विज्ञापन

394 फर्जी कंपनियों के जरिये विदेश भेजे गए 1.29 लाख करोड़ रुपये! चीन या दुबई नहीं, यहां गया मोटा पैसा

Income Tax Department ने 394 शेल कंपनियों के जरिए विदेश भेजे गए 1.29 लाख करोड़ रुपये की जांच शुरू कर दी है. जानिए किन देशों में सबसे ज्यादा पैसा ट्रांसफर हुआ है.

394 फर्जी कंपनियों के जरिये विदेश भेजे गए 1.29 लाख करोड़ रुपये! चीन या दुबई नहीं, यहां गया मोटा पैसा
Remittance Probe I-T Department: विदेशों में भेजा गया मोटा पैसा
(NDTV File Photo)

टैक्‍स डिपार्टमेंट की जांच में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. रिपोर्ट के मुताबिक, टैक्‍स डिपार्टमेंट को 1.29 लाख करोड़ रुपये फर्जी तरीके से विदेश भेजे जाने का पता चला है. आर्थिक गलियारों में इस खुलासे ने सनसनी फैला दी है. टैक्स डिपार्टमेंट ने इस मामले में 394 शेल कंपनियों के जरिए विदेश भेजे गए भारी-भरकम फंड ट्रांसफर की जांच शुरू कर दी है. वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के दौरान हजारों संस्थाओं के जरिये इतनी बड़ी रकम देश से बाहर भेजे जाने के मामले में ये कार्रवाई शुरू की गई है. विभाग ये पता लगा रहा है कि वे कौन लोग हैं, जिन्‍हें इतनी बड़ी रकम की हेराफेरी से फायदा हुआ है.  

NDTV प्रॉफिट के सूत्रों के मुताबिक, आयकर विभाग ने विदेशी फंड ट्रांसफर (रेमिटेंस) के मामले में 394 संस्थाओं के खिलाफ जांच शुरू कर दी है, जिसके तहत 18 अगस्त को कार्रवाई की गई. सूत्रों ने बताया कि जांच के दायरे में आने वाली ये संस्थाएं ज्यादातर 'पेपर' यानी फर्जी कंपनियां हैं. अधिकारी इन फंडों के असली स्रोत और अंतिम गंतव्य का पता लगा रहे हैं, साथ ही विदेशी ट्रांसफर के पीछे के असली लाभार्थियों की भी जांच की जा रही है. ये जांच ऐसे आंकड़े सामने आने के बाद शुरू हुई है.

किन देशों में ट्रांसफर हुआ सबसे ज्यादा पैसा?

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही (Q2 FY26) के दौरान 6,422 संस्थाओं ने कुल 1.29 लाख करोड़ रुपये विदेश भेजे. इस कुल आउटफ्लो का 72.3 प्रतिशत हिस्सा पांच प्रमुख देशों में गया है.

  • सिंगापुर: 41,885 करोड़ रुपये (सबसे ज्‍यादा)
  • यूएई (UAE): 18,331 करोड़ रुपये.
  • हांगकांग: 18,064 करोड़ रुपये.

इसके अलावा, मॉरीशस और चीन जैसे देश भी इस लिस्ट में शामिल हैं, जबकि 83 ऐसी संस्थाओं द्वारा 36,175 करोड़ रुपये भेजे गए जिनके पते विदेशी थे.

फंड ट्रांसफर की रफ्तार, रडार पर कंपनियां 

विदेशी फंड भेजने की रफ्तार में भी तेज उछाल देखा गया है. चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (H1 FY26) में ही 43,048 करोड़ रुपये विदेश भेजे जा चुके हैं, जो कि पूरे वित्त वर्ष 2025 के आंकड़े का 78 प्रतिशत है. टैक्स अधिकारी इन ट्रांजैक्शन के बताए गए उद्देश्यों की भी गहराई से जांच कर रहे हैं.

  1. 44,474 करोड़ रुपये: लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LTCG) के रूप में दिखाए गए.
  2. 27,128 करोड़ रुपये: 'अन्य आय' (Other Income) के तौर पर.
  3. 16,423 करोड़ रुपये: माल भाड़े (Freight Charges) के रूप में.

कैसे हुआ इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा?

जांच एजेंसियों के अनुसार, पिछले तीन सालों में जिन कंपनियों ने बहुत कम या शून्य टर्नओवर (Turnover) दिखाया था, लेकिन इसके बावजूद भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा बाहर भेजी, उन्हें ग्राउंड इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स के जरिए पहचाना गया. यह कार्रवाई फर्जी चैर्स्टेबुल ट्रस्टों के एक ऐसे नेटवर्क पर हुई छापेमारी के बाद शुरू हुई है, जो फर्जी दान और योगदान के जरिए 'अकोमोडेशन एंट्री' देने में शामिल थे.

ये भी पढ़ें: क्रेडिट कार्ड बिल के 46 पैसे भूलने पर HDFC बैंक ने ठोंका 1,200 रुपये जुर्माना, RBI का नियम जान लीजिए, काम आएगा

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Remittance Flows To India, Remittance Tax, Remittances From Abroad, Income Tax Deparment, Income Tax Department Probe
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com