Petrol-Diesel Price On 30 June: देश भर में आज यानी 30 जून 2026 को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.कच्चे तेल की सरकारी तेल कंपनियों ने आज भी पुराने रेट ही जारी रखे हैं. हर दिन सुबह 6 बजे सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल के नए रेट अपडेट करती हैं.हालांकि राहत की बात ये है कि पिछले कुछ दिनों से देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं.लेकिन आम लोगों के मन में ये सवाल है कि आखिर पेट्रोल और डीजल कब सस्ता होगा.अगर आप पेट्रोल पंप जाकर अपनी गाड़ी की टंकी फुल करवाने वाले हैं तो जान लें कि आज आपके शहर में 1 लीटर पेट्रोल-डीजल किस भाव पर मिल रहा है.
आज 30 जून को आपके शहर में क्या है पेट्रोल-डीजल का रेट?
- दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
- मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.
- कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर है.
- चेन्नई में पेट्रोल 108.01 रुपये और डीजल 99.66 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.
- हैदराबाद में पेट्रोल 115.73 रुपये और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर है.
- बेंगलुरु में पेट्रोल 110.89 रुपये और डीजल 98.80 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है.
कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में हल्की तेजी देखने को मिली. ब्रेंट क्रूड 73 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है. बाजार की नजर अमेरिका और ईरान के बीच दोहा में होने वाली बातचीत पर है. वहीं ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में ज्यादा नियंत्रण की मांग ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है.
मई में पेट्रोल और डीजल 8 रुपये तक महंगा
मिडिल ईस्ट युद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़कर करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं और कई दिनों तक 116 डॉलर के आसपास बनी रहीं. दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 24 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई, जबकि कुछ देशों में यह बढ़ोतरी 40 प्रतिशत तक पहुंच गई. इसके मुकाबले भारत में आम लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े, इसलिए शुरुआत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में केवल करीब 2 से 3 प्रतिशत की ही बढ़ोतरी की गई.
तेल कंपनियों का घाटा भी काफी कम हुआ
पेट्रोलियम मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, तेल कंपनियों का घाटा पहले के मुकाबले काफी कम हो गया है. पेट्रोल पर घाटा 24 रुपये प्रति लीटर से घटकर 3 रुपये प्रति लीटर रह गया है. वहीं डीजल पर घाटा 105 रुपये प्रति लीटर से घटकर 27 रुपये प्रति लीटर पर आ गया है. इससे साफ है कि तेल कंपनियों पर पहले जितना दबाव था, वह अब काफी कम हुआ है.
1 जुलाई से हटेंगी पेट्रोल-डीजल बिक्री पर लगी पाबंदियां
केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 1 जुलाई 2026 से पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर लगाए गए सभी अस्थायी प्रतिबंध हटाने का ऐलान किया है. अब औद्योगिक, संस्थागत और अन्य व्यावसायिक ग्राहक फिर से सरकारी पेट्रोल पंपों से अपनी जरूरत के हिसाब से बिना किसी लिमिट के ईंधन खरीद सकेंगे.सरकार ने 12 जून को ये पाबंदियां इसलिए लगाई थीं क्योंकि खुदरा और थोक कीमतों में बड़ा अंतर होने की वजह से कई बड़े खरीदार आम पेट्रोल पंपों से ज्यादा मात्रा में फ्यूल खरीदने लगे थे. इससे कुछ जगहों पर जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतें मिलने लगी थीं और आम लोगों के लिए तेल की सप्लाई पर असर पड़ रहा था. इसी वजह से डीजल की बिक्री प्रति वाहन प्रतिदिन 200 लीटर तक सीमित कर दी गई थी और बड़े ग्राहकों को अपने तय उपभोक्ता पंपों से ही फ्यूल लेने के लिए कहा गया था.
अब सरकार का कहना है कि देश में फ्यूल की सप्लाई सामान्य हो गई है और हालात पहले से बेहतर हैं. इसलिए 1 जुलाई से सभी अस्थायी पाबंदियां खत्म कर दी जाएंगी और पेट्रोल-डीजल की बिक्री पहले की तरह सामान्य तरीके से होगी.
क्या जल्द सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल?
जब नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत से पूछा गया कि क्या अब पेट्रोल और डीजल के दाम कम करने का समय आ गया है, तो उन्होंने कहा कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं, लेकिन अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी. उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. अगर कच्चे तेल की कीमतें नीचे आती हैं तो भारत को भी इसका फायदा मिल सकता है.
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