताए जा रहे हैं. इसी कारण दोनों में अक्सर तनाव रहता था. 

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कटगोड़ी गांव में राउंड लगाती पुलिस की टीम.

कटगोड़ी गांव में राउंड लगाती पुलिस की टीम.

कोरिया ASP सुरेश चौबे बोले- अक्सर होता था विवाद 

कोरिया के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश चौबे ने बताया कि त्रिपाठी और ठाकुर परिवार के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी. रेत खदान को लेकर भी दोनों परिवार में अक्सर विवाद की स्थिति बनती रहती थी. शुरुआती जांच के अनुसार, विवाद के दौरान भरत सिंह की फॉर्च्यूनर वाहन में पेट्रोल डालकर आग लगाई गई थी, इसमें भरत सिंह उर्फ लल्ला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नागेंद्र और वीरेंद्र ने बाद में दम तोड़ दिया.
पुलिस की गिरफ्त में हत्याकांड के चार आरोपी.

पुलिस की गिरफ्त में हत्याकांड के चार आरोपी.

फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस  

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश चौबे ने बताया कि इस मामले में 9 आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है. मनोज त्रिपाठी समेत अन्य फरार 5 आरोपियों की तलाश की जा रही है. 

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Manoj Kumar Singh
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