Petrol Diesel Excise Duty Cut India: मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के बीच पीएम मोदी ने देशवासियों को महंगाई की आग से बचाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच भारत सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने एक तीर से दो निशाने साधे हैं. सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती कर न सिर्फ आम जनता को राहत दी है, बल्कि नुकसान झेल सरकारी तेल कंपनियों (HPCL, BPCL, IOC) को भी संजीवनी दे दी है.
जैसे ही सरकार ने पेट्रोल पर ₹10 और डीजल पर पूरी एक्साइज ड्यूटी खत्म करने का ऐलान किया, शेयर बाजार में तेल कंपनियों के शेयरों ने रॉकेट जैसी रफ्तार पकड़ ली.
सरकारी कंपनियों के लिए 'लॉटरी',शेयरों में आई रौनक
- HPCL के शेयर 4% की बढ़त के साथ ₹358 पर पहुंच गए.
- BPCL में भी 4% का उछाल देखा गया और यह ₹298 पर ट्रेड करने लगा.
- Indian Oil (IOC)के शेयर भी 2% चढ़कर ₹144 पर आ गए.
मार्केट में इस उछाल की एक बड़ी वजह यह भी रही कि ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड गिरकर $106.7 और WTI क्रूड $93 के करीब आ गया है.
कंपनियों का घाटा होगा कम, अब नहीं बढ़ेंगे पेट्रोल के दाम!
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से सरकारी तेल कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) गहरे संकट में थीं.टैक्स में इस कटौती से पहले ये कंपनियां बहुत बुरे दौर से गुजर रही थीं.अनुमान है कि तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब ₹24/लीटर और डीजल पर ₹30/लीटर का घाटा हो रहा था.अब ₹10 की टैक्स कटौती से कंपनियों का यह घाटा लगभग खत्म हो जाएगा.इससे कंपनियां बिना पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए इस घाटे की भरपाई खुद कर सकेंगी.
कौन सी कंपनी है सबसे ज्यादा मजबूत?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो Indian Oil (IOC) सबसे मजबूत स्थिति में रहेगी. वहीं HPCL के लिए चुनौती थोड़ी ज्यादा हो सकती है क्योंकि वह जितना तेल बनाती है, उससे कहीं ज्यादा बेचती है, जिससे उसे मार्जिन का नुकसान ज्यादा उठाना पड़ता है.
हरदीप सिंह पुरी का बयान, सरकार ने खुद सहा बोझ, आम लोगों को राहत
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया है कि जहां पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, वहीं पीएम मोदी ने भारतीय नागरिकों को इस महंगाई की आग से बचाने के लिए खुद नुकसान सहने का रास्ता चुना है.हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार ने जनता को महंगाई से बचाने के लिए टैक्स से होने वाली अपनी मोटी कमाई को छोड़ दिया है. सरकार ने तेल कंपनियों के भारी घाटे को कम करने के लिए खुद वित्तीय बोझ उठाने का फैसला किया.
दुनिया भर में बढ़ी कीमतें, भारत में मिली राहत
हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, सरकार के पास दो रास्ते थे. पहला ये कि अन्य देशों की तरह भारत में भी तेल की कीमतें बढ़ा दी जाएं, और दूसरा ये कि सरकार खुद इस वित्तीय बोझ को उठाए. पीएम मोदी ने दूसरे रास्ते को चुना ताकि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का असर भारतीय नागरिकों की जेब पर न पड़े.सरकार ने सिर्फ टैक्स ही कम नहीं किया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि देश का तेल पहले देशवासियों के काम आए.अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी कीमतों का फायदा उठाने के लिए जो रिफाइनरी बाहर तेल एक्सपोर्ट (Export) करेंगी, उन पर सरकार ने भारी निर्यात टैक्स लगा दिया है.इससे घरेलू बाजार में तेल की सप्लाई बनी रहेगी और कीमतें काबू में रहेंगी.
ये भी पढ़ें- Petrol Diesel Price Today: सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में की कटौती, फटाफट चेक करें अपने शहर के नए रेट
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं