बीमा रेगुलेटर आईआरडीएआई जल्द ही बैंकों के जरिए होने वाली इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की मिस सेलिंग यानी गलत बिक्री को रोकने के लिए नई गाइडलाइंस जारी करेगा. IRDAI के चेयरपर्सन अजय सेठ ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए दी. उन्होंने कहा कि रेगुलेटर का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों को उनकी जरूरत और पात्रता के हिसाब से ही सही इंश्योरेंस प्रोडक्ट दिया जाए.
अजय सेठ ने बताया कि 'बीमा सुगम' डिजिटल प्लेटफॉर्म के सितंबर 2026 तक लॉन्च होने की उम्मीद है. शुरुआत में इस प्लेटफॉर्म पर मोटर इंश्योरेंस मिलेगा. इसके बाद हेल्थ इंश्योरेंस और फिर टर्म लाइफ इंश्योरेंस भी इसमें जोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि बीमा सुगम का उद्देश्य इंश्योरेंस खरीदने की पूरी प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल बनाना है.
एफडीआई, नए फ्रेमवर्क और ग्राहक सेवा पर भी जोर
सेठ ने बताया कि सरकार की ओर से इंश्योरेंस सेक्टर में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी एफडीआई की मंजूरी मिलने के बाद एक विदेशी इंश्योरेंस कंपनी को भारतीय लाइफ इंश्योरेंस कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी दी जा चुकी है. वहीं एक और प्रस्ताव अभी समीक्षा के दौर में है. हाल ही में केंद्र सरकार ने इंश्योरेंस सेक्टर में 100% एफडीआई को ऑटोमैटिक रूट के तहत मंजूरी देने की अधिसूचना जारी की थी. हालांकि इसके लिए इंश्योरेंस एक्ट, 1938 के नियमों का पालन और आईआरडीएआई की मंजूरी जरूरी होगी.
सरकार ने साफ किया है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के लिए अलग व्यवस्था जारी रहेगी. एलआईसी में विदेशी निवेश की अधिकतम सीमा 20% ही रहेगी और यह भी ऑटोमैटिक रूट के तहत होगी. नई व्यवस्था के तहत इंश्योरेंस ब्रोकर, री-इंश्योरेंस ब्रोकर, इंश्योरेंस एडवाइजर, कॉरपोरेट एजेंट, थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर यानी टीपीए, सर्वेयर, लॉस असेसर, मैनेजिंग जनरल एजेंट और इंश्योरेंस रिपॉजिटरी जैसे इंश्योरेंस इंटरमीडियरी में भी 100% एफडीआई की अनुमति दी गई है.
ग्राहकों की सुरक्षा के लिए IRDAI का नया कदम
अजय सेठ ने कहा कि आईआरडीएआई जल्द ही इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की बिक्री के लिए प्रोडक्ट सूटेबिलिटी फ्रेमवर्क भी लाएगा. उन्होंने बताया कि रेगुलेटर इस मामले में सख्त पाबंदियां लगाने के बजाय गाइडिंग प्रिंसिपल्स जारी करेगा. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों को उनकी जरूरत के मुताबिक सही इंश्योरेंस प्रोडक्ट बेचा जाए.
KMP वेतन के लिए नए सख्त नियम
हाल ही में आईआरडीएआई ने इंश्योरेंस कंपनियों के टॉप अधिकारियों यानी मुख्य प्रबंधन कर्मियों (केएमपी) के वेतन और बोनस से जुड़े नियम भी सख्त किए हैं. अब उनके इंसेंटिव और बोनस को क्लेम सेटलमेंट की स्पीड, शिकायतों के समाधान, प्रोडक्ट्स के प्रदर्शन और कस्टमर सर्विस की क्वालिटी जैसे मापदंडों से जोड़ा जाएगा. इसके अलावा, आईआरडीएआई ने हाल ही में एक नई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को भी लाइसेंस दिया है. हाल के समय में यह दूसरा नया लाइसेंस है.
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