स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट को 100 दिन पूरे हो चुके हैं. सरकारी तेल कंपनियों ने भारत में 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलिंडर को कीमतों में बढ़ोत्तरी ऐसे समय पर की है, जब मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ने लगा है. रविवार को अमेरिका सेना ने दावा किया कि उसने दो ईरानी हमलावर ड्रोनों को मार गिराया है, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में यातायात को खतरा था.
Earlier today, U.S. forces in the Middle East shot down two Iranian one-way attack drones that threatened international maritime traffic in the Strait of Hormuz.
— U.S. Central Command (@CENTCOM) June 7, 2026
American forces remain postured and ready to continue defending against Iranian aggression.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर बयान जारी कर कहा, "आज मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को खतरे में डालने वाले दो ईरानी एकतरफा हमले वाले 2 ड्रोन्स को मार गिराया. अमेरिकी सेनाएं ईरानी आक्रामकता के खिलाफ बचाव जारी रखने के लिए तैयार हैं".
होर्मुज में स्थिति बिगड़ी या सुधरी?
इस ताजा घटनाक्रम से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिये ऑयल और गैस टैंकरों की आवाजाही पर फिर तलवार लटक गई है. भारत अपनी जरूरत का 60% एलपीजी दुनियाभर के बाजारों से आयात करता है, जिसका 90% हिस्सा इस साल 28 फरवरी को मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने से पहले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता था. जंग के असर से निपटने के लिए भारत सरकार ने तेल कंपनियों के साथ मिलकर एलपीजी के आयात सोर्स को बड़े स्तर पर डायवर्सिफाई किया और अब दुनिया के नए बाज़ारों से एलपीजी का स्टॉक आयात किया जा रहा है. लेकिन इसकी वजह से आयात का खर्च काफी बढ़ गया है.
भारत में इस संकट का सीधा असर
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, पिछले एक साल में घरेलू एलपीजी पर अंडर-रिकवरी बढ़कर ₹60,000 करोड़ होने का अनुमान है, जो एक साल पहले ₹41,338 करोड़ थी. रविवार को 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोत्तरी के बाद भी सरकारी तेल कंपनियों की अंडर-रिकवरी प्रति सिलिंडर 600 से 700 रुपये है. सरकारी तेल कंपनियों ने बताया कि एलपीजी के आयात पर खर्च बढ़ने से एक सिलेंडर की सप्लाई करने पर कुल खर्च करीब 1,600 से 1,700 रुपये तक पहुंच गया है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में संकट के दौरान एलपीजी के लिए साऊदी सीपी बेंचमार्क में लगभग 50% का इजाफा हुआ है.
दुनिया में सबसे सस्ती रसोई गैस भारत में
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एलपीजी अंडर-रिकवरी के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को ₹30,000 करोड़ के मुआवजे को मंजूरी दे दी है. साथ ही सब्सिडी को लेकर बताया कि सीधे 10.35 करोड़ से ज्यादा उज्ज्वला कनेक्शनों तक सब्सिडी पहुंचती रहेगी. यानी उज्ज्वला परिवारों को 300 रुपये प्रति सिलेंडर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर मिलता रहेगा. भारत में एलपीजी उपभोक्ताओं को दुनिया में सबसे कम कीमत पर रसोई गैस सप्लाई की जा रही है. भारतीय सिलेंडर किसी भी पड़ोसी देश की तुलना में सस्ता है और संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं की कीमत से काफी कम है.
अब आगे क्या है उम्मीद?
जाहिर है, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और टकराव आने वाले दिनों में अगर और बढ़ता है, तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की सप्लाई और बाधित होगी, उनकी कीमतें बढ़ेंगी और भारत का तेल और गैस आयात पर खर्च भी बढ़ जाएगा.
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