भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को पीएम के आर्थिक सलाहकार समिति के सदस्य संजीव सान्याल 'विन-विन डील' बताया. उन्होंने कहा, 'जहां तक मेरी समझ है, अब तक हमें जो जानकारी मिली है उसके अनुसार हमारे पास एक बहुत ही ठोस समझौता (solid deal) तैयार है. मेरी समझ यह है कि हमें वह मिल गया है जो हम चाहते थे, और मुझे लगता है कि अमेरिका को भी वही मिला है जो वे चाहते थे, इसलिए यह दोनों पक्षों के लिए एक अच्छा समझौता होना चाहिए.'
'इकोनॉमी के लिए सस्ते संसाधन हमारी प्राथमिकता'
रूसी तेल आयात पर प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार समिति सदस्य संजीव सान्याल ने कहा, 'यह हमेशा से रहा है कि हम भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सस्ते संसाधनों (cheap resources) की तलाश में रहते हैं.' उन्होंने आगे कहा, 'हमने कमोबेश यह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी दुनिया को लेकर हमारा यही नजरिया रहेगा. इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपने सहयोगियों के विचारों को ध्यान में नहीं रखेंगे, लेकिन हमारे सहयोगियों को भी यह समझना होगा कि हमारी अपनी जरूरतें और प्राथमिकताएं (imperatives) हैं, और मुझे लगता है कि कुछ आपसी तालमेल (adjustments) बिठा लिए जाएंगे.'
'हाई ग्रोथ रेट हासिल कर सकता है भारत '
संजीव सान्याल ने कहा, महंगाई दर अभी 2% से भी नीचे चल रही है. मैक्रो इकोनॉमी के अन्य इंडिकेटर्स भी अच्छी स्थिति में हैं. 'करंट अकाउंट' ठीक-ठाक स्थिति में है और राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) धीरे-धीरे कम हो रहा है.'
उन्होंने आगे कहा, 'आज बैंकिंग प्रणाली का नेट NPA स्तर गिरकर 0.5% पर आ गया है. दुनिया के किसी भी मानक के हिसाब से यह बहुत स्वस्थ स्थिति है. बैंकों के कैपिटल अच्छे हैं. इसलिए, यदि हम बिना किसी दबाव के इस तरह की विकास दर हासिल कर रहे हैं, तो मुझे लगता है कि हम इसे न केवल बरकरार रख सकते हैं, बल्कि यदि परिस्थितियां अनुकूल होती हैं (जैसे कि नए व्यापार समझौतों और अन्य चीजों की वजह से) तो हम भविष्य में इससे भी काफी उच्च विकास दर (higher growth rates) हासिल कर सकते हैं और उसे लंबे समय तक बनाए रखने में सक्षम हो सकते हैं.'
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