Investment Tips: आम आदमी को लगता है कि करोड़पति बनने के लिए लाखों में सैलरी या कोई बड़ा बिजनेस होना जरूरी है. लेकिन एक्सपर्ट और निवेशकों का मानना है कि आप कितना कमाते हैं, उससे ज्यादा जरूरी ये है कि आप कितना और कहां निवेश करते हैं. अगर हम ये कहें कि आपकी महीने की सैलरी 22 हजार रुपये है, तो भी आप रिटायरमेंट तक 4.8 करोड़ रुपये का बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं, तो आप कहेंगे कि अप्रैल फूल बना रहे हैं क्या... पर ऐसा नहीं है. 25 हजार से कम सैलरी में भी प्लान के साथ किए निवेश के जरिए आप करोड़पति बन सकते हैं. कैसे? इस खबर में पूरी जानकारी देते हैं.
कंपाउंडिंग की पावर
इस टारगेट को हासिल करने में आपका सबसे बड़ा हथियार कंपाउंडिंग (Compounding) है. निवेश की दुनिया में इसे निवेशक दुनिया का आठवां अजूबा कहते हैं. आप जितनी जल्दी निवेश शुरू करते हैं, आपके पैसे को बढ़ने के लिए उतना ही ज्यादा टाइम मिलता है. ऐसे में अगर कोई निवेशक 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है, तो उसके पास 60 साल की उम्र तक पहुंचने के लिए पूरे 35 साल होंगे.
समझिए करोड़पति बनने का कैलकुलेशन
मान लीजिए आपकी सैलरी 22 हजार रुपये महीने है. आप अपनी इनकम का करीब 20% से 25% हिस्सा यानी 5 हजार रुपये प्रति माह एसआईपी (Systematic Investment Plan) में निवेश करते हैं, तो सफर की शुरुआत यहीं से होती है. हालांकि, सिर्फ 5 हजार की फिक्स एसआईपी से 4.8 करोड़ तक पहुंचना मुश्किल है. इसके लिए आपको स्टेप-अप एसआईपी का तरीका अपनाना होगा. मतलब जैसे-जैसे आपकी सैलरी बढ़ती है, आपको अपने निवेश के अमाउंट को भी बढ़ाना होगा.
शुरुआती निवेश के लिए फिलहाल 5 हजार प्रति माह ले लेते हैं. हर साल अपने निवेश में 10% का इजाफा करते हैं. वहीं इक्विटी म्यूचुअल फंड में लंबी अवधि के लिए औसतन 12% का रिटर्न माना जा सकता है. इसके लिए 35 साल का टाइम पीरियड रखते हैं. इस फॉर्मूले के अनुसार, 35 साल बाद आपका टोटल निवेश लगभग 1.62 करोड़ होगा, लेकिन कंपाउंडिंग के जादू के बाद आपकी कुल वेल्थ लगभग 4.8 करोड़ रुपये के पार निकल जाएगी.
वो बातें जो ध्यान में रखनी होगी
अपने इस निवेश के सफर में आपको कुछ बातों को गांठ बांध लेना होगा. जैसे बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेश को रोकना नहीं है. याद रखें कि आज के 4 करोड़ की वैल्यू 35 साल बाद कम होगी, इसलिए अपना टारगेट हमेशा थोड़ा बड़ा रखें. इसके साथ ही निवेश शुरू करने से पहले कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड जरूर बनाएं, जिससे निवेश बीच में ना तोड़ना पड़े.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं