पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान के बीच तनाव के मद्देनजर देश में इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिए डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) ने कई रेगुलेटरी उपायों की घोषणा की है. इसका मकसद विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में ईंधन, गैस और जरूरी कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करना है. इन पहलों में कस्टम ड्यूटी में छूट से लेकर पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) के तहत लाइसेंस प्रक्रिया तेज करना शामिल है.
CNG, कंप्रेस्ड बायोगैस स्टेशनों में तेजी
DPIIT की संयुक्त सचिव निधि केसरवानी ने बुधवार को अंतर मंत्रालयी ब्रीफिंग में इन उपायों की जानकारी दी. इनका उद्देश्य खासतौर से ईंधन और गैस की सप्लाई में आने वाली बाधाओं को दूर करना है. उन्होंने बताया कि मार्च के अंत से अब तक CNG और कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) स्टेशनों के लिए 467 आवेदन मिले थे. इनमें से 157 फाइनल लाइसेंस और 38 नए डिस्पेंसिंग यूनिट्स को मंजूरी दी गई है. आवेदनों को निपटाने का समय घटाकर 10 दिन से भी कम कर दिया गया है.
केरोसिन भंडारण नियमों में ढील
सरकार ने मिट्टी के तेल के भंडारण नियमों में भी अस्थायी ढील दी है. केसरवानी ने बताया कि केरोसिन की मांग को देखते हुए 2,500 लीटर तक और PDS केरोसिन के लिए एक बार में 5,000 लीटर तक के भंडारण की अनुमति दी गई है ताकि दूरदराज के लोगों को आपूर्ति मिलती रहे. इसके अलावा, मार्च में अमोनियम नाइट्रेट के निर्यात पर प्रतिबंध लगाकर घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित की गई है.
VIDEO | Delhi: DPIIT Joint Secy Nidhi Kesarwani, on fuel supply amid West Asia crisis, says, "Under PESO, multiple activities and facilitative orders issued which are oriented towards uninterrupted supply of fuel and gas."
— Press Trust of India (@PTI_News) April 22, 2026
(Full video available on PTI Videos -… pic.twitter.com/PjZT8t7O20
बॉयलर सर्टिफिकेट में 3 महीने की छूट
इन औद्योगिक राहत का फायदा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी मिलेगा. सरकार ने बॉयलर अधिनियम के तहत राज्य अधिकारियों को एडवाइजरी जारी की है. इसके माध्यम से बिजली प्लांटों, रिफाइनरियों और उर्वरक इकाइयों में इस्तेमाल होने वाले हाई-कैपेसिटी बॉयलरों के सर्टिफिकेट को तीन महीने का अस्थायी विस्तार दिया गया है. इसके साथ ही इंडक्शन कुकटॉप्स के लिए क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर (QCO) की समयसीमा भी बढ़ाई गई है.
लेदर, फुटवियर, पेंट उद्योगों की कस्टम ड्यूटी जीरो
लेदर, फुटवियर और पेंट जैसे उद्योगों के लिए भी बड़े वित्तीय उपाय किए गए हैं. EVA और विभिन्न पॉलिमर जैसे महत्वपूर्ण इनपुट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) को घटाकर शून्य कर दिया गया है. वहीं पेंट सेक्टर में उत्पादन की गति बनाए रखने के लिए औद्योगिक एलपीजी के आवंटन को मार्च पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत कर दिया गया है.
देखें- ईरान में ट्रंप ने एकतरफा बढ़ा दिया सीजफायर- अब आगे क्या होगा?
टायर, ग्लास इंडस्ट्री को भी राहत
टायर और ग्लास इंडस्ट्री के लिए भी राहत के कदम उठाए गए हैं. टायर उद्योग में इस्तेमाल होने वाले केमिकल जैसे पॉलीब्यूटाडाईन और रेजिन पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को कम किया गया है. ग्लास इंडस्ट्री में भट्टियों के संचालन के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की मदद से पीएनजी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. मोरबी जैसे सिरेमिक हब में भी गैस आपूर्ति में कमी और बढ़ी कीमतों की समस्या को दूर करने के लिए विशेष गाइडलाइन्स जारी की गई हैं.
कच्चा तेल लेकर आज मुंबई पहुंचेगा टैंकर
प्रेस ब्रीफिