फेस्टिव सीजन आते ही हर किसी को अपनी कंपनी से मिलने वाले गिफ्ट्स और शॉपिंग वाउचर्स का बेसब्री से इंतजार रहता है. अगर आपका भी गिफ्ट वाउचर आने वाला है, तो आपके लिए एक काम की खबर है.इनकम टैक्स नियमों में बदलाव के बाद एम्प्लॉयर यानी कंपनी की तरफ से मिलने वाले गिफ्ट वाउचर्स पर टैक्स फ्री लिमिट बढ़ा दिया गया है.
अब ₹15,000 तक का गिफ्ट कार्ड होगा पूरी तरह टैक्स फ्री
नए नियमों के मुताबिक, अब सालाना 15,000 रुपये तक के गिफ्ट, वाउचर या टोकन पर 1 रुपये भी टैक्स नहीं देना होगा.इससे पहले यह टैक्स-फ्री लिमिट सिर्फ 5,000 रुपये सालाना हुआ करती थी. यानी इस बार आपके त्योहार का मजा दोगुना होने वाला है और आपको मिलने वाले वाउचर पर टैक्स सेविंग भी ज्यादा होगी.
जान लीजिए इस फैसले से सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को कैसे सीधा फायदा मिलेगा और अगल कंपनी इस लिमिट से ज्यादा गिफ्ट ऑफर करती है तो उसपर टैक्स किस हिसाब से लगेगा...
नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू
इनकम टैक्स रूल्स 2026 के तहत यह छूट 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है. यानी यह नया नियम चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूरी तरह मान्य है.यह छूट ओल्ड और न्यू दोनों टैक्स रिजीम चुनने वाले कर्मचारियों पर लागू होगी. इससे कंपनियों के लिए अपने कर्मचारियों को डिजिटल रिवॉर्ड्स और वाउचर्स देना और आसान हो जाएगा.
क्या हर त्योहार पर मिलेगी ₹15,000 की छूट?
हालांकि यह समझना बहुत जरूरी है कि ₹15,000 की लिमिट किसी एक त्योहार या मौके के लिए नहीं है. यह पूरे वित्तीय वर्ष की कुल यानी एग्रीगेट लिमिट है.इसका मतलब यह हुआ कि दिवाली, जन्मदिन या एनिवर्सरी जैसे सभी मौकों को मिलाकर पूरे साल में एम्प्लॉयर से मिले वाउचर्स की कुल वैल्यू ₹15,000 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. कंपनियों को पूरे साल में दिए गए गिफ्ट्स का हिसाब अपने पेरोल में रखना होगा.
किस तरह के गिफ्ट पर मिलेगी टैक्स छूट?
बता दें कि डिजिटल वाउचर्स और गिफ्ट कार्ड्स जैसे शॉपिंग वाउचर, ब्रांड कार्ड्स और डिजिटल टोकन पर यह छूट मिलेगी.हालांकि, अगर कंपनी आपको सीधे कैश या चेक के रूप में गिफ्ट देती है, तो उस पर कोई छूट नहीं मिलेगी. वह पूरा अमाउंट आपकी इनकम में जुड़ेगा और उस पर टैक्स लगेगा.
₹15,000 या उससे ज्यादा वैल्यू होने पर क्या होगा?
इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, अगर पूरे साल में मिले गिफ्ट्स की कुल वैल्यू ₹15,000 से कम रहती है, तो उसकी टैक्सेबल वैल्यू 'शून्य' (Nil) मानी जाएगी.लेकिन अगर कुल गिफ्ट वैल्यू ₹15,000 या उससे अधिक हो जाती है, तो कर्मचारियों को पूरे अमाउंट की टैक्स देनदारी पर असर पड़ सकता है. इसलिए सिर्फ यह न मान लें कि केवल ₹15,000 से ऊपर वाले हिस्से पर टैक्स लगेगा.
ITR फाइल करते समय ऐसे करें चेक
कंपनी अपने लेवल पर गिफ्ट्स का हिसाब रखकर टैक्स ट्रीटमेंट तय करती है. इसकी जानकारी कर्मचारी को मिलने वाले फॉर्म 16 में दर्ज होती है.कर्मचारियों को अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय अपने फॉर्म 16 से गिफ्ट वाउचर की डिटेल्स जरूर मिलाना चाहिए ताकि आगे चलकर टैक्स सी जुड़ी कोई परेशानी न हो.
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