गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भारत के डिजिटल भविष्य को बहुत पॉजिटिव दिखाई दिए. मीडिया रिसेप्शन में पिचाई के साथ गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसाबिस और रिसर्च हेड जेम्स मनयिका भी मौजूद थे. पिचाई की बातों ने साफ कर दिया कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ना केवल भारत की अर्थव्यवस्था को बदलेगा बल्कि आम आदमी के जीवन स्तर को भी ऊपर उठाएगा.
भारत के लिए एक बड़ा अवसर
सुंदर पिचाई ने अपनी स्पीच में इस बात पर जोर दिया कि भारत एआई के एरिया में दुनिया को लीड करने की क्षमता रखता है. उन्होंने कहा, "भारत ने जिस तरह से डिजिटल भुगतान और डेटा एक्सेस में महारत हासिल की है, वही तेजी अब एआई के क्षेत्र में भी देखने को मिल रही है." उनके अनुसार एआई अब केवल एक तकनीकी शब्द नहीं है, बल्कि यह सेहत, कृषि और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है.
'भारतीय डेवलपर्स और स्टार्टअप्स करेंगे कमाल'
पिचाई ने गूगल डीपमाइंड के कामों की तारीफ करते हुए बताया कि कैसे एआई मुश्किल से मुश्किल वैज्ञानिक समस्याओं को हल करने में मदद कर रहा है. उन्होंने भरोसा दिया कि भारतीय डेवलपर्स और स्टार्टअप्स एआई का इस्तेमाल करके ऐसी समस्याओं का समाधान निकालेंगे जो ना केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए मिसाल बनेंगे. उन्होंने भाषा की बाधाओं को दूर करने के लिए गूगल के कामों का भी जिक्र किया, जिससे हर भारतीय अपनी भाषा में इसका फायदा उठा सके.
पिचाई ने भारत में 15 अरब डॉलर के एआई केंद्र की पूर्व घोषणा का भी जिक्र किया, जिसमें गीगावाट-स्केल कंप्यूटर और एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री केबल मार्ग होगा. इससे देश में रोजगार और उन्नत एआई बुनियादी ढांचा विकसित होगा.
भविष्य की चुनौतियां
पिचाई ने एआई के इस्तेमाल पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि तकनीक जितनी शक्तिशाली होती है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी साथ लाती है. गूगल का टारगेट एआई को सेफ और पारदर्शी बनाना है. उन्होंने भारतीय युवाओं के लिए कहा कि भविष्य उनके हाथों में है और एआई उनके सपनों को पंख देने का काम करेगा.
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