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ट्रंप के 48 घंटे के अल्टीमेटम से दुनिया भर के बाजारों में मची तबाही, जानें आज भारतीय शेयर बाजार पर क्या होगा असर?

Stock Market Today: विदेशी बाजारों में मची इस उथल-पुथल का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखने वाला है. ग्लोबल दबाव के आगे आज का दिन उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है.

ट्रंप के 48 घंटे के अल्टीमेटम से दुनिया भर के बाजारों में मची तबाही, जानें आज भारतीय शेयर बाजार पर क्या होगा असर?
Stock Market Updates: मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 13% नीचे आ चुका है, जो एक बड़े करेक्शन का संकेत है.
नई दिल्ली:

दुनिया भर के शेयर बाजारों में आज कोहराम मचा हुआ है. मिडिल ईस्ट (Middle East) में बढ़ते तनाव और ईरान को मिले 48 घंटे के अल्टीमेटम ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है. सोमवार सुबह होते ही एशियाई बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर आज भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ने वाला है. जानिए ग्लोबल मार्केट में मची तबाही की आखिर वदह क्या है और भारतीय बाजार के लिए क्या हैं संकेत...

एशियाई बाजारों में हाहाकार, जापान और कोरिया के बाजार धराशायी

मिडिल ईस्ट में युद्ध के गहराने और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के डर से आज सुबह एशियाई शेयर बाजार ताश के पत्तों की तरह बिखर गए. दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स KOSPI बाजार खुलते ही 4.57% टूट गया और 5517.00 के स्तर पर आ गया. वहीं जापान का Nikkei 225 भी 4% से ज्यादा लुढ़क गया है. ताइवान के बाजारों में भी 2% से ज्यादा की गिरावट देखी जा रही है. वॉल स्ट्रीट से मिले खराब संकेतों और युद्ध के लंबे खिंचने की आशंका ने ग्लोबल मार्केट में बिकवाली बढ़ा दी है.

ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम और कच्चे तेल में उबाल

बाजार में मची इस तबाही की बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का वह बयान है, जिसमें उन्होंने ईरान को 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलने का अल्टीमेटम दिया है. ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया जाएगा. इस तनाव की वजह से कच्चे तेल (WTI Crude) की कीमतें $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जबकि ब्रेंट क्रूड $112.17 पर बना हुआ है. 

आईईए (IEA) प्रमुख फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि दुनिया दशकों के सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर सकती है.

भारतीय बाजार पर क्या होगा असर?

विदेशी बाजारों में मची इस उथल-पुथल का असर आज भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखने वाला है. बीते सप्ताह सेंसेक्स की टॉप 10 कंपनियों में से 5 के मार्केट कैप में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की गिरावट आई, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान HDFC बैंक को हुआ. पिछले सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 30.96 अंक या 0.04 प्रतिशत नीचे आया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 36.6 अंक या 0.15 प्रतिशत टूट गया.हालांकि आखिरी कारोबारी दिन निफ्टी 0.49 प्रतिशत बढ़कर 23,114.50 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, सेंसेक्स सप्ताह के अंत में 325.72 अंकों यानी 0.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,532.96 पर बंद हुआ था.

पिछले 13 सत्रों में विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से करीब 81,263 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं. हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी करके बाजार को संभालने की कोशिश की है, लेकिन ग्लोबल दबाव के आगे आज का दिन उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है.

निफ्टी और सेंसेक्स के लिए क्या हैं अहम लेवल?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 13% नीचे आ चुका है, जो एक बड़े करेक्शन का संकेत है. अब निफ्टी के लिए 22,950 और 22,700 मजबूत सपोर्ट का काम करेंगे, जबकि ऊपर की ओर 23,850 पर रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है. बैंक निफ्टी के लिए 53,000 से 52,000 का स्तर काफी अहम है. जब तक मिडिल ईस्ट में शांति के संकेत नहीं मिलते, तब तक भारतीय बाजार में भी सतर्कता और उतार-चढ़ाव बना रहेगा.

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