मुंबई एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल-1 के एक हिस्से का कायाकल्प होने वाला है. अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) नए सिरे से चरणबद्ध तरीके से टर्मिनल 1B को री-डेवलप करेगा. कंपनी के मुताबिक, करीब 60 साल पुरानी इमारत से जुड़े सुरक्षा जोखिम को देखते हुए ये कदम उठाया जा रहा है. AAHL के CEO अरुण बंसल ने कहा कि इस तरह चरणबद्ध तरीके से काम करने का उद्देश्य यात्रियों को होने वाली परेशानी और एयरपोर्ट के ऑपरेशन पर असर को कम करना है.
55 मिलियन यात्रियों में से सिर्फ 9% पर असर
मुंबई एयरपोर्ट पर सालाना करीब 5.5 करोड़ यात्री आते हैं. इनमें से लगभग 50 लाख यात्रियों यानी करीब 9% के ट्रैफिक को अस्थायी रूप से प्रभावित क्षेत्र से हटाना होगा.
कंपनी का कहना है कि मुंबई एयरपोर्ट के करीब 91% यात्री ट्रैफिक पर कोई असर नहीं पड़ेगा. पहले चरण में Terminal 1B के सिर्फ North Section को हटाया जाएगा, जो Terminal 1 की क्षमता का करीब एक-तिहाई हिस्सा है.
टर्मिनल 1 की क्षमता 33% बढ़ेगी
मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 का पुनर्विकास जनवरी 2027 से शुरू होगा. पुनर्विकास के बाद इसकी क्षमता मौजूदा 15 मिलियन यात्री प्रति वर्ष (MPPA) से बढ़कर 20 MPPA हो जाएगी.
यानी टर्मिनल 1 की क्षमता में करीब 33% की बढ़ोतरी होगी. कंपनी के मुताबिक, पुनर्विकास के बाद एयरलाइंस को उनके पुराने सभी स्लॉट वापस मिलेंगे और अतिरिक्त स्लॉट भी उपलब्ध कराए जाएंगे.
2020 से एयरलाइंस के साथ चल रही थी बातचीत
कंपनी के मुताबिक टर्मिनल 1 के भविष्य को लेकर एयरलाइंस के साथ 2020 से व्यापक स्तर पर बातचीत चल रही थी. प्रस्तावित पुनर्विकास को AERA के सामने भी रखा गया था और बाद में इसे मंजूर टैरिफ फ्रेमवर्क में शामिल किया गया.
अरुण बंसल ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और पुनर्विकास की प्रक्रिया शुरू करने में और देरी करना लाखों यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए ठीक नहीं होगा.
नवी मुंबई एयरपोर्ट बनेगा अस्थायी विकल्प
मुंबई एयरपोर्ट से अस्थायी रूप से शिफ्ट होने वाली एयरलाइंस को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अपनी सेवाएं स्थानांतरित करने का विकल्प दिया गया है. कंपनी के मुताबिक, एयरलाइंस अपनी जरूरत के अनुसार ये विकल्प चुन सकती हैं और AAHL इस ट्रांजिशन में जरूरी सहायता देगा.
नवी मुंबई एयरपोर्ट नए अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लैंडिंग फीस पर 100% छूट भी दे रहा है. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को मुंबई और नवी मुंबई एयरपोर्ट के User Development Fee (UDF) के अंतर की भरपाई के लिए कैश वाउचर देने की भी योजना है.
कंपनी का कहना है कि नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास अतिरिक्त यात्री ट्रैफिक संभालने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमता मौजूद है. इसी वजह से मुंबई एयरपोर्ट के Terminal 1 का काम पूरे टर्मिनल को एक साथ बंद करने के बजाय चरणों में किया जा सकेगा. AAHL के मुताबिक, मुंबई और नवी मुंबई एयरपोर्ट मिलकर मुंबई महानगरीय क्षेत्र की विमानन जरूरतों को पूरा करने वाले पूरक एयरपोर्ट के तौर पर काम करेंगे.
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