- ईरान ने खाड़ी के पड़ोसी देशों को चेतावनी दी है कि वे अमेरिका का समर्थन न करें और हमला करने पर कड़ा जवाब मिलेगा
- ईरान की धमकी- तेल के एक कुएं पर हमले का जवाब चार कुओं को तबाह करके देंगे
- ट्रंप ने कहा कि लगातार दबाव से ईरान की तेल पाइपलाइन गंभीर संकट में आ सकती है और आर्थिक स्थिति खराब हो रही है
ईरान ने खाड़ी के पड़ोसी देशों को नई धमकी देते हुए साफ-साफ हिदायत दी है कि वे अमेरिका का साथ नहीं दें. ईरान ने यह धमकी देते हुए यह भी कहा है कि हमारा मैथ थोड़ा अगल है. अगर ईरान के एक तेल कुएं पर हमला किया गया तो जवाब में तेल के 4 कुएं तबाह किए जाएंगे. यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिका के साथ दूसरी बार होने वाली शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. ट्रंप ने तो साफ संकेत दे दिया है कि अब कोई वार्ता पाकिस्तान में नहीं होगी, ईरान को बात करना है तो या तो वह अपने लोगों को अमेरिका भेजे या फिर फोन कॉल पर ही बात करे.
ईरान की चेतावनी
ईरान के उपराष्ट्रपति इस्माइल सगब इस्फहानी ने कहा है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य पर चल रही नाकाबंदी के दौरान ईरान के किसी भी ढांचे, जैसे तेल के कुओं को नुकसान पहुंचा, तो ईरान चार गुना जवाब देगा. उन्होंने एक्स (X) पर लिखा, “हम किसी भी युद्ध जैसी कार्रवाई का जवाब देंगे. अगर हमारी किसी भी सुविधा, जैसे तेल के कुएं, को नुकसान हुआ, तो हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जो देश हमलावर का साथ देंगे, उन्हें चार गुना नुकसान होगा.”
ما به هر اقدام جنگی پاسخ میدهیم. اگر آنطور که ترامپ ادعا کرده هر بخشی از زیرساختهای ما از جمله چاههای نفت در نتیجه محاصره آسیب ببیند، تضمین میکنیم که چهار برابر آن به همان زیرساخت در کشورهایی که از متجاوز حمایت میکنند خسارت وارد خواهد شد.
— اسماعیل سقاب اصفهانی (@saghabesfahani) April 26, 2026
ریاضی ما متفاوت است:
۱چاه نفت=۴چاه نفت pic.twitter.com/HvEVANC63o
पहले ट्रंप ने दी थी धमकी
ये बयान उस समय आया जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत है दिया कि लगातार दबाव से ईरान की तेल को स्टोरेज या टैंकर तक पहुंचाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. पिछले हफ्ते, अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ट्रंप ने लिखा था, “ईरान आर्थिक रूप से टूट रहा है! वे चाहते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य तुरंत खोल दिया जाए- पैसों की कमी हो रही है! हर दिन 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है. सेना और पुलिस शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें वेतन नहीं मिल रहा। SOS!!!”
बाद में फॉक्स न्यूज से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगर ऐसा दबाव जारी रहा, तो कुछ ही दिनों में ईरान की तेल पाइपलाइन गंभीर स्थिति में पहुंच सकती है. इससे साफ होता है कि ईरान के ऊर्जा ढांचे को लेकर तनाव काफी बढ़ गया है, जो अमेरिका की दबाव बनाने की रणनीति का मुख्य हिस्सा है.
तेल की कीमतों में इजाफा
तेल की कीमतों में सोमवार को लगभग दो प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार Forex.com के फवाद रजाकजादा ने चेतावनी दी कि तेल के दाम किसी भी समय फिर से तेजी से बढ़ सकते हैं. उन्होंने लिखा, "अगर तनाव और बढ़ता है, खासकर खुले संघर्ष में, तो इसमें और तेजी से बढ़ोतरी का स्पष्ट खतरा है."
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