Chhattisgarh Assembly Budget Session 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का सोमवार, 9 मार्च को छठवां दिन रहा. सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई और शुरुआत प्रश्नकाल से हुई. सदन में बस्तर संभाग में धान खरीदी का मुद्दा उठने पर तीखी बहस हुई. इस दौरान हंगामे की स्थिति बन गई. मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया.
कबासी लखमा ने उठाया धान खरीदी का मुद्दा
बजट सत्र के दौरान पूर्व आबकारी मंत्री और कांग्रेस विधायक कबासी लखमा ने पहला सवाल उठाते हुए खाद्य मंत्री से पूछा कि बस्तर संभाग के 32 हजार 200 से अधिक आदिवासी किसानों से धान खरीदी क्यों नहीं हुई? 5 जिलों में आदिवासी किसानों का धान नहीं खरीदा गया. 700 टोकन धारी किसानों का धान नहीं खरीदा गया.
उन्होंने कहा कि कई किसानों का पंजीयन हुआ और टोकन भी जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद उनका धान नहीं खरीदा गया. लखमा ने यह भी सवाल उठाया कि धान नहीं बेच पाने से किसान बहुत दुखी हैं. लोन लेकर किसानों ने खेती की है.. किसानों का कर्जा सरकार पटाएगी क्या ?
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने दिया जवाब
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि जो किसान धान बेचने केंद्र नहीं पहुंचे उनका धान कैसे खरीदे? उन्होंने कहा कि जो किसान केंद्र तक धान लेकर नहीं पहुंचे, उनका धान नहीं खरीदा जा सका. मंत्री ने कहा कि सरकार सभी किसानों का धान खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है और ये कहना गलत है कि किसानों का धान नहीं खरीदा गया
विधायक लखेश्वर बघेल ने धान खरीदी की जानकारी मांगी
वहीं कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने बस्तर क्षेत्र में धान खरीदी की जानकारी मांगी. उन्होंने ऋणी-अऋणी, वन अधिकार पट्टाधारी किसानों की जानकारी मांगी. हालांकि खाद्य मंत्री दयालदास बघेल इसका जवाब नहीं दे पाए.
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष, किया वॉकआउट
मंत्री दयालदास बघेल के जवाब से कांग्रेस विधायक संतुष्ट नहीं हुए. इसके बाद विपक्ष के सदस्यों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी. स्थिति तनावपूर्ण होने पर विपक्षी दलों के विधायकों ने विरोध दर्ज कराते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया.
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