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कोयले से बनेगा हाइड्रोजन और एथेनॉल! 65,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू, मन खुश कर देगा सरकार का ये प्‍लान

देश में 65,000 करोड़ रुपये से अधिक के कोल गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है. सरकार को उम्मीद है कि इससे हाइड्रोजन, एथेनॉल और अन्य इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स का घरेलू उत्पादन बढ़ेगा. साथ ही ईंधन और केमिकल्स के आयात पर निर्भरता भी कम होगी.

कोयले से बनेगा हाइड्रोजन और एथेनॉल! 65,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू, मन खुश कर देगा सरकार का ये प्‍लान
Coal Gasification: कोयले के गैसीकरण प्रोजेक्‍ट पर काम शुरू हो गया है.
Source: Canva

देश में कोयले से हाइड्रोजन, एथेनॉल और कई अन्य औद्योगिक उत्पाद बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. सरकार ने बताया है कि 65,000 करोड़ रुपये से अधिक के कोल गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट्स पर इस समय काम चल रहा है. इससे साफ है कि सरकार की योजना अब केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर भी तेजी से आगे बढ़ रही है. हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में कोयला सचिव विक्रम देव दत्त ने कहा कि इस सेक्टर को उद्योग जगत से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है. उनके मुताबिक जनवरी 2024 में मंजूर की गई 8,500 करोड़ रुपये की इंसेंटिव स्कीम के तहत आठ प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू हो चुका है. इन प्रोजेक्ट्स को अब तक 6,233 करोड़ रुपये की इंसेंटिव सहायता दी जा चुकी है. इनके जरिए कोयले से सिंथेटिक नेचुरल गैस (SNG), एथेनॉल, हाइड्रोजन, एसिटिक एसिड, अमोनियम नाइट्रेट, DRI बेस्ड स्टील और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे.

2030 तक बड़ा लक्ष्य

सरकार अब 37,500 करोड़ रुपये के एक बड़े इंसेंटिव प्रोग्राम को भी अंतिम रूप दे रही है. इसके लिए ड्राफ्ट दस्तावेज को सार्वजनिक किया गया है और विभिन्न पक्षों से सुझाव लिए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 10 करोड़ टन कोयले का गैसीफिकेशन करना है. इसके तहत करीब 25 प्रोजेक्ट्स में 2.5 लाख करोड़ से 3 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश आने की उम्मीद है.

महाराष्ट्र बन रहा बड़ा केंद्र

केंद्रीय कोयला मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा कि महाराष्ट्र कोल गैसीफिकेशन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है. राज्य में पहले से पांच प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र को वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के जरिए कोयले की उपलब्धता, मजबूत इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी सहयोग का फायदा मिल रहा है. इससे राज्य इस क्षेत्र का बड़ा हब बन सकता है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कहा कि राज्य सरकार इस सेक्टर के लिए निवेश को बढ़ावा देने वाला माहौल तैयार कर रही है. उन्होंने बताया कि मुंबई का कोल गैसीफिकेशन टेक्नोलॉजी से ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है. सरकार का मानना है कि यह पहल देश में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी. साथ ही उर्वरक, केमिकल और ईंधन जैसे क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी. इससे घरेलू उद्योगों को भी नई ताकत मिलेगी और बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा.

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लेखक के बारे में
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निलेश कुमार
Senior Producer
निलेश, NDTV इंडिया में बिजनेस सेक्‍शन लीड करते हैं. मीडिया में रिपोर्टिंग समेत 13 साल से ज्‍यादा का अनुभव है. मार्केट, बिजनेस, इकोनॉमी, पर्सनल फाइनेंस... और पढ़ें
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