विज्ञापन

'पहले मॉनसून होता था 'वित्त मंत्री', अब बदल गया इकोनॉमी का पैटर्न', NDTV Profit Awards में बोले पूर्व मंत्री जयंत सिन्हा

NDTV प्रॉफिट बिजनेस लीडरशिप अवार्ड्स 2026 में पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि अब मानसून नहीं बल्कि कच्चे तेल की कीमतें भारत की अर्थव्यवस्था तय करती हैं. जानिए क्यों दी उन्होंने जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने की सलाह.

'पहले मॉनसून होता था 'वित्त मंत्री', अब बदल गया इकोनॉमी का पैटर्न',  NDTV Profit Awards में बोले पूर्व मंत्री जयंत सिन्हा
जयंत सिन्हा NDTV प्रॉफिट अवार्ड्स
Source: NDTV Profit

वर्षों तक मानसून को भारतीय अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का सबसे प्रमुख निर्धारक माना जाता रहा है, लेकिन आज इसकी जगह वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) ने ले ली है. 'NDTV प्रॉफिट बिजनेस लीडरशिप अवार्ड्स 2026' में 'लीडरशिप डायलॉग' के दौरान एवरेस्टोन ग्रुप (Everstone Group) के प्रेसिडेंट और पूर्व केंद्रीय वित्त व नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने भारतीय अर्थव्यवस्था में आए इस बड़े ढांचागत बदलाव को रेखांकित किया.

वित्त मंत्रालय की एक मशहूर कहावत/चुटकुले का जिक्र करते हुए जयंत सिन्हा ने कहा, 'पहले कहा जाता था कि भारत के वित्त मंत्री मानसून हैं, लेकिन अब भारत के वित्त मंत्री कच्चे तेल की कीमतें हैं.'

क्यों बदला मानसून और क्रूड ऑयल का गणित?

जयंत सिन्हा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब चालू वर्ष में भारत में मानसून की बारिश अनुमान से कम देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी ओर मध्य पूर्व (Middle East) में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. इसने देश में मुद्रास्फीति (महंगाई) के जोखिम को बढ़ा दिया है, जो यह स्पष्ट दर्शाता है कि क्रूड ऑयल अब मानसून से भी बड़ा आर्थिक ड्राइवर बन चुका है.

हालांकि मानसून अब भी कृषि विकास, खाद्य महंगाई पर नियंत्रण और ग्रामीण उपभोक्ता मांग को बढ़ाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन कच्चे तेल की कीमतें सीधे तौर पर परिवहन लागत, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और लगभग सभी वस्तुओं की कीमतों को प्रभावित करती हैं. क्रूड की कीमतों में किसी भी उछाल का असर दुनिया भर में उत्पादन लागत और अर्थव्यवस्था की स्थिरता पर पड़ता है.

जीवाश्म ईंधन और चीन पर निर्भरता घटाने की सलाह

जयंत सिन्हा ने भारत को जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) पर अपनी निर्भरता कम करने और रिन्यूएबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश करने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि रुकावटों और उथल-पुथल के इस दौर में भारत को वैश्विक रुझानों के अनुसार खुद को ढालना होगा. इसके साथ ही उन्होंने भारत को चीन पर अपनी निर्भरता कम करने और भविष्य के आर्थिक विकास को आकार देने वाले प्रमुख निवेश क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी.

'जीडीपी का 40% तक पहुंचे निवेश'

दीर्घकालिक आर्थिक विकास को गति देने के लिए जयंत सिन्हा ने जोर दिया कि भारत को अपने निवेश को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 40 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे देश खुद को बड़े वैश्विक आर्थिक और निवेश रुझानों के साथ स्थापित कर रहा है, उच्च निवेश दर इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ साबित होगी.

ये भी पढ़ें: बिकने वाले थे मां के गहने... फिर गांव के इस लड़के ने 19 साल की उम्र में खड़ी कर दी 50 करोड़ की कंपनी
 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Jayant Sinha, NDTV Profit Business Leadership Awards 2026, Crude Oil Price 2026, Renewable Energy, Indian 76th Republic Day
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com