विज्ञापन

Home Loan Growth: छोटे शहरों में होम लोन बढ़े, टियर-2 और टियर-3 शहर बनेंगे ग्रोथ का नया इंजन, जानिए क्‍यों बढ़ रही मांग

Home Loan Growth: देश में होम-लोन ग्रोथ का अगला दौर छोटे शहरों से शुरू होगा. एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, टियर-2 और टियर-3 शहरों में होम-लोन वॉल्यूम 81% बढ़ा है और डिजिटल लेंडिंग तेजी से लोकप्रिय हो रही है.

Home Loan Growth: छोटे शहरों में होम लोन बढ़े, टियर-2 और टियर-3 शहर बनेंगे ग्रोथ का नया इंजन, जानिए क्‍यों बढ़ रही मांग
Home Loan का वॉल्‍यूम छोटे शहरों में बढ़ा
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स

देश में होम-लोन (Home Loan) बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. आने वाले समय में देश में होम-लोन की अगली बड़ी ग्रोथ वेव मेट्रो शहरों से निकलकर छोटे यानी टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने की उम्मीद है. एडवाइजरी फर्म एसजीए पीआर (SGA PR) की एक रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल लेंडिंग (Digital Lending) के तेजी से प्रसार के चलते साल 2024 तक देश में 92 प्रतिशत हाउसिंग-फाइनेंस एप्लीकेशन डिजिटल रूप से प्रोसेस किए जाने लगे हैं.

छोटे शहरों में तेजी से बढ़ रहा कारोबार

रिपोर्ट के मुताबिक, देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में होम-लोन वॉल्यूम की हिस्सेदारी अब 64 प्रतिशत पहुंच चुकी है. साल 2025 में इन छोटे शहरों में होम-लोन वॉल्यूम में सालाना आधार पर 81 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि साल 2020 में केवल 60 प्रतिशत हाउसिंग-फाइनेंस एप्लीकेशन ही डिजिटल माध्यम से प्रोसेस होते थे, जो यह दर्शाता है कि देश में डिजिटल पैठ कितनी तेजी से बढ़ी है.

हालांकि, रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि अनसिक्योर्ड लोन (बिना गारंटी वाले कर्ज) की तुलना में हाउसिंग फाइनेंस में अभी भी फिजिकल वेरिफिकेशन, फील्ड ऑपरेशंस और मैनुअल प्रक्रियाओं की अहम भूमिका बनी हुई है.

छोटे शहरों में मांग क्यों बढ़ रही है?

बड़े महानगरों में घर महंगे होते जा रहे हैं. ऐसे में तेजी से सुधरते इंफ्रास्ट्रक्चर, बढ़ती आय, शहरीकरण और रोजगार के नए अवसरों के कारण छोटे शहरों और कस्बों में घर खरीदने की मांग लगातार बढ़ रही है.

एसजीए पीआर के सीईओ राहुल जैन का कहना है, 'जैसे-जैसे मांग महानगरों से आगे बढ़ रही है, टेक्नोलॉजी उधारदाताओं (Lenders) को दस्तावेजों और अंडरराइटिंग से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में मदद कर रही है. इस सेक्टर के अगले चरण में डिजिटल बुनियादी ढांचे के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भरोसे और समझ का तालमेल बिठाना जरूरी होगा.'

अर्बन मनी के सह-संस्थापक और चीफ बिजनेस ऑफिसर अमित प्रकाश सिंह का मानना है कि डिजिटल टूल्स की मदद से ग्राहकों की पात्रता आंकना, सही लेंडर चुनना और डॉक्यूमेंटेशन आसान हुआ है. छोटे शहरों में पहली बार घर खरीदने वाले और सेल्फ-एम्प्लॉयड (स्व-रोजगार) लोग इस सेगमेंट को बढ़ावा दे रहे हैं.

भविष्य की क्या है तैयारी?

रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि साल 2030 तक डिजिटल सोर्सिंग 70 प्रतिशत को पार कर जाएगी, जबकि एआई-संचालित (AI-driven) अंडरराइटिंग लोन प्रक्रिया का अहम हिस्सा बन जाएगी. आने वाले समय में किफायती आवास (Affordable Housing), अकाउंट एग्रीगेटर-बेस्ड अंडरराइटिंग और डेटा-ड्रिवन क्रेडिट असेसमेंट इस सेक्टर की दिशा तय करेंगे.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Home Loan Growth, Home Loan Agreement, Tier 2 Cities Demand, Tier 3 Cities Employment, Housing Demand
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com