देश के छोटे शहरों से विदेश जाने वाले एयर पैसेंजर्स को अब दिल्ली या मुंबई एयरपोर्ट जाकर अलग से ट्रांजिट, इमिग्रेशन या सामान की दोबारा चेकिंग कराने की जरूरत नहीं होगी. लोग अब अपने होमटाउन वाले एयरपोर्ट से ही एक ही बार में बैगेज चेक-इन और इमिग्रेशन पूरा कर सकेंगे. सिविल एविएशन सेक्टर (Civil Aviation Sector) में आज से ही इस ऐतिहासिक सुधार की शुरुआत हुई है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री 'के राममोहन नायडू' ने विमानन क्षेत्र के कायाकल्प के लिए बहुप्रतीक्षित 'हब एंड स्पोक' (Hub and Spoke) मॉडल लॉन्च किया.
इस नए मॉडल के तहत अब छोटे शहरों (टियर-2 और टियर-3 शहरों) के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े महानगरों के एयरपोर्ट पर जाकर अलग से ट्रांजिट, इमिग्रेशन और सामान की दोबारा चेकिंग कराने की जरूरत नहीं होगी. यात्री अपने होम एयरपोर्ट से ही पूरी अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए एक बार में इमिग्रेशन और बैगेज चेक-इन पूरा कर सकेंगे.
इस क्रम में वाराणसी से लंदन की पहली कनेक्टिंग फ्लाइट रवाना हुई. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने पहले हब-एंड-स्पोक इंटरनेशनल ऑपरेशन का शुभारंभ किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसको लेकर अपना विशेष संदेश भेजा है.
'रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और इन्फॉर्म' हमारा मंत्र: राममोहन नायडू
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने सरकार का विजन साझा किया. उन्होंने कहा, "हमारा मंत्र 'रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और इन्फॉर्म' (Reform, perform, transform, inform) है. 'हब एंड स्पोक' मॉडल देश के आंतरिक हवाई सफर को बढ़ावा देने और छोटे शहरों को वैश्विक नेटवर्क से जोड़ने के हमारे विजन का हिस्सा है."
उन्होंने बताया कि देश में वर्तमान में 36 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं, जिनमें से 6 प्रमुख हवाई अड्डे बड़े वैश्विक हब के रूप में काम करते हैं. पहले वाराणसी जैसे शहरों के लोगों को विदेश जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी और दिल्ली जैसे बड़े हब पर आकर विमान बदलने की असुविधा का सामना करना पड़ता था. लेकिन अब यह पूरी प्रक्रिया सुगम हो जाएगी. एयर इंडिया ने पहले ही इस मॉडल को लॉन्च कर दिया है, और जल्द ही इंडिगो (IndiGo) भी इस मॉडल में शामिल होने जा रही है. अगले 6 हफ्तों के भीतर देश के 6 नए शहरों को 'स्पोक शहरों' (Spoke Cities) के रूप में तब्दील कर दिया जाएगा.
प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं
वाराणसी से शुरू हुई इस ऐतिहासिक सेवा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और इस पहल से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी है. प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि यह कदम यात्रियों के समय की बचत करेगा, विमानों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करेगा और बड़े हवाई अड्डों पर भीड़भाड़ को कम करने में सहायक होगा. उन्होंने वाराणसी को विकास और विरासत का प्रतीक बताते हुए इस अंतरराष्ट्रीय परिचालन के शुभारंभ पर हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं.
पिछले 12 वर्षों में दोगुना हुआ सिविल एविएशन सेक्टर
केंद्रीय मंत्री ने विमानन क्षेत्र के विकास के आंकड़े साझा करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में इस सेक्टर में दोगुनी बढ़ोतरी देखी गई है:
- एयरपोर्ट्स की संख्या: साल 2014 में देश के भीतर केवल 74 हवाई अड्डे संचालित थे, जो अब बढ़कर 160 से अधिक हो चुके हैं.
- पैसेंजर ट्रैफिक: देश में हवाई यात्रियों की संख्या (Passenger Traffic) भी अब पहले के मुकाबले दोगुनी हो चुकी है.
- भविष्य का लक्ष्य: सरकार की योजना अगले 10 वर्षों में 100 नए हवाई अड्डे बनाने की है, जिसमें प्रति वर्ष 10% की अनुमानित विकास दर (Projected Growth Rate) का लक्ष्य रखा गया है.
छोटे शहरों के बिजनेस को मिलेगा बड़ा फायदा
नायडू ने जोर देकर कहा कि हवाई अड्डे सिर्फ यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि व्यापार के बड़े हब भी हैं. इस मॉडल से देश की अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ होगा. उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे हवाई मार्ग के जरिए असम की लीची पहली बार इटली पहुंची और बिहार की प्रसिद्ध लीची दुबई और सिंगापुर के बाजारों तक पहुंची.
उन्होंने कहा कि इस कनेक्टिविटी का सीधा लाभ वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों के बुनकरों, साड़ी उद्योग और हैंडलूम कारोबार को मिलेगा, जिससे उनके उत्पाद सीधे वैश्विक बाजारों तक पहुंच सकेंगे. इससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और आर्थिक प्रगति सुदृढ़ होगी.
वाराणसी हवाई अड्डे का होगा कायाकल्प
वाराणसी (बापटपुर) हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर मंत्री ने बड़ी घोषणाएं कीं. उन्होंने कहा कि वाराणसी एयरपोर्ट के लिए हमारा लक्ष्य प्रति वर्ष 1 करोड़ यात्रियों (1 Crore per year passenger traffic) की क्षमता हासिल करना है.
- नया टर्मिनल: एयरपोर्ट पर एक अत्याधुनिक नए टर्मिनल भवन का निर्माण किया जा रहा है.
- नया रनवे और CAT III तकनीक: एयरपोर्ट पर एक नया रनवे तैयार हो रहा है, जिसे CAT III तकनीक (खराब दृश्यता और कोहरे में भी लैंडिंग की सुविधा) से लैस किया जा रहा है.
- समय सीमा: केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि इन सभी विकास कार्यों को अगले 13 महीनों के भीतर पूरा करने का कड़ा लक्ष्य (Target) रखा गया है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं