दुबई सस्ते और हाई क्वालिटी वाले गोल्ड के लिए फेमस है. यही वजह है कि दुबई से लौटने वाले कई लोग सोचते हैं कि वहां से सस्ता सोना खरीदकर भारत में महंगे दाम पर बेचकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है. हकीकत में यह काम जितना आसान यह सुनने में लगता है, उतना है नहीं. सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति दुबई से कितना सोना ला सकता है. क्या वाकई दुबई से सोना लाकर भारत में बेचना फायदे का सौदा है?
यहां हम आपको हर जरूरी बात बताएंगे जो आपकी मेहनत की कमाई को डूबने से बचा सकती हैं.
दुबई से भारत कितना सोना ला सकते हैं?
अगर कोई भारतीय नागरिक एक साल से ज्यादा समय विदेश में रहा है तो वह सीमित मात्रा में सोने के गहने बिना ड्यूटी भारत ला सकता है. पुरुषों के लिए यह सीमा 20 ग्राम और महिलाओं के लिए 40 ग्राम है. यानी पुरुष यात्री 20 ग्राम और महिला यात्री 40 ग्राम तक के सोने के गहने बिना किसी टैक्स यानी ड्यूटी फ्री ला सकते हैं.हालांकि, यह छूट सिर्फ गहनों पर मिलती है. सोने की ईंट (बिस्किट) या सिक्कों पर पहले ग्राम से ही ड्यूटी लगती है.अगर आप इससे ज्यादा सोना लाते हैं, तो आपको उस पर कस्टम ड्यूटी चुकानी होगी.
नियम के मुताबिक आप कुल मिलाकर 1 किलो तक सोना ला सकते हैं, बशर्ते आप उस पर लागू होने वाला पूरा टैक्स भरें. छोटे ट्रिप पर जाने वाले यात्रियों को किसी तरह की छूट नहीं मिलती और उन्हें हर मात्रा पर टैक्स देना होता है.
दुबई से सोना खरीदने के फायदे
दुबई से सोना खरीदने का सबसे बड़ा फायदा वहां की कम कीमत और शुद्धता है.दुबई में सोना भारत के मुकाबले आमतौर पर 5 से 7 फीसदी तक सस्ता मिलता है. इसकी वजह यह है कि वहां सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी और जीएसटी नहीं लगता. वहां के दाम सीधे अंतरराष्ट्रीय रेट से जुड़े होते हैं. इसके अलावा दुबई के गोल्ड मार्केट में लेटेस्ट डिजाइन की भरमार होती है और मोलभाव की करने की गुंजाइश भी ज्यादा रहती है. शुद्धता के नियम सख्त होने की वजह से लोगों को भरोसा भी ज्यादा रहता है. इसके अलावा कुछ मामलों में पर्यटकों को वहां चुकाए गए वैट (VAT) का रिफंड भी मिल जाता है, जिससे लागत थोड़ी और कम हो जाती है. लेकिन यह फायदा तभी मिलता है जब आप वहां से सोना सिर्फ अपने इस्तेमाल के लिए ला रहे हों, न कि बेचने के लिए.
ड्यूटी फ्री लिमिट से ज्यादा सोना लाने पर भारी टैक्स
ड्यूटी फ्री लिमिट से ज्यादा सोना लाने पर टैक्स देना पड़ता है. यह टैक्स मात्रा के हिसाब से बढ़ता है और करीब 3 फीसदी से शुरू होकर 6 और 10 फीसदी तक जा सकता है. सोने की ईंट या सिक्कों पर लंबे समय तक बाहर रहने वालों को करीब 6 फीसदी ड्यूटी देनी होती है. जो लोग शॉर्ट ट्रिप या टूरिस्ट वीजा पर दुबई जाते हैं, उन्हें कोई ड्यूटी फ्री छूट नहीं मिलती और उन्हें पहले ग्राम से ही पूरा टैक्स चुकाना पड़ता है.कम समय के लिए गए यात्रियों पर यह टैक्स बहुत ज्यादा हो सकता है.पर्यटकों के लिए यह टैक्स दर 36 से 38 प्रतिशत तक जा सकती है, जो आपके मुनाफे को पूरी तरह खत्म कर सकती है. भारत में बेचने पर 3 फीसदी जीएसटी भी लगता है. इसके अलावा रुपये और दिरहम के बदलने में भी खर्च आता है और अगर बाद में सोना बेचा जाए तो टैक्स भी लग सकता है. सही बिल नहीं की तो जुर्माना अलग से लग सकता है.
कस्टम नियमों का पालन न करने पर सोना जब्त!
अगर आप इसे बिजनेस की तरह देख रहे हैं तो इसके जोखिम भी बहुत बड़े हैं. सोने का दाम हर दिन बदलता है. रुपये और दिरहम की कीमत में बदलाव भी असर डालता है.सोने की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव और करेंसी की वैल्यू बदलने से आपका छोटा सा मुनाफा भी नुकसान में बदल सकता है. अगर खरीद और बिक्री के बीच दाम गिर गए तो मुनाफा खत्म हो सकता है. इसमें सबसे बड़ा खतरा कानूनी नियमों का है क्योंकि अगर आपने कस्टम को अपने सोने की सही जानकारी नहीं दी, तो आपका सोना जब्त हो सकता है और आपको भारी जुर्माना या जेल भी हो सकती है. अगर अधिकारियों को शक हुआ कि सोना व्यापार के लिए लाया गया है तो जांच और सख्त हो सकती है. भारतीय ज्वेलर्स भी अक्सर बाहर से लाए गए सोने को खरीदने में कतराते हैं या भारी डिस्काउंट मांगते हैं, जिससे इसे बेचना मुश्किल हो जाता है.
दुबई से सोना खरीदकर भारत में बेचना कितना सही?
जानकारों का मानना है कि आम लोगों के लिए दुबई से सोना खरीदकर भारत में बेचने का प्लान फायदेमंद कम और रिस्क भरा ज्यादा है. दुबई से सोना खरीदना शौक या निवेश के लिए ठीक हो सकता है लेकिन सिर्फ मुनाफे के लिए यह रास्ता चुनना समझदारी नहीं है. टैक्स, कागजी कार्रवाई, करेंसी कन्वर्जन और कानूनी रिस्क को जोड़ने के बाद मुनाफा न के बराबर रह जाता है.जब तक सोने के दाम में तेज उछाल न आए तब तक मुनाफा निकलना मुश्किल होता है. ज्यादातर मामलों में खर्च और जोखिम फायदा खा जाते हैं.
अगर कस्टम अधिकारियों को जरा भी शक हुआ कि आप इसे बेचने के मकसद से लाए हैं, तो आप पर कमर्शियल इम्पोर्ट के कड़े नियम लागू हो सकते हैं जिनके लिए अलग लाइसेंस की जरूरत होती है.आम आदमी के लिए दुबई से सोना लाकर भारत में बेचना कोई फायदे का धंधा नहीं है.टैक्स नियम कड़े हैं और छोटी सी गलती बड़ा नुकसान करा सकती है. सोने की चमक देखकर फैसला लेने से पहले पूरा हिसाब समझना जरूरी है क्योंकि कई बार सुनहरा मौका दिखने वाला सौदा असल में भारी पड़ सकता है. इसलिए बेहतर यही है कि नियमों का पालन करें और दुबई से सोना केवल अपनी खुशी और इस्तेमाल के लिए ही लेकर आएं.
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