दिल्ली-एनसीआर में प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग बाजार अगले दो वर्षों तक बेहद मजबूत बने रहने की उम्मीद है. इक्विरस वेल्थ और सीबीआरई-एसोचैम की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, बेहतर होती कनेक्टिविटी, तेजी से बढ़ता इंफ्रास्ट्रक्चर, संपन्न वर्ग की बढ़ती संपत्ति और एनआरआई (NRI) निवेश इस सेगमेंट की मांग को लगातार सहारा दे रहे हैं. बाजार की मौजूदा तेजी अब केवल छोटे समय के उतार-चढ़ाव पर निर्भर नहीं है, बल्कि इसके पीछे लंबे समय के मजबूत कारण काम कर रहे हैं.
एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट से बदली तस्वीर
द्वारका एक्सप्रेसवे के संचालन और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) के विकास से एनसीआर के कई रियल एस्टेट कॉरिडोर को जबरदस्त फायदा मिल रहा है. खासतौर पर गुरुग्राम, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ टैक्सपेयर्स (खरीदार) अब केवल किसी एक प्रोजेक्ट के बजाय पूरे माइक्रो-मार्केट की भविष्य की संभावनाओं को देखकर निवेश कर रहे हैं. एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं से इस क्षेत्र की निवेश क्षमता में भारी इजाफा हुआ है.
मजबूत मांग को देखते हुए डीएलएफ, गोदरेज प्रॉपर्टीज, सिग्नेचर ग्लोबल, ओबेरॉय रियल्टी, स्मार्टवर्ल्ड डेवलपर्स और टीएआरसी समेत कई कंपनियों ने गुरुग्राम और नोएडा में प्रीमियम व लग्जरी प्रोजेक्ट लॉन्च किए हैं. कई परियोजनाओं को लॉन्च के शुरुआती दिनों में ही मजबूत बुकिंग मिली है. रियल एस्टेट सेक्टर के डेवलपर्स का कहना है कि एनसीआर में लग्जरी हाउसिंग अब केवल एक प्रीमियम प्रोडक्ट नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली और संपत्ति के बेहतर प्रबंधन का हिस्सा बन रही है.
HNI और NRI निवेशकों की बढ़ती रुचि
सीबीआरई-एसोचैम की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में दिल्ली-एनसीआर में 4 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाले करीब 4,000 लग्जरी घर बिके, जो देश के सात प्रमुख शहरों की कुल लग्जरी होम सेल्स का करीब 57 प्रतिशत था. पिरामिड इंफ्राटेक के अश्विनी कुमार का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी हाउसिंग की मांग अब केवल प्रतिष्ठा या बड़े घर तक सीमित नहीं रह गई है. बेहतर कनेक्टिविटी और विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण खरीदार लंबी अवधि की संभावनाओं को ध्यान में रखकर निवेश कर रहे हैं. एचएनआई और एनआरआई की बढ़ती भागीदारी ने प्रीमियम सेगमेंट को और मजबूती दी है.
- HNIs का रुझान: उद्यमियों, प्रोफेशनल्स और कारोबारी परिवारों की संपत्ति बढ़ने के साथ हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स का रियल एस्टेट में निवेश तेजी से बढ़ रहा है.
- NRI निवेश: रुपये की स्थिति और बेहतर अवसरों के चलते एनआरआई अब केवल मुद्रा लाभ के लिए नहीं, बल्कि पोर्टफोलियो में विविधता, भविष्य में परिवार के इस्तेमाल और लंबी अवधि में संपत्ति बनाने के लिए भारतीय रियल एस्टेट को चुन रहे हैं.
काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी का कहना है कि एनसीआर में लग्जरी हाउसिंग के प्रति खरीदारों की सोच में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. अब ग्राहक लोकेशन के साथ-साथ प्राइवेसी, हरियाली, वेलनेस और बेहतर लाइफस्टाइल सुविधाओं को भी प्राथमिकता दे रहे हैं. गुरुग्राम और नोएडा जैसे बाजारों में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर इस मांग को और गति दे रहा है. ऐसे में लग्जरी सेगमेंट आने वाले वर्षों में रियल एस्टेट की ग्रोथ का प्रमुख आधार बना रह सकता है.
