- उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वित्तिय वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ का बजट पेश किया.
- बजट में समावेशी विकास, आत्मनिर्भरता, आर्थिक शक्ति, न्यायपूर्ण व्यवस्था और लोक सहभागिता पर जोर दिया गया है.
- गरीब कल्याण, महिला-बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए बजट में हजारों करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
Uttarakhand Budget 2026-27: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को वित्तिय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया. उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में सीएम धामी ने साल 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ का बजट पेश किया. बजट में उत्तराखंड के लिए नए परिवेश की बात की गई जिसमें केदार और मानस परिवेश को बताया गया. साल 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले यह उत्तराखंड का आखिरी पूर्ण आम बजट पेश किया गया इस बार के बजट में समावेशी विकासआत्मनिर्भर नई सोच तीव्र विकास उन्नत गांव एवं शहर लोक सहभागिता आर्थिक शक्ति और न्याय पूर्ण व्यवस्था की बात की गई. सीएम ने सबसे पहले भगवान बदरी विशाल बाबा केदार और उत्तराखंड के राज्य आंदोलन में अमर बलिदान देने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित की. बजट में कौशल विकास इकोलॉजी संवर्धन धरोहर संरक्षण अवसंरचना निर्माण रिवर्स माइग्रेशन मानस का मतलब मंगलकारी अवसरयुक्त नवोन्मेशी आध्यात्मिकसांस्कृतिक गतिविधियां पर जोर दिखा.
सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री की आशीर्वाद और डबल इंजन की ताकत से प्रदेश विकास की नई दिशा में चल रहा है. इस वर्ष हमने प्राकृतिक आपदाओं का विकराल रूप देखा. धराली से लेकर थराली देहरादून से बागेश्वर कपकोट तक प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा. इन आपदाओं में असमय मृत्यु को प्राप्त दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की.
देवतुल्य जनता की आशाओं और आकांक्षाओं की पूर्ति के उद्देश्य से आज गैरसैंण विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,11,703.21 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया। यह जन-जन का बजट है, जो प्रदेश के चहुंमुखी विकास को नई गति देते हुए आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त प्रदेश निर्माण के हमारे… pic.twitter.com/y7EqS63Fpb
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) March 9, 2026
गरीब कल्याण महिला कल्याण एवं बाल विकास को समर्पित योजनाएं:-
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में समग्र रूप से लगभग रु० 1327.73 करोड़
- अटल आयुष्मान उत्तराखण्ड योजना हेतु रु० 600.00 करोड
- सक्षम आंगनबाडी एण्ड पोषण 2.0 योजना हेतु समग्र रूप से लगभग रु0 598.33 करोड़
- EWS आवासों हेतु अनुदान के अन्तर्गत रु0 25.00 करोड़
- राज्य खाद्यान्न योजना के अन्तर्गत रू0 25.00 करोड़
- प्रधानमंत्री पोषण मिशन हेतु समग्र रूप से लगभग रु0 149.45 करोड़
- मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना हेतु रु० 30.00 करोड़
- मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना हेतु रु0 15.00 करोड़
- राज्य में प्रसूता के लिए ईजा-बोई शगुन योजना हेतु समग्र रूप से लगभग रु० 14.13 करोड
- मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना हेतु लगभग रू0 13.44 करोड़
- मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना हेतु रु० 15.00 करोड़
- मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि रु० 8.00 करोड़

आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की दृष्टिकोण से कृषि उद्योग एवं पर्यटन सैक्टर से संबंधित योजनांए
- पशुपालन विभाग के अन्तर्गत स्वरोजगार परक व लाभार्थीपरक योजना हेतु लगभग रू0 42.02 करोड़
- समग्र रूप से मिशन एप्पल के लिए रु0 42.00 करोड़
- ट्राउट प्रोत्साहन योजना हेतु लगभग रु० 39.90 करोड़
- उच्च मूल्य वाले फलों (कीवी ड्रेगन फ्रूट आदि) के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगभग रु० 30.70 करोड़
- राज्य में चाय विकास योजना के लिए लगभग रु0 25.93 करोड़
- सगन्ध पौधा केन्द्र को अनुदान एवं सगन्ध पौधों के कलस्टर विकास के लिए लगभग रु0 24.75 करोड़
- फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ हेतु रू0 20.00 करोड़
- प्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहायता योजना के लिए रु0 75.00 करोड़
- मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए रू0 60.00 करोड़
- प्रमोशन ऑफ इंवेस्टमेंट स्टार्टअप और इंटरप्रीनियोरशिप के लिए रु० 30.00 करोड़
