विज्ञापन

अमेरिका-ईरान डील के बाद सोमवार को भारतीय बाजार मे ये शेयर बनेंगे धुरंधर

अमेरिका-ईरान के बीच संभावित शांति समझौते और होर्मुज खुलने से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद है. खबर में जानिए सोमवार को भारतीय शेयर मार्केट पर इसका क्या असर हो सकता है.

अमेरिका-ईरान डील के बाद सोमवार को भारतीय बाजार मे ये शेयर बनेंगे धुरंधर

जरा सोचिए, बीते शुक्रवार को जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने इतना ही कहा था कि अब ईरान पर अमेरिका हमला नहीं करेगा. इसके बाद ही भारतीय शेयर मार्केट के साथ ग्लोबल मार्केट झूम उठे थे. सेंसेक्स 2.30% की तेजी के साथ बंद हुआ था तो निफ्टी 1.99% की ग्रोथ के साथ क्लोज हुआ था. अब जरा ये सोचिए कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो जाता है, जैसा ट्रंप कह रहे हैं, तो फिर बाजार में कितनी तेजी आएगी. शांति समझौते के अलावा राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया है पीस डील के बाद ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दिया जाएगा. अगर ऐसा हुआ तो वैश्विक अर्थव्यवस्था जिस बड़ी एनर्जी शॉक से परेशान थी, वो अब खत्म हो जाएगी. इस रास्ते के खुलते ही सोमनार को भारतीय शेयर मार्केट में बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है. एक्सपर्ट ने तो चौतरफा खरीदारी की बात तक कह दी है.

सोमवार को इन सेक्टर्स में दिखेगा बड़ा उछाल

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से कच्चे तेल की कीमतें नीचे जाएंगी. इससे उन कंपनियों को फायदा होगा जो कच्चे तेल को इस्तेमाल रॉ मटेरियल के तौर पर करती हैं. इसलिए पेंट और टायर, एविएशन स्टॉक्स, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयर में निवेशक जमकर खरीदारी कर सकते हैं. अगर इस सेक्टर की कंपनियों की बात करें तो इसमें शामिल हैं-

  • पेंट और टायर कंपनियों में एशियन पेंट्स, बर्जर पेंट्स शामिल हैं. इससे कंपनियों के मार्जिन में सुधार होगा क्योंकि इनपुट कॉस्ट क्रूड डेरिवेटिव्स पर डिपेंड करती है.
  • एविएशन स्टॉक्स की बात करें तो एटीएफ सस्ता होगा तो एयर इंडिया, इंडिगो जैसी एयरलाइन कंपनियों के शेयरों में जोरदार लिवाली देखी जा सकती है.
  • ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में एचपीसीएल, बीपीसीएल, और आईओसीएल जैसी सरकारी तेल कंपनियों के मार्जिन में सुधार होगा, जिससे निवेशक इनकी तरफ रुख कर सकते हैं.

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत को मिलेगी राहत

भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदता है. जंग के पहले ही दिन से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो गया था, नतीजन तेल की कीमतें आसामान पर पहुंच रही हैं. इससे भारत के साथ कई देशों में महंगाई की आशंका बढ़ गई. एक्सपर्ट ने बताया है कि कच्चे तेल के दामों में 15 से 20 डॉलर प्रति बैरल की कमी देखी जा सकती है. तेल सस्ता होने से भारत का फिस्कल डेफिसिट कम होगा, जिससे लोकल मार्केट में महंगाई से राहत मिल सकती है.

रुपये और विदेशी निवेशकों पर रहेंगी सभी की नजरें

अब जब कच्चे तेल सस्ता होगा तो भारत को इसके खरीद के लिए कम डॉलर खर्च करने होंगे. इससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मजबूत होगा. अमूमन देखा गया है कि जब रुपया मजबूत होता है तो विदेशी संस्थागत निवेशक देश के मार्केट में अपना फ्लो बढ़ा देते हैं. पिछले कुछ समय से लगातार जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते ये पैसा देश के बाहर जा रहा है. कुल मिलाकर ये कह सकते हैं कि सोमवार का पहला कारोबारी दिन निवेशकों को खुश कर देने वाला साबित हो सकता है.

ये भी पढ़ें- मस्क की SpaceX IPO पर फिडेलिटी की मनमानी, भारतीय दिग्गजों ने कहा- 'भारत होता तो SEBI दिन में तारे दिखा देती'

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Us Iran Peace Deal, Strait Of Hormuz Reopen, Indian Stock Market Impact, Crude Oil Prices Drop, Nifty Sensex Impact
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com