Post Office Investment Schemes: भारत में आज भी बड़ी संख्या में लोग सुरक्षित निवेश और गारंटीड रिटर्न के लिए पोस्ट ऑफिस की स्कीमों पर भरोसा करते हैं क्योंकि इनके पीछे सरकार का सपोर्ट होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पोस्ट ऑफिस की हर सेविंग स्कीम आपको टैक्स में छूट नहीं दिलाती? किसी भी स्कीम में निवेश करने से पहले यह समझना बहुत जरूरी है कि आपके पैसे पर टैक्स कैसे लगता है. अगर आप सही स्कीम नहीं चुनते हैं, तो टैक्स कटने के बाद आपका असली मुनाफा काफी कम हो सकता है.
पीपीएफ (PPF): टैक्स फ्री बचत का सबसे भरोसेमंद विकल्प
लंबी अवधि के लिए पीपीएफ आज भी निवेश का सबसे शानदार जरिया माना जाता है क्योंकि इसमें जमा राशि, मिलने वाले ब्याज और मैच्योरिटी के समय मिलने वाले पैसे पर कोई टैक्स नहीं लगता. फिलहाल इस पर 7.1 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है और आप साल भर में 500 रुपये से लेकर 1.5 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं.
ओल्ड टैक्स रिजीम में आपको धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है, जिससे आपकी टैक्सेबल इनकम कम हो जाती है. 15 साल की मैच्योरिटी के बाद आप पूरा पैसा बिना एक भी रुपया टैक्स दिए निकाल सकते हैं.
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): बेटियों के भविष्य के साथ टैक्स की बचत
अगर आप अपनी बेटी के भविष्य के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो यह योजना सबसे ज्यादा 8.2 प्रतिशत का ब्याज दे रही है. इसमें भी निवेश करने पर आपको धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है और मिलने वाला ब्याज भी पूरी तरह टैक्स फ्री होता है. यह खाता 21 साल में मैच्योर होता है और उस समय मिलने वाली पूरी रकम पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता. इसमें आपको केवल 15 साल तक पैसे जमा करने होते हैं, जबकि ब्याज का फायदा पूरे 21 साल तक मिलता रहता है.
एनएससी (NSC) और टाइम डिपॉजिट: ब्याज पर टैक्स का रखें ध्यान
नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) पर 7.7 प्रतिशत ब्याज मिलता है और इसमें 5 साल का लॉक-इन पीरियड होता है. इसमें खास बात यह है कि पहले 4 सालों तक मिलने वाले ब्याज को फिर से निवेश मान लिया जाता है और उस पर भी 80C की छूट मिलती है, लेकिन पांचवें साल का ब्याज टैक्स के दायरे में आता है. वहीं, पोस्ट ऑफिस के टाइम डिपॉजिट में केवल 5 साल वाली स्कीम पर ही 80C का फायदा मिलता है. इसमें मिलने वाले ब्याज पर आपको हर साल अपने इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होता है.
इन स्कीमों में निवेश से पहले हो जाएं सावधान
पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (POMIS) और किसान विकास पत्र (KVP) जैसी योजनाएं उन लोगों के लिए अच्छी हैं जो सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं, लेकिन इनमें टैक्स बचाने का कोई फायदा नहीं मिलता.
- एमआईएस में आप जो पैसा जमा करते हैं उस पर कोई छूट नहीं मिलती और हर महीने मिलने वाला ब्याज भी टैक्स के दायरे में आता है.
- किसान विकास पत्र में आपका पैसा लगभग 9.5 साल में डबल तो हो जाता है, लेकिन इसके ब्याज पर आपको अपनी कमाई के हिसाब से टैक्स चुकाना पड़ता है.
- सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम (SCSS) में निवेश पर 1.5 लाख की छूट तो मिलती है, लेकिन मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स के दायरे में होता है.
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