इस साल रक्षाबंधन के त्योहार पर प्रमुख ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर आने वाले ऑर्डर में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है. गैर-महानगरीय शहरों से मजबूत मांग और तेज डिलीवरी की बढ़ती पसंद से इस दौरान कारोबार को गति मिली है. त्योहार के दौरान उपभोक्ताओं के व्यवहार में बदलाव देखने को मिला. आखिरी समय में उपहार खरीदने के लिए क्विक कॉमर्स यानी फटाफट सामान पहुंचाने की सुविधा देने वाले प्लेटफॉर्म की भूमिका बढ़ी, जबकि छोटे शहर (तीसरी और चौथी श्रेणी के शहर) वृद्धि के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे.
मीशो ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार रक्षाबंधन पर उसके ऑर्डर 36 प्रतिशत और सकल उत्पाद मूल्य (जीएमवी) 38 प्रतिशत बढ़ा. उसके करीब 73 प्रतिशत ऑर्डर गैर-महानगरीय बाजारों से आए.
कंपनी ने बयान में कहा कि तीसरी और चौथी श्रेणी के बाजारों में सबसे तेज वृद्धि हुई. उत्तर प्रदेश के छोटे औद्योगिक शहर दादरी में ऑर्डर सालाना आधार पर 105 प्रतिशत बढ़ गए. इसके बाद ओडिशा के नबरंगपुर, उत्तर प्रदेश के कासगंज तथा मध्य प्रदेश के धमतरी और नैनपुर रहे. रक्षाबंधन से जुड़े उत्पाद बेचने वाले विक्रेताओं की संख्या भी 72 प्रतिशत बढ़ी.
फ्लिपकार्ट के क्विक कॉमर्स मंच 'फ्लिपकार्ट मिनट्स' ने भी त्योहार के दौरान खरीदारी में तीन गुना वृद्धि दर्ज की. शाम चार बजे से रात 10 बजे के बीच सबसे अधिक गतिविधि रही और व्यस्ततम समय में प्रति मिनट 2,000 से अधिक राखियां बिकीं. खरीदारी करने वालों में 40 प्रतिशत से अधिक संख्या जेनरेशन-जी की थी.
अमेजन के क्विक कॉमर्स मंच 'अमेजन नाउ' ने बताया कि त्योहार के दौरान ग्राहकों की पसंद में प्रीमियम उत्पादों की ओर रुझान बढ़ा. सामान्य दिनों की तुलना में चॉकलेट उपहारों की बिक्री 2.5 गुना और काजू कतली की बिक्री दो गुना रही.
अमेजन नाउ के निदेशक निशांत सरदाना ने कहा कि राखी के मामले में ग्राहकों ने पारंपरिक डिजाइनों से आगे बढ़कर मीनाकारी, कुंदन और ‘ईविल आई' जैसे डिजाइन पसंद किए. हनुमान चालीसा, पालतू जानवरों और बच्चों के लिए रंग भरने वाली किताबों पर आधारित राखियां भी पसंद की गईं.
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