पिछले कुछ समय से म्यूचुअल फंड में लोग रिकॉर्ड पैसा लगा रहे हैं. अप्रैल 2026 में कुल निवेश बढ़कर 3.22 लाख करोड़ रुपये का हो गया. फ्लेक्सी के साथ स्मॉल, मिड कैप में निवेशक लगातार रुचि ले रहे हैं. ये तो बात आंकड़ों की हो गई. अब बात उन निवेशकों की करते हैं, जिन्होंने एसआईपी में पैसा लगाया हुआ है, पर किसी कारणवश किसी एक महीने में एसआईपी का पेमेंट नहीं दे पाए हैं. ऐसे में इन्वेस्टर के मन में सवाल आता है कि क्या उनका एसआईपी अकाउंट बंद हो जाएगा? या फिर इस पर कोई पेनल्टी लगेगी? इन्हीं सभी सवालों के जवाब PHD कैपिटल ने दिए हैं, जिन्हें जान आप बड़े नुकसान से बच सके हैं.
सवाल 1- एसआईपी की ड्यू डेट पर अकाउंट में पैसे नहीं हुए, तो फिर क्या होगा?
मान लीजिए आपके अकाउंट में बैलेंस कम हैं और एसआईपी की ड्यू डेट आ गई है तो बस उस महीने की किस्त स्किप हो जाएगी. म्यूचुअल फंड कंपनी इसके लिए आपसे एक रुपये भी पेनल्टी के तौर पर नहीं लेगी. पीएसडी कैपिटल्स के अनुसार हालांकि एक बात यहां ध्यान रखने वाली है कि फंड हाउस पेनल्टी ना लगाए, लेकिन बैंक अकाउंट में बैलेंस ना होने की वजह से 100 रुपये से लेकर 750 रुपये तक बाउंस या NACH रिटर्न चार्ज लगा सकती है.
पीएचडी कैपिटल्स ने आगे बताया कि केवल एक बार एसआईपी मिस होने से कैंसिल नहीं होती है. अगले महीने वो अपने आप दुबारा शुरु हो जाएगी. लेकिन यही सिलसिला लगातार 3 महीने तक जारी रहा तो फंड हाउस एसआईपी को हमेशा के लिए रोक देगा.
सवाल 2- एसआईपी मिस होने के बाद बैंक में पैसा डालने पर एसआईपी कट जाएगी?
इस सवाल का जवाब है नहीं. ऐसा नहीं होगा. दरअसल पीएचडी कैपिटल्स के अनुसार एसआईपी का सिस्टम ऑटोमैटिक है. बैंक सिर्फ एक फिक्स डेट ही पैसा काटने की कोशिश करता है. ऐसे में अगर ऑटो डेबिट की ये विंडो बंद हो गई तो सिस्टम इसे मिस मानकर बंद कर देता है. ऐसे में 5 दिन हों या 10 दिन, आप अगर बैलेंस अपने अकाउंट में डालते हैं तो बैंक एसआईपी का अमाउंट नहीं काटेगा. बैंक अब अगली एसआईपी की डेट पर ही अमाउंट डेबिट करेगा.
सवाल 3- अब मिस हुई किस्त को कहां निवेश करें?
पीएचडी कैपिटल्स ने जानकारी देते हुए कहा कि अगर आप इन्वेस्टमेंट साइकल को रुकने नहीं देना चाहते, तो इसके लिए वन टाइम एडिशनल परचेज का सहारा ले सकते हैं. भारी भरकम शब्द को जान कंफ्यूज मत होइए. दरअसल निवेशक अपने म्यूचुअल फंड ऐप या डिस्ट्रीब्यूटर से उस स्कीम में बची हुए पैसे को एकमुश्त निवेश कर सकते हैं. ये निवेश फ्रेश खरीदारी माना जाएगा. इसलिए इस पर कोई भी पेनल्टी नहीं लगेगी.
पीएचडी कैपिटल्स ने निवेशकों को सलाह देते हुए कहा है कि अपनी एसआईपी डेट को सैलरी क्रेडिट होने की तारीख के 2 से 3 दिन बाद ही रखें. इसके साथ ही अगर किसी महीने पैसे की कमी है तो उस महीने एसआईपी के ऑटो डेबिट फीचर को रोक दें, इससे किसी भी बैंकिंग चार्ज से बचा जा सकता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं