Gold-Silver on All Time High: सोने-चांदी की कीमतें मंगलवार 27 जनवरी, 2026 को एक बार फिर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान MCX पर सोना 1.59 लाख के पार चला गया है, जबकि चांदी 3.51 लाख/किलो के करीब पहुंच गई है. सोने में करीब 2.4% की तेजी देखी गई और इस तेजी के साथ भाव 1,59,820 रुपये/10 ग्राम के लेवल पर पहुंच गया, जो ऑल टाइम हाई है. हालांकि बाद में निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते कीमतें थोड़ी गिर गईं. बात करें चांदी की तो इसने भी अपना पिछला सारा रिकॉर्ड तोड़ दिया. चांदी का भाव 3,59,800 रुपये/किलो पर पहुंच गया, ये भी ऑल टाइम हाई यानी अब तक का सर्वोच्च स्तर है.
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना-चांदी का भाव क्या रहा?
अमेरिकी डॉलर की लगातार कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं. सोना और चांदी अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं. दुनिया में बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोना-चांदी की ओर बढ़ रहे हैं. अमेरिका में अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 5,113.70 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर पहुंच गए. इस दौरान डॉलर इंडेक्स 0.1 प्रतिशत कमजोर हुआ, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो गया. वहीं कॉमेक्स चांदी 99 डॉलर के स्तर को पार कर गई है और नए रिकॉर्ड बना रही है.
क्यों लगातार बढ़ रहे हैं सोने-चांदी की कीमतें?
अमेरिका में सरकारी कामकाज बंद होने की आशंका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 25 प्रतिशत नए टैरिफ की धमकियों ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है. ट्रंप ने दक्षिण कोरिया की कारों, लकड़ी और दवाइयों के आयात पर टैरिफ लगाने की बात कही है. साथ ही उन्होंने कनाडा को चेतावनी दी है कि अगर वह चीन से समझौता करता है तो उस पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा. लगातार सुरक्षित निवेश की मांग, केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद और दुनिया भर में नरम मौद्रिक नीतियों की उम्मीद से कीमतों को सहारा मिल रहा है.
गोल्ड-सिल्वर पर क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
इस हफ्ते अमेरिका में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की दो दिन की बैठक होने वाली है. उम्मीद है कि फिलहाल ब्याज दरें नहीं बदली जाएंगी, लेकिन साल के अंत तक कम से कम दो बार दरों में कटौती की उम्मीद की जा रही है. मेहता इक्विटीज लिमिटेड के कमोडिटी विशेषज्ञ राहुल कलंत्री ने कहा कि बाजार की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर है. राजनीतिक दबाव की चर्चाओं ने सोना और चांदी जैसे कीमती धातुओं में निवेश को और बढ़ा दिया है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने को 1,57,050 से 1,55,310 रुपये के बीच सपोर्ट मिल सकता है, जबकि ऊपर की ओर 1,59,850 और 1,62,950 रुपये पर रेजिस्टेंस है. चांदी के लिए 3,38,810 और 3,22,170 रुपये सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 3,55,810 और 3,62,470 रुपये पर रेजिस्टेंस मानी जा रही है.
एक अन्य विश्लेषक का अनुमान है कि आने वाले सत्रों में सोना 1,65,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3,65,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकती है. हाल की रिपोर्ट के अनुसार, चांदी में तेज उछाल के बाद अब ऊंचे स्तरों पर स्थिरता या थोड़ी गिरावट भी देखने को मिल सकती है, क्योंकि निवेशक मुनाफा कमाने के लिए चांदी बेच सकते हैं.
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