Biscuit Price Hike: पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच आम आदमी को महंगाई का एक और झटका लगने वाला है. FMCG कंपनियों की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी ने रसोई और वाशरूम का खर्च तो बढ़ाया ही है, अब महंगाई पर एक और अपडेट सामने आया है. लाखों लोगों की फेवरेट बिस्किट गुड-डे (Good Day Biscuit) महंगी होने वाली है. ब्रिटैनिया (Britannia Industries) ने गुड-डै ब्रैंड के तहत कई सारे बिस्किट पैक के दाम 8 से 9 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं. डिस्ट्रीब्यूटर सूत्रों ने NDTV प्रॉफिट को ये जानकारी दी है कि फैमिली पैक अब 10 रुपये महंगा हो सकता है, जबकि 5-10 रुपये वाले छोटे पैकेट पर भी ग्राहकों को झटका लगने वाला है.
कौन-सा पैक कितना महंगा हुआ? | New rate List
ब्रिटैनिया (Britannia) अपनी पॉपुलर बिस्किट गुड-डे के फैमिली पैक की कीमत 10 रुपये बढ़ाने जा रही है. जानकारी के अनुसार,
- पिस्ता बादाम बिस्किट का 526 ग्राम वाला पैकेट अब 130 रुपये की बजाय 140 रुपये का मिलेगा.
- बटर फैमिली पैक अब 120 रुपये का मिलेगा, जबकि Cashew Family Pack अब 130 रुपये का मिलेगा.
- 5 और 10 रुपये वाले सस्ते पैक की कीमतों में शायद सीधे तौर पर कोई बढ़ोतरी नहीं की जा सकती है.
- इसकी बजाय कंपनी इन पैकेट्स में बिस्किट का वजन (grammage) कम कर सकती है.
कुल मिलाकर कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर महंगे पैकेट और फैमिली पैक पर पड़ने की उम्मीद है.
क्यों दाम बढ़ा रही ब्रिटैनिया?
कीमतों में ये बढ़ोतरी कमोडिटी और पैकेजिंग की बढ़ती लागत के कारण की जा रही है. कंपनी ने अपनी हालिया अर्निंग कॉन्फ्रेंस कॉल में बताया कि वो कीमतों में चुनिंदा तरीके से बढ़ोतरी करेगी. इसमें छोटे पैक में वजन में बदलाव करना और 10 रुपये से ज्यादा प्राइस वाले पैक की कीमतें बढ़ाना शामिल है.
केवल गुड-डे बेचकर 3,500 करोड़ कमाई
आपको जानकर आश्चर्य हो सकता है कि ब्रिटैनिया की कुल कमाई में बिस्किट का हिस्सा 70–75% है, जिसमें अकेले Good Day का योगदान करीब 3,500 करोड़ रुपये है, जो बिस्किट से होने वाली कुल कमाई का लगभग 25% है. ये सेगमेंट कंपनी के लिए 18–20% EBITDA मार्जिन का आधार भी है.

चौथी तिमाही में अच्छा मुनाफा पर मार्जिन कमजोर
कीमतों में ये बदलाव चौथी तिमाही के मिले-जुले नतीजों के साथ सामने आया है. कंपनी ने बताया कि उसकी कुल कमाई (consolidated revenue) पिछले साल की तुलना में 6.5% बढ़कर ₹4,719 करोड़ हो गई, जबकि EBITDA 5.9% बढ़कर ₹853 करोड़ हो गया. दोनों ही आंकड़े विश्लेषकों के अनुमान से कम रहे. EBITDA मार्जिन 18.1% रहा, जो पिछले साल की तुलना में 9 बेसिस पॉइंट और पिछली तिमाही की तुलना में 165 बेसिस पॉइंट कम है. ऐसा विज्ञापन पर ज्यादा खर्च के चलते हुआ.
हालांकि कंपनी का शुद्ध मुनाफा (Net profit) उम्मीदों से बेहतर रहा और पिछले साल की तुलना में 21.1% बढ़कर ₹678 करोड़ हो गया. कंपनी ने प्रति शेयर ₹90.5 का अंतिम लाभांश (final dividend) देने की घोषणा की है.
जनवरी और फरवरी में कंपनी का बिजनेस करीब 9% बढ़ा है, जबकि मार्च में बिजनेस कमजोर रहा. Axis Securities ने ब्रिटैनिया के स्टॉक पर अपनी 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी, लेकिन लागत के दबाव और भू-राजनीतिक चुनौतियों का हवाला देते हुए, इसका टारगेट प्राइस ₹7,170 से घटाकर ₹6,360 कर दिया है.
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