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बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों बीच लोगों ने जमकर खरीदी EV, मई में बन गया रिकॉर्ड

ईरान युद्ध के चलते वैश्विक तेल संकट ने ईवी बाजार को रफ्तार दी है. मई में इलेक्ट्रिक कारों और टू-व्हीलर्स की बिक्री में भारी उछाल आया है. जानिए नोमुरा और एचएसबीसी की रिपोर्ट क्या कहती है.

बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों बीच लोगों ने जमकर खरीदी EV, मई में बन गया रिकॉर्ड

अमेरिका-ईरान के बीच जंग ने पेट्रोल-डीजल के दामों में आग लगा दी है. कच्चे तेल की महंगी कीमतों के बीच भारत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. दरअसल देश में ईंधन के दाम बढ़ते देख ग्राहकों ने ईवी की तरफ शिफ्ट होना शुरू कर दिया है. ब्रोकरेज फर्म नोमुरा और एचएसबीसी की रिपोर्ट से पता चलता है कि मई के महीने में देश के अंदर ईवी की डिमांड में एक बड़ा उछाल आया है. जैसा आप जानते हैं कि कच्चे तेल की कीमतें आसमान पर पहुंच गईं हैं. इसी वजह से देश में तेल कंपनियों ने दो हफ्ते के अंदर चार बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए. इसका सीधा असर आम नागरिक के मूड पर दिखाई दिया. 

नोमुरा की रिपोर्ट की बात करें तो मई में जितनी कारें बिकी हैं, उसमें ईवी कारों का हिस्सा बढ़कर 6.4% हो गया, जो पहले फाइनेंशियल ईयर 2025 में सिर्फ 4 फीसदी था. इतना ही नहीं इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स में शामिल स्कूटर, बाइक का हिस्सेदारी 6.5 फीसदी से बढ़कर 8.9 फीसदी पर पहुंच गई है. दूसरी तरफ एचएसबीसी ने भी इन आंकड़ों पर अपनी मुहर लगाई है. 

ईवी कार के मामले में टाटा सबसे आगे

रिपोर्ट के अनुसार ईवी कार के सेगमेंट में टाटा मोटर्स ने अपनी धाक जमाई है. कंपनी ने सालाना आधार पर ईवी सेल्स में 85 फीसदी की ग्रोथ हासिल की है. इतना ही नहीं पिछले 2 महीने की बात करें तो टाटा की ईवी बुकिंग करीब 2.5 गुना बढ़ गई है. नोमुरा के अनुसार 15 लाख रुपये से कम की ईवी कारों की डिमांड ज्यादा है, जिसमें टियागो ईवी और पंच ईवी शामिल है. डिमांड को देखते हुए टाटा मोटर्स ने अपना प्रोडक्शन 10 हजार यूनिट हर महीने से बढ़ाकर 15 हजार यूनिट प्रति महीने करने का प्लान कर रही है.  

टू-व्हीलर सेगमेंट में टीवीएस के साथ एथर ने किया कमाल

इलेक्ट्रिक टू-वहीलर सेगमेंट में भी बदलाव साफ देखा जा रहा है. मई में करीब 42 हजार इलेक्ट्रिक स्कूटर रजिस्ट्रेशन के साथ टीवीएस मोटर्स नंबर 1 पर है. इसके ठीक पीठे बजाज ऑटो और एथर का नाम है. एथर एनर्जी की बात करें तो कंपनी की सेल में सालाना आधार पर दोगुना से ज्यादा का इजाफा हुआ है. इसके जरिए मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी बढ़कर 16.5 फीसदी हो गई है. 

डिमांड में एक साथ इजाफा क्यों?

ईवी की डिमांड एक साल पहले से ही लगातार बढ़ रही है. हालांकि मिडिल ईस्ट की जंग ने इसकी मांग को दो गुना बढ़ा दिया. अमेरिका-ईरान के बीच संभावित पीस डील को लेकर अभी सवाल बना हुआ है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. दुनिया का 20 फीसदी तेल और गैस का इंपोर्ट इसी रास्ते से होता है. 

आ गया ईवी का टर्निंग पॉइंट?

ब्रोकरेज फर्म ने बताया कि कमोडिटी की लागत लगातार बढ़ रही है. ये कार निर्माताओं के लिए परेशानी खड़ा कर रहा है. लेकिन इन सभी के बाद भी ईवी की स्पीड रुकने वाली नहीं है.  नोमुरा ने कहा कि, भारतीय बाजार में ईवी अब एक इन्फ्लेक्शन पॉइंट पर हैं. ग्राहकों की बदलती सोच अब इस बात का पक्का सबूत है कि देश का फ्यूचर अब इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की तरफ बढ़ चुका है.

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