एसकेए ग्रुप के डायरेक्टर संजय शर्मा का कहना है कि नोएडा और जेवर में तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर रियल एस्टेट, खासकर प्रीमियम और लग्जरी हाउसिंग के लिए नए अवसर तैयार कर रहा है. जेवर एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा के आसपास विकसित हो रही औद्योगिक व कनेक्टिविटी परियोजनाओं से इन क्षेत्रों की निवेश क्षमता बढ़ रही है. खरीदार अब केवल मौजूदा सुविधाओं को नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में क्षेत्र के विकास और कनेक्टिविटी को भी ध्यान में रखकर फैसले ले रहे हैं. इससे नोएडा और जेवर से जुड़े माइक्रो-मार्केट में प्रीमियम हाउसिंग की मांग और कीमतों के आगे भी मजबूत बने रहने की उम्मीद है.
कीमतों में वार्षिक बढ़ोतरी का अनुमान
नाइट फ्रैंक की वेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच संपन्न निवेशक रियल एस्टेट की ओर रुख कर रहे हैं. रॉयटर्स के एक सर्वे के मुताबिक, आने वाले तीन वर्षों में दिल्ली-एनसीआर के घरों की कीमतों में 5 से 7 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी होने का अनुमान है.
डेवलपर्स का कहना है कि लग्जरी हाउसिंग अब केवल एक प्रीमियम प्रोडक्ट नहीं, बल्कि बदलती जीवनशैली, प्राइवेसी और संपत्ति के बेहतर प्रबंधन का अहम हिस्सा बन चुका है. डीएलएफ, गोदरेज, पिरामिड, काउंटी ग्रुप और अन्य प्रमुख डेवलपर्स इस मांग को पूरा करने के लिए लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स लॉन्च कर रहे हैं.
बड़े और बेहतर घरों की मांग
बाजार में खरीदारों की पसंद भी तेजी से बदल रही है. अब होमबायर्स केवल लोकेशन और घर के आकार पर ध्यान नहीं दे रहे, बल्कि ग्रीन स्पेस, वेलनेस सुविधाएं, प्राइवेसी, स्कूल, अस्पताल, रिटेल और वर्क हब जैसी सुविधाओं वाले इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं. इसी वजह से डेवलपर्स बड़े आकार के घरों और प्रीमियम सुविधाओं वाले प्रोजेक्ट्स पर अधिक फोकस कर रहे हैं.
एनारॉक प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के अनुसार, 2025 में देश के सात प्रमुख शहरों में लग्जरी होम सेल्स में एनसीआर की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही. गुरुग्राम और नोएडा इस मांग के प्रमुख केंद्र रहे. वहीं, सीबीआरई इंडिया के मुताबिक, बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और बड़े घरों की मांग ने दिल्ली-एनसीआर के लग्जरी बाजार को मजबूती दी है.
एचसीबीएस डेवलपमेंट्स लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट-सेल्स एंड मार्केटिंग मोहित कालिया के अनुसार दिल्ली-एनसीआर का लग्जरी रियल एस्टेट बाजार अब एक मजबूत और परिपक्व चरण में पहुंच चुका है. बढ़ती संपत्ति और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ एचएनआई वर्ग बड़े और उच्च गुणवत्ता वाले घरों की ओर तेजी से बढ़ रहा है. एनआरआई खरीदार भी भारतीय रियल एस्टेट को लंबी अवधि के निवेश और परिवार के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण विकल्प मान रहे हैं. इससे प्रीमियम प्रोजेक्ट्स के लिए मांग का आधार आने वाले वर्षों में मजबूत रहने की संभावना है.
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