Income Tax Act 2025: देश में फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की शुरुआत हो चुकी है. इसके साथ ही नौकरीपेशा लोगों के लिए टैक्स से लेकर कंपनी की कार का इस्तेमाल करना पूरी तरह से बदल गया है. इनकम टैक्स एक्ट 2025 आने के बाद से नया लेबर कोड लागू हो जाने के बाद इन हैंड सैलरी की कैलकुलेशन में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. ऐसे में इन सभी बदलावों का असर आपकी जेब पर क्या पड़ेगा, इसकी जानकारी आप को होनी चाहिए.
इन-हैंड सैलरी पर असर
- नए लेबर कोड के आने से सैलरी की परिभाषा बदल दी जाएगी. नए नियमों के अनुसार, किसी भी कर्मचारी का बेसिक पे उसकी टोटल सीटीसी (CTC) का कम से कम 50% होना चाहिए. अभी के समय में कई कंपनियां टैक्स बचाने के लिए बेसिक पे को कम रखती हैं और कई तरहों के अलाउंस को बढ़ा देती हैं.
- जब बेसिक पे बढ़ेगा, तो पीएफ और ग्रेच्युटी में आपका योगदान भी बढ़ जाएगा. इसका सीधा मतलब ये है कि आपका रिटायरमेंट प्लान तो मजबूत होगा, लेकिन हर महीने मिलने वाली इन-हैंड सैलरी कम हो जाएगी.

Income Tax Act 2025
टैक्स छूट में बड़ी राहत
- नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 पुराने टैक्स रिजीम को चुनने वालों के लिए कुछ अच्छी खबरें भी लाया है. दरअसल अब तक सिर्फ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को ही 50% एचआरए छूट के लिए मेट्रो शहर माना जाता था. पर अब बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को भी इस लिस्ट में शामिल किया गया है. यानी इन शहरों के में रह लोगों की अब ज्यादा से ज्यादा टैक्स सेविंग होगी.
- दूसरा बड़ा फायदा बच्चों की एजुकेशन पर टैक्स छूट को लेकर है. इसे अब 100 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति महीने/बच्चा कर दिया है. वहीं, हॉस्टल खर्च की छूट को 300 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
- तीसरा फायदा कॉरपोरेट मील कार्ड पर है. अब कंपनी की तरफ से मिलने वाले मील कार्ड पर टैक्स-फ्री लिमिट को 50 रुपये/मील से बढ़ाकर 200 रुपये कर दी है.
कॉरपोरेट कार के इस्तेमाल पर बदलाव
अगर आपको कंपनी की तरफ से कार मिली है तो उसकी परक्विजिट वैल्यू बढ़ गई है. मतलब अब 1.6 लीटर से कम इंजन वाली कारों पर 8 हजार रुपये हर महीने और बड़ी कारों पर 10 हजार रुपये हर महीने के हिसाब से टैक्स लगेगा. साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को भी अब टैक्स के दायरे में लाया गया है.
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