विज्ञापन

नेहरू-इंदिरा ने भी पेश किया Budget, पर ये बड़ा रिकॉर्ड निर्मला सीतारमण के नाम- पढ़ें दिलचस्प कहानियां

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रिकॉर्ड लगातार 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं. ब्रीफकेस से बही-खाता तक पहुंचे Union Budget की दिलचस्प कहानियां...

नेहरू-इंदिरा ने भी पेश किया Budget, पर ये बड़ा रिकॉर्ड निर्मला सीतारमण के नाम- पढ़ें दिलचस्प कहानियां
PTI
  • भारत का बजट सफर 1860 से डिजिटल दौर तक पहुंचा - शाम 5 बजे से सुबह 11 बजे, ब्रीफकेस से बही-खाता तक.
  • मोरारजी देसाई ने सबसे ज्यादा 10 बजट पेश किए, जबकि निर्मला सीतारमण ने सबसे लंबा भाषण और लगातार रिकॉर्ड बनाए.
  • ब्लैक बजट, हलवा सेरेमनी और रेलवे बजट मर्ज जैसी परंपराओं ने बजट को सिर्फ आंकड़े नहीं, इतिहास बना दिया.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

आम बजट से केवल आर्थिक आंकड़े ही नहीं बल्कि, राजनीति, परंपरा और बदलते इतिहास की दिलचस्प कहानियां भी जुड़ी है. कभी इंग्लैंड के संसद के टाइम के हिसाब से शाम 5 बजे पेश होता था, तो आज डिजिटल टैबलेट पर सुबह 11 बजे देश के सामने आता है. कभी ब्रीफकेस में बजट लाया जाता था, अब ये लाल रंग के कवर वाले टैबलेट से संसद के पटल पर आता है. चलिए बजट की कुछ ऐसी ही मजेदार और आर्थिक आंकड़ों से जरा हटके किस्सों की पूरी सैर करते हैं. 

भारत का पहला बजट एक स्कॉटिश अर्थशास्त्री ने पेश किया

भारत का पहला बजट 166 साल पहले 1860 में ब्रिटिश राज के दौरान पेश किया गया था. तब इसे किसी भारतीय ने नहीं बल्कि स्कॉटलैंड के अर्थशास्त्री जेम्स विल्सन ने तैयार किया था. ब्रिटिश शासन के अधीन भारत के उस पहले बजट का मकसद प्रशासनिक और सैन्य खर्चों को व्यवस्थित करना था.

आजाद भारत में पहला बजट- साढ़े सात महीने का बजट

आजादी के बाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को आरके शनमुगम चेट्टी ने पेश किया. खास बात ये थी कि ये बजट सिर्फ 7.5 महीने के लिए था, क्योंकि देश नई व्यवस्था में ढल रहा था. ये बजट आजाद भारत की आर्थिक सोच की पहली झलक था- आत्मनिर्भरता और योजना आधारित विकास की ओर बढ़ता कदम.

ये भी पढ़ें: Budget 2026 : बजट के 'धनकुबेर' बनेंगे ये शेयर! डिफेंस और पावर सेक्टर में आ सकती है बड़ी तेजी, देखें पूरी लिस्ट

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: AFP

जवाहरलाल नेहरू भी रहे वित्त मंत्री

भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भी एक बार वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी लेकिन सिर्फ 13 फरवरी से 13 मार्च 1958 तक. इसे भारत के इतिहास में किसी भी वित्त मंत्री का सबसे छोटा कार्यकाल माना जाता है.

पहली महिला वित्त मंत्री कौन? जवाब थोड़ा दिलचस्प है

अक्सर लोग मानते हैं कि निर्मला सीतारमण पहली महिला वित्त मंत्री हैं. लेकिन 1970 में जब मोरारजी देसाई ने बैंकों के राष्ट्रीयकरण के विरोध में वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था तो बतौर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपना पहला बजट पेश किया था. तब इंदिरा गांधी के पास वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त भार था.  हालांकि, बतौर पूर्णकालिक पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019 में पद संभाला था और पूर्णकालिक वित्त मंत्री के तौर पर बजट पेश करने वाली वो देश की पहली महिला भी बनीं.

ये भी पढ़ें: स्टाइल के लिए जेब ढीली करना जरूरी नहीं, ये फैशन ट्रेंड्स बिना खर्च कराए, बढ़ाएंगे आपका लुक और कॉन्फिडेंट्स

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: AFP

रिकॉर्ड बजट पेश करने का ताज

बता दें कि भारत में सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड मोरारजी देसाई के नाम है. उनके नाम 10 बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड है. पर वह दिन दूर नहीं जब यह रिकॉर्ड भी निर्मला सीतारमण के नाम होगा क्योंकि वो अपना 9वां बजट पेश करने जा रही हैं. साथ ही वो वित्त मंत्री के तौर पर एक एक कर कई रिकॉर्ड अपने नाम करती जा रही हैं. मोरारजी देसाई से सिर्फ एक कदम के फासले पर खड़ी निर्मला सीतारमण के नाम लगातार सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड भी है. 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं.

