उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में नेपाल से छोड़े गए पानी से उफनाई सरयू नदी ने एक हफ्ते तक शांत रहने के बाद फिर से रौद्र रूप धारण कर लिया है. बाराबंकी के रामनगर क्षेत्र के हेतमापुर गांव में रविवार को तेज कटान के चलते करीब 150 साल पुरानी उधिया मस्जिद और 35 मकान नदी में समा गए. अब करीब 1100 साल पुराने बाबा नारायण दास धाम पर भी संकट मंडरा रहा है. धाम का भवन नदी की तेज कटान की चपेट में आने लगा है. सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 40 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है. नदी का पानी और तेज कटान देखकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. कुछ परिवार अपने घरों की ईंटें और जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाते रहे. कई मकान कटे हुए किनारे पर खतरनाक स्थिति में लटके हुए हैं.
गांव वालों की दर्द भरी दास्तां...
मस्जिद के नदी में समाने से गांव के लोग दुखी हैं. हाफिज मोहम्मद शादाब ने कहा कि मस्जिद के नदी में समा जाने से सभी को बेहद दुख है. अब उनकी दुआ है कि प्राचीन बाबा नारायण दास धाम सुरक्षित बच जाए.
वहीं, मोहम्मद सफीक ने बताया कि उनके परिवार में करीब 40 लोग हैं. घर और सामान नदी में समा गया. उन्होंने बताया कि वह मंदिर में प्रसाद और मिठाई बनाने का काम करते हैं और इसी से परिवार की रोजी-रोटी चलती है.
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कटान की चपेट में पशु का हॉस्पिटल भी आ गया है. उसकी बाउंड्रीवाल नदी में बह चुकी है और भवन भी कटान के मुहाने पर पहुंच गया है.
जानकारी मिलने पर एसपी अर्पित विजयवर्गीय, एडीएम निरंकार सिंह, एसडीएम रामनगर आकांक्षा गुप्ता और बाढ़ खंड के अधिकारी शशिकांत सिंह सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा. बाबा नारायण दास धाम को बचाने की कोशिश की जा रही है. प्रशासन नदी के जलस्तर और कटान पर लगातार निगरानी कर रहा है. वहीं, नदी में करीब पौने पांच लाख क्यूसेक पानी और ज्यादा आने की जानकारी मिलने से आने वाले वक्त में जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है.
लगातार बारिश के चलते नदी का बहाव तेज हो गया है और किनारे की जमीन लगातार नदी में समाती जा रही है. कई परिवार अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं.
ग्रामीणों को आशंका है कि अगर कटान की यही रफ्तार जारी रही तो बचे हुए घरों के साथ बाबा नारायण दास मंदिर को भी नुकसान पहुंच सकता है. कहा जाता है कि सरयू नदी कितनी भी बढ़ जाए लेकिन इसकी लहरें मंदिर को छूकर वापस चली जाती हैं लेकिन इस बार स्थित काी भयावह हो गयी है.
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