- स्टार्ट अप वेंचर फंड हेतु रु0 25.00 करोड़
- मेगा इंडस्ट्रियल एवं मेगा टेक्सटाईल नीति के तहत अनुदान के लिए रू0 25.00 करोड़
- इको टूरिज्म गतिविधियों के लिए समग्र रूप से रू0 18.50 करोड़
- हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना रु० 10.00 करोड़
- ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना रु० 10.00 करोड़
- सरयू एवं अन्य रिवर फ्रंट योजनाओं हेतु रु० 10.00 करोड़
- संस्कृत पाठशालाओं को अनुदान हेतु रु0 28.00 करोड़
- खनन सर्विलांश योजना के अन्तर्गत रू0 24.50 करोड़
- विद्यालयी शिक्षा विभाग के अन्तर्गत छात्रवृति हेतु रु० 15.00 करोड़
- उच्च शिक्षा विभाग के अन्तर्गत छात्रवृति हेतु रु० 15.00 करोड़
- खेल विभाग के अंतर्गत छात्रवृति हेतु लगभग रु0 13.50 करोड़
- उद्यमिता कौशल एवं नवाचार योजना के अन्तर्गत लगभग रु0 7.11 करोड़
- राजकीय महाविद्यालयों में ई-ग्रंथालय की स्थापना हेतु रु0 7.00 करोड़
- "लैब ऑन व्हील्स" योजना के लिए रु0 4.00 करोड़
- राज्य डॉटा सेंटर सुदृढ़ीकरण के लिए समग्र रूप से रू0 65.00 करोड़
- सूचना प्रौद्योगिकी अवसंरचना के अन्तर्गत लगभग रु0 47.50 करोड़
- पहाड़ी शहर में नगर निकायों को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने हेतु रु० 30.00 करोड़
- साइबर सिक्योरटी के क्रियान्वयन हेतु रु० 15.00 करोड़
- इमरजिंग टेक्नोलॉजी एवं ए०आई० (सी०ओ०ई०) के क्रियान्वयन हेतु लगभग रु० 11.50 करोड़
- शहरी क्षेत्रों में पैदल मार्ग अवसंरचना के अन्तर्गत रु0 10.00 करोड़
- विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अन्तर्गत रू0 6.71 करोड़
- पैक्स के कम्प्यूटरीकरण हेतु लगभग रु0 5.67 करोड़
- जनपदों में केंद्रीकृत रिकॉर्ड रूम के अन्तर्गत रु० 10.00 करोड़
- यूनीफार्म सिविल कोड के अन्तर्गत रुपये पांच करोड रु0 5.00 करोड़
- तीव्र विकास में पी०एम०जी०एस०वाई योजना के अन्तर्गत पूंजीगत मद में रू0 1050.00 करोड
- गड्ढा मुक्त सड़क अभियान हेतु रु० 400.00 करोड़
- नागरिक उड्डयन विभाग के अन्तर्गत समग्र रूप से पूंजीगत मद में लगभग रु0 52.50 करोड़
- नंदा देवी राजजात यात्रा के लिए रु0 25.00 करोड़
- उन्नत शहर एवं गाँव का विकास क्षेत्र में विकसित भारत - जी राम जी हेतु समग्र रूप से लगभग रु0 705.25 करोड़
- ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत समग्र रूप से पूंजीगत मद में रू0 1642.20 करोड़
- वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम हेतु रु0 40.00 करोड़
- शहरी निकायों हेतु समग्र रूप से रुपये रू0 1814.00 करोड़ एवं पंचायती राज संस्थाओं हेतु रू0 1491.00 करोड़
- आवास विकास विभाग के अन्तर्गत अवस्थापना सुविधाओं के विकास आदि हेतु रु० 130.00 करोड़
- नगरीय अवस्थापना के सुदृढ़ीकरण हेतु रु0 60.00 करोड़
- राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी का सुदृढ़ीकरण/आई०टी०डी०ए० को अनुदान-रू0 25.00 करोड़
- राज्य डाटा सेंटर सुदृढीकरण - रु0 40.00 करोड़
- ए०आई० मिशन के क्रियान्वयन हेतु एस०पी०वी० का गठन रु0 25.00 करोड़
- विज्ञान केंद्र चंपावत - रु० 10.00 करोड़
- आर्थिक शक्ति में रिस्पना बिंदाल की एलिवेटेड यूटिलिटी शिफ्टिंग- रु0 350.00 करोड़
- टिहरी रिंग रोड परियोजना- रु० 10.00 करोड़
- प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना- रु0 1050.00 करोड़
- स्टार्ट अप वेंचर फंड हेतु- रु0 25.00 करोड़
- प्रदेश के सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों को सहायता योजना के लिए- रु० 75.00 करोड़
- मेगा इंडस्ट्रियल एवं मेगा टेक्सटाईल नीति के तहत अनुदान के लिए- रू0 25.00 करोड़
- इको टूरिज्म गतिविधियों के लिए समग्र रूप से- रु0 18.50 करोड़
- प्रमोशन ऑफ इंवेस्टमेंट स्टार्टअप और इंटरप्रीनियोरशिप के लिए- रु० 30.00 करोड़
- मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए- रु० 60.00 करोड़
- पुलिस आवास हेतु-रु० 100.00 करोड़
- इण्डिया रिजर्व वाहिनी की स्थापना रू0 10.00 करोड़
- स्टेट डिजास्टर रिस्पोन्स फोर्स- रू0 10.00 करोड़
- आन्तरिक सुरक्षा हेतु केन्द्रीय पुलिस बल आदि को भुगतान- रु0 2.50 करोड़
- जेलों का निर्माण / भूमि क्रय- रु0 25.00 करोड़
- कारागार हेतु आवासीय भवनों का निर्माण- रु० 10.00 करोड़
- उत्तराखण्ड न्यायिक एवं विधिक अकादमी- रू0 6.96 करोड़
- रेप एंड पोक्सो एक्ट के लंबित प्रकरणों हेतु फास्ट ट्रैक विशेष कोर्ट - रु0 3.42 करोड़
वहीं उत्तराखंड के 2026 और 27 के आम बजट में प्रमुख पूंजीगत योजनाएं भी है जो आने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों की एक रूपरेखा भी है.
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