सबसे लंबा बजट भाषण- 2 घंटे से ज्यादा!

इतना ही नहीं अगर बजट भाषण लंबा होने का रिकॉर्ड देखें, तो ये भी निर्मला सीतारमण के नाम ही है. उन्होंने 2020 का बजट भाषण 2 घंटे से ज्यादा तक पढ़ा और बीच में थककर उन्हें रुकना पड़ा था.

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: NDTV

1973 का ‘ब्लैक बजट'- जब घाटा डराने वाला था

1973 में वित्त मंत्री यशवंतराव बी चव्हाण ने जो बजट पेश किया, वो इतिहास में ‘ब्लैक बजट' के नाम से जाना गया. इसकी वजह थी- तब राजकोषीय घाटा 550 करोड़ का था, उस दौर में यह बड़ी रकम थी जिसे बेहद चिंताजनक माना गया था. तब तेल संकट और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक दबावों ने भारत की अर्थव्यवस्था को हिला दिया था.

ये भी पढ़ें: इस बार के बजट में राजकोषीय घाटे की जगह ऋण और जीडीपी अनुपात को लेकर हो सकता है बड़ा फैसला 

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: AFP

शाम 5 बजे से सुबह 11 बजे पहुंचा बजट

क्या आपको पता है कि आजादी के पहले और आजादी के बाद भी 1998 तक बजट शाम 5 बजे पेश होता था? आजादी के पहले इसे शाम 5 बजे पेश करने की वजह तो यह थी कि इसे ब्रिटिश संसद में सुबह 11.30 बजे वहां के समयानुसार पेश किया जाता था. हालांकि यह परंपरा 1999 तक जारी रही और इसे तोड़ा यशवंत सिन्हा ने, जिन्होंने सुबह 11 बजे बजट पेश करने की शुरुआत की. पहले बजट 28 फरवरी को पेश किया जाता था. इसमें बदलाव 2017 से हुआ, तब पहली बार 1 फरवरी को बजट पेश किया गया था. इसके पीछे कारण यह था कि सरकार के पास नई योजनाएं लागू करने के लिए ज्यादा समय मिल सके. इतना ही नहीं 2026 वो पहला साल है जब बजट रविवार के दिन पेश किया जा रहा है.

हलवा सेरेमनी: बजट से पहले मीठी रस्म, फिर सख्त गोपनीयता

बजट से करीब एक हफ्ता पहले ‘हलवा सेरेमनी' होती है. इसमें वित्त मंत्री खुद हलवा बांटती हैं और इसके बाद बजट से जुड़े सभी अधिकारी अगले एक सप्ताह के लिए नॉर्थ ब्लॉक में बंद हो जाते हैं- यहां उनके पास न फोन, न इंटरनेट, न बाहर की दुनिया से संपर्क होता है. इसका मकसद होता है- बजट की गोपनीयता बनाए रखना. यानी जब तक बजट संसद में पेश न हो जाए, तब तक किसी को इसकी भनक नहीं लगनी चाहिए.

ये भी पढ़ें: Budget 2026 से पहले 40,000 रुपये सस्ता हो गया सोना! क्या यही है खरीदारी का सही मौका या बजट के ऐलान का करें इंतजार?

Latest and Breaking News on NDTV

Photo Credit: PTI

ब्रीफकेस गया, बही-खाता आया: 2019 की ऐतिहासिक तस्वीर

2019 में जब निर्मला सीतारमण संसद पहुंचीं, तो उनके हाथ में चमड़े का ब्रीफकेस नहीं था. उसकी जगह था - लाल रंग का पारंपरिक ‘बही-खाता'. हालांकि यह लाल रंग के कवर में टैबलेट था. जो न केवल टेक्नोलॉजी और स्टाइल में बदलाव था बल्कि भारतीय परंपरा और संस्कृति से जुड़ने का प्रतीक भी था. यह नया रिवाज आज बरकरार है और बजट इसी तरह बही खाते की शक्ल में लिपटे लाल रंग के कवर वाले टैबलेट से पेश किया जा रहा है.

कागज से डिजिटल तक: पेपरलेस बजट

कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया में कई परंपराएं और तरीके बदले और भारत का आम बजट भी इससे अछूता नहीं रहा. 2021 में पहली बार बजट पूरी तरह डिजिटल हुआ. न भारी-भरकम दस्तावेज छपे, न संसद में मोटी किताबें बंटी. सांसदों को टैबलेट पर बजट डॉक्युमेंट मिले - भारत के बजट इतिहास में एक बड़ा तकनीकी बदलाव आया.

रेलवे बजट की विदाई: 92 साल पुरानी परंपरा खत्म

भारत में दशकों तक आम बजट से पहले रेलवे का अलग से बजट पेश किया जाता था. आम जनता इस रेलवे बजट के लिए बहुत उत्सुक रहा करती थी लेकिन 2017 में इसे आम बजट के साथ मिला दिया गया. आखिरी रेलवे बजट सुरेश प्रभु ने 25 फरवरी 2016 को पेश किया था. इसके बाद रेलवे खर्च और योजनाएं भी आम बजट का हिस्सा बन गईं.

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com