होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म ओयो (OYO) की पैरेंट कंपनी प्रिज्म (Prism) ने शेयर बाजार में तहलका मचाने की पूरी तैयारी कर ली है. कंपनी ने 6,650 करोड रुपये के IPO के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास नए डॉक्यूमेंट्स जमा कर दिए हैं. खास बात यह है कि इस IPO में मौजूदा निवेशक अपना कोई भी शेयर नहीं बेचेंगे. यानी कंपनी सिर्फ नए शेयर जारी करके पैसा जुटाएगी.कंपनी का बिजनेस अब घाटे से उबरकर बंपर मुनाफे में आ चुका है और दुनिया भर में इसका कारोबार तेजी से फैल रहा है.
किसी पुराने निवेशक की हिस्सेदारी कम नहीं होगी
इस IPO में ऑफर फॉर सेल यानी OFS नहीं रखा गया है. कंपनी जो 6,650 करोड़ रुपये का आईपीओ ला रही है, वह पूरी तरह से नए शेयरों का इश्यू होगा. इसका मतलब यह है कि कंपनी के जो पुराने बड़े निवेशक हैं, जैसे कि सॉफ्टबैंक, कंपनी के फाउंडर रितेश अग्रवाल, माइक्रोसॉफ्ट और एयरबीएनबी इस आईपीओ में अपने शेयर नहीं बेचेंगे.हैं. IPO के बाद भी इन सभी की हिस्सेदारी बनी रहेगी.
IPO से पहले भी जुटा सकती है पैसा
ओयो को ऑपरेट करने वाली कंपनी का नाम पहले ओरावेल स्टेज (Oravel Stays) था, जिसे सितंबर 2025 में बदलकर प्रिज्म (Prism) कर दिया गया था.Prism ने बताया है कि वह आईपीओ आने से पहले कुछ बड़े निवेशकों से 1,330 करोड रुपये तक का निवेश अलग से भी जुटा सकती है. अगर ऐसा होता है तो IPO का साइज उतना कम कर दिया जाएगा.
IPO से मिले पैसे का कहां होगा इस्तेमाल?
कंपनी ने बताया है कि IPO से मिलने वाले पैसे का सबसे बड़ा हिस्सा अपने कर्ज को कम करने में लगाया जाएगा. करीब 4,987.5 करोड रुपये का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज चुकाने में करेगी, जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत होगी. बाकी रकम का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने और दूसरी जरूरतों के लिए किया जाएगा.
प्रिज्म ने दिसंबर 2025 में IPO के लिए गोपनीय तरीके से आवेदन किया था. इस प्रक्रिया में कंपनी को IPO से जुड़ी जानकारी कुछ समय तक सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं होती. अब कंपनी ने अपडेटेड दस्तावेज जमा कर दिए हैं और IPO की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है.
कमाई और मुनाफे में रिकॉर्ड तोड़ उछाल
पिछले कुछ समय में कंपनी का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, जिसने निवेशकों का भरोसा बढ़ा दिया है. वित्त वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों (अप्रैल से दिसंबर 2025) में कंपनी की कुल कमाई 6,941 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो पूरे वित्त वर्ष 2025 की 6,259 करोड रुपये की कमाई से भी ज्यादा है. इसी दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी बढ़कर 748 करोड रुपये पर पहुंच गया है, जबकि इसके पिछले पूरे वित्त वर्ष 2025 में कंपनी को सिर्फ 245 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था. यानी कंपनी की कमाई और मुनाफा दोनों में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है.
भारत में भी तेजी से बढ़ रहा कारोबार
भारत में कंपनी का कंपनी सर्विस वाले होटल कारोबार लगातार बढ़ रहा है. मार्च 2025 में जहां ऐसे होटल 1,053 थे, वहीं दिसंबर 2025 तक इनकी संख्या बढ़कर 1,573 हो गई. इन होटलों से कंपनी का ग्रॉस बुकिंग वैल्यू यानी GBV भी बढ़कर 1,346.45 करोड रुपये पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 818.23 करोड रुपये था.
अमेरिका और यूरोप में ओयो का डंका
प्रिज्म आज की तारीख में दुनिया के 35 से ज्यादा देशों में 43 अलग-अलग ब्रांड्स के साथ काम कर रही है. कंपनी के पास होटल, घर और लिस्टिंग्स मिलाकर बहुत बड़ा नेटवर्क है. 31 दिसंबर 2025 तक उसके नेटवर्क में 24,303 होटल, 1,24,668 होम्स और 1,44,583 अन्य लिस्टिंग शामिल थीं. इनमें भारत में 14,937 स्टोरफ्रंट भी शामिल हैं.
अमेरिका बना सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन
प्रिज्म के लिए अमेरिका का कारोबार सबसे तेजी से बढ़ रहा है. कंपनी की सबसे बड़ी ग्रोथ अमेरिका के बाजार से आ रही है, जहां कंपनी ने हाल ही में जी6 हॉस्पिटैलिटी (G6 Hospitality) का मालिकाना हक खरीदा है, जो वहां मोटेल 6 और स्टूडियो 6 नाम के मशहूर होटल ब्रांड चलाती है. इसके बाद अमेरिका से कंपनी का कारोबार काफी मजबूत हुआ है.दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों में अमेरिका से कंपनी का GBV 12,022.51 करोड रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष में 4,712.83 करोड रुपये था. अब कंपनी के कुल ग्लोबल कारोबार में अमेरिका की हिस्सेदारी 52 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है. यानी अमेरिका के इस बिजनेस से कंपनी को दुनिया भर में होने वाली कुल बुकिंग का 52 फीसदी से ज्यादा हिस्सा मिल रहा है, जो कि करीब 12,022.51 करोड़ रुपये है.
यूरोप में भी तेजी से बढ़ा कारोबार
इसके साथ ही के बाजार में भी कंपनी का होम्स और लिस्टिंग कारोबार लगातार बढ़ रहा है. मार्च 2025 में जहां कंपनी के पास 2,08,901 प्रॉपर्टी थीं, वहीं दिसंबर 2025 तक यह संख्या बढ़कर 2,69,251 हो गई.
रेटिंग एजेंसी से भी मिली अच्छी खबर
कंपनी के इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए रेटिंग एजेंसी एसएंडपी (S&P Global Ratings) ने Prism की रेटिंग का आउटलुक स्टेबल से बढ़ाकर पॉजिटिव कर दिया है. एजेंसी का कहना है कि कंपनी का मुनाफा बेहतर हुआ है, कैश फ्लो मजबूत हुआ है और IPO के बाद कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत हो सकती है.
टैक्स मामले में भी मिली बड़ी राहत
आईपीओ लाने की तैयारियों के बीच कंपनी के लिए एक और बहुत अच्छी खबर आई है.हाल ही में कंपनी को टैक्स मामले में भी बड़ी राहत मिली है. इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) की दिल्ली बेंच ने कंपनी के हक में फैसला सुनाते हुए उसके ऊपर बनी 3,885 करोड़ रुपये की भारी-भरकम टैक्स डिमांड को पूरी तरह से खारिज कर दिया है.कोर्ट ने साफ किया कि कंपनी को मिले शेयर प्रीमियम पर एंजेल टैक्स के नियमों के तहत टैक्स नहीं लगाया जा सकता. इस फैसले से कंपनी के सिर से एक बहुत बड़ा कानूनी और वित्तीय बोझ हट गया है, जिससे अब उसका आईपीओ लाने का रास्ता और भी आसान और साफ हो गया है.
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