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Oil-Gas Pipeline: क्‍या गहरे समंदर में तेल-गैस की पाइपलाइन बिछा रहा है भारत? सरकार ने प्रोजेक्‍ट पर बता दी पूरी बात

New Oil Gas Pipeline Project: ऐसी रिपोर्ट्स सामने आई हैं कि भारत सरकार, गहरे समंदर में एक एनर्जी पाइपलाइन बिछा रही है, जिसके जरिये खाड़ी देशों से सीधे तेल-गैस की आपूर्ति होगी. इस खबर पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. अब केंद्र सरकार ने इसकी पू‍री सच्‍चाई सामने रखी है.

Oil-Gas Pipeline: क्‍या गहरे समंदर में तेल-गैस की पाइपलाइन बिछा रहा है भारत? सरकार ने प्रोजेक्‍ट पर बता दी पूरी बात
Deep Sea Pipeline Project का सच, जो सरकार ने बताया
Source: Canva

Deep Sea Energy Pipeline Project: मिडिल ईस्‍ट में तनाव के चलते पैदा हुए होर्मुज संकट के बीच दुनियाभर के देशों में तेल और गैस के दाम बढ़े हैं. इस बीच भारत ने तेल-गैस की सप्‍लाई के लिए कई विकल्‍प तलाशे और डायवर्सिफिकेशन पर जोर दिया. भारत को अलग-अलग देशों से तेल और गैस की आपूर्ति हो रही है. इस बीच एक डीप-सी एनर्जी प्रोजेक्‍ट को लेकर खबर आई जो मीडिया और सोशल प्‍लेटफॉर्म्‍स पर वायरल हो रही है. इस रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि सरकार भारत के गुजरात से ओमान और अन्‍य खाड़ी देशों के बीच समंदर के गहरे पानी में एक एनर्जी पाइपलाइन डेवलप करने पर काम कर रही है. इस रिपोर्ट को केंद्र सरकार ने खारिज किया है और इस पर पूरी बात बताई है. 

एनर्जी पाइपलाइन प्रोजेक्‍ट पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने क्‍या कहा? 

केंद्र सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि सरकार, भारत से खाड़ी देशों तक समंदर के रास्‍ते एनर्जी पाइपलाइन विकसित कर रही है.

इन रिपोर्ट्स पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि हमारे ध्यान में ऐसी कई मीडिया रिपोर्ट आई हैं जिनमें कहा गया है कि भारत सरकार 'मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन' (MEIDP) नाम की एक डीप-सी एनर्जी पाइपलाइन बनाने पर तेजी से काम कर रही है, जो गुजरात को ओमान और खाड़ी के अन्य देशों से जोड़ेगी.

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, 'पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय साफ तौर पर यह स्पष्ट करना चाहता है कि इस समय मंत्रालय के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. इस प्रोजेक्ट को लेकर ओमान या किसी अन्य खाड़ी देश के साथ मंत्रालय के किसी भी स्तर पर कोई सक्रिय चर्चा या बातचीत नहीं हो रही है.' मंत्रालय ने आगे कहा कि इस मामले से जुड़ी तमाम अटकलों को खत्म करने के लिए ये स्पष्टीकरण जारी किया गया है. 

मिडिल ईस्‍ट से बिना दिक्‍कत के एनर्जी की आपूर्ति 

भारत लगातार मध्य पूर्व से ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है. माल्टा के झंडे वाला एलएनजी कैरियर 'दिशा' सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरा. यह जहाज गुजरात के दहेज के लिए 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी लेकर जा रहा है और इसके 18 जून को भारत पहुंचने की उम्मीद है. इस जहाज का प्रबंधन शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की लीडरशिप वाला एक ग्रुप कर रहा है. 

सरकार ने कहा कि वह भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने और उन्हें हर तरह की मदद देने के लिए विदेश मंत्रालय, विदेशों में भारतीय मिशनों, शिपिंग कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है. पूरे भारत में बंदरगाहों का कामकाज सामान्य है. 

ओमान के तट पर एक कमर्शियल जहाज 'एमटी सेटेबेलो' पर अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के कुछ दिनों बाद, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) ने शिपिंग कंपनियों और समुद्री भर्ती व प्लेसमेंट एजेंसियों को सलाह दी है कि वे अगले आदेश तक मध्य पूर्व के संघर्ष वाले इलाकों में भारतीय नाविकों की तैनाती न करें. 

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लेखक के बारे में
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निलेश कुमार
Senior Producer
बिहारी. छोरा गंगा किनारे वाला. वर्धा विश्वविद्यालय से जर्नलिज्‍म में पीजी, साथ ही विज्ञापन-जनसंपर्क और कैमरा-संपादन में पीजी डिप्‍लोमा. आंचलिक रिपोर्ट... और पढ़ें
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