OLA शक्ति: ओला इलेक्ट्रिक ने स्कूटर बनाने के बाद अब घर की बिजली पर भी काम शुरू कर दिया है. भाविश अग्रवाल की कंपनी ने घरों के लिए एक नई बैटरी बनाई है, जिसका नाम ओला शक्ति है. ये सुनने में एक सिंपल इन्वर्टर जैसा लग रहा होगा पर ऐसा नहीं है. ये एक स्मार्ट पावर बैकअप है, जो जरूरत पड़ने पर आपके घर को बिजली देता है. यानी पावर कट होने पर भी इससे घर की लाइट, पंखा और जरूरी चीजें चल सकती हैं, वो भी स्मार्ट तरीके से.
तो चलिए इस खबर में आपको बताते हैं कि ये ओला शक्ति क्या है, इसकी क्या खासियतें हैं और आपके लिए कितना फायदेमंद साबित हो सकता है.
क्या है ओला शक्ति (BESS)?
ओला शक्ति (BESS) एक नई तरह की बैटरी है. ये बिजली को स्टोर कर लेती है और जब बिजली चली जाए, तब घर में पावर सप्लाई देती है. ये पुराने इनवर्टर से ज्यादा तेज, ज्यादा मजबूत और इस्तेमाल में आसान है. इसे घरों और छोटी दुकानों के लिए बनाया है ताकि रोज के काम आराम से चलते रहें.

Ola Shakti BESS
ओला शक्ति के ऑप्शन
ओला शक्ति दो ऑप्शन में मौजूद है. पहला 9.1kWh बैटरी कैपेसिटी और दूसरा 5.2kWh में. 9.1kWh 2,49,99 रुपये की कीमत में मिल रहा है. वहीं 5.2 kWh ऑप्शन वाले की कीमत 1,49,999 रुपये है.
ओला शक्ति की खासियतें
- ओला शक्ति में कंपनी की अपनी बनाई हुई बैटरी लगाई है, जो जल्दी चार्ज होती है और काफी समय तक चलती है.
- ये सिस्टम पानी और धूल से खराब नहीं होता. तेज बारिश में भी ये आराम से काम करता है.
- आप अपनी जरूरत के हिसाब से इसकी बैटरी कैपेसिटी बढ़ा सकते हैं. यानी छोटे घर से लेकर बड़े इस्तेमाल के लिए आपके पास ऑप्शन मौजूद है.
- ये जनरेटर की तरह शोर नहीं करता. इसलिए घर या ऑफिस में शांति के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं.
- मोबाइल ऐप की मदद से देख सकते हैं कि कितनी बिजली खर्च हो रही है और कब‑कब डिवाइस चलानी है, इसे भी सेट किया जा सकता है.
कैसे काम करता है?
ओला शक्ति दो तरह से चार्ज हो सकता है. बिजली कनेक्शन या सोलर पैनल के जरिए. दिन के समय जब लाइट होती है या सूरज की रोशनी होती है, ये खुद को चार्ज कर लेता है. जैसे ही बिजली कटती है, ये बिना किसी रुकावट के घर में पावर सप्लाई शुरू कर सकता है.
एनवायरनमेंट के लिए क्यों है बेस्ट
एनवायरनमेंट के लिए ये सबसे बेस्ट डील कही जा सकती है. क्योंकि इससे डीजल जनरेटरों जैसा धुंआ और शोर नहीं होता. जब इसे सोलर पैनल से आप लिंक कर देते हो तो ये 100% रिन्यूएबल एनर्जी पर चलता है, जिससे कार्बन फुटप्रिंट होता है पर काफी कम. सिंपल इन्वर्टर में लेड-एसिड बैटरी 3 साल में खराब हो जाती है, जबकि ओला की लिथियम बैटरी 8 साल तक चलेगी, ऐसा कंपनी का दावा है.
आम नागरिक को इससे कैसे मिलेगा फायदा
आम नागरिक को क्या चाहिए... जेब पर ज्यादा बोझ ना पड़े. ओला शक्ति इस बात पर खरा उतरने का दावा करता है. क्योंकि इसकी रनिंग कॉस्ट कम है. ये लेड-एसिड सिस्टम के मुकाबले 1.5 गुना और डीजल जनरेटर के मुकाबले 2.5 गुना सस्ता पड़ता है. इसमें पानी डालने या बार-बार सर्विस कराने का झंझट नहीं है. साथ ही इसे आप अपने साथ वीकेंड पर कहीं भी ले जा सकते हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं