दुनिया की बड़ी टेक कंपनी Meta ने एक बार फिर बड़े लेवल पर कर्मचारियों की छंटनी की है. हजारों कर्मचारियों के लिए यह खबर बेहद चौंकाने वाली रही. उन्हें सुबह-सुबह एक ईमेल मिला जिसमें साफ लिखा था कि कंपनी के पुनर्गठन (Reorganisation) के तहत उनकी नौकरी खत्म कर दी गई है. इस ईमेल ने कई कर्मचारियों के महीनों से चल रहे डर को सच साबित कर दिया. Meta ने लगभग 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया, जो कंपनी के कुल वर्कफोर्स का लगभग 10 प्रतिशत है.

ऑफिस पहुंचे कर्मचारियों से कहा गया - सामान उठाओ और घर जाओ
Meta का यह ईमेल सिर्फ नौकरी खत्म होने की सूचना नहीं था, बल्कि इसमें कर्मचारियों के लिए सख्त निर्देश भी थे. जिन कर्मचारियों ने उस दिन ऑफिस आकर काम शुरू किया था, उनसे कहा गया कि वे अपनी डेस्क से निजी सामान उठाएं और तुरंत घर चले जाएं.
कंपनी ने पहले ही कई कर्मचारियों के ऑफिस बैज बंद कर दिए थे और उनके आंतरिक सिस्टम एक्सेस भी हटाने शुरू कर दिए गए थे. इससे साफ था कि कंपनी इस प्रक्रिया को बहुत तेजी से लागू कर रही थी.
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AI पर फोकस के लिए बदला जा रहा है Meta का ढांचा
Meta ने कहा कि यह छंटनी कंपनी को अधिक कुशल (Efficient) बनाने और दूसरे बड़े निवेशों को बैलेंस करने के लिए की गई है. इसका सीधा संबंध कंपनी की AI रणनीति से है. जहां एक तरफ 8,000 नौकरियां खत्म की गईं, वहीं दूसरी ओर 7,000 से ज्यादा कर्मचारियों को AI आधारित टीमों में शिफ्ट किया गया.
मार्क जुकरबर्ग ने जताई भावनाएं
Meta के CEO मार्क जुकरबर्ग ने एक अलग मेमो में कर्मचारियों से कहा कि किसी ऐसे व्यक्ति को अलविदा कहना दुखद है जिसने कंपनी की ग्रोथ में योगदान दिया हो. उन्होंने लिखा कि इस फैसले का भावनात्मक भार वे महसूस कर सकते हैं. हालांकि, उन्होंने बचे हुए कर्मचारियों को यह भरोसा भी दिया कि इस साल कंपनी में बड़े स्तर पर और छंटनी होने की उम्मीद नहीं है.
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निकाले गए कर्मचारियों को क्या मिलेगा?
Meta ने कर्मचारियों के लिए सेवरेंस पैकेज की घोषणा की. इसके तहत कर्मचारियों को 16 हफ्तों की बेस सैलरी दी जाएगी. इसके अलावा हर पूरे साल की सेवा पर अतिरिक्त 2 हफ्तों का भुगतान मिलेगा. कंपनी ने यह भी कहा कि कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम 18 महीनों तक कवर किया जाएगा. कर्मचारियों को उनके अर्जित स्टॉक ग्रांट और छुट्टियों का भुगतान भी मिलेगा. साथ ही तीन महीने तक बाहरी जॉब सर्च सहायता भी दी जाएगी.
वीजा पर काम करने वालों के लिए बढ़ी चिंता
जो कर्मचारी वीजा पर काम कर रहे थे, खासकर H-1B वीजा वाले. नौकरी खत्म होने के बाद उनके वर्क परमिट और इमिग्रेशन स्टेटस पर असर पड़ सकता है. Meta ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों को Alumni Portal के जरिए इमिग्रेशन गाइडेंस और लीगल फर्म्स की जानकारी दी जाएगी.
Meta ने इस साल 125 से 145 बिलियन डॉलर तक के निवेश का अनुमान लगाया है. इसका मतलब साफ है कि आने वाले समय में AI सेंट्रिक नौकरियों की मांग बढ़ेगी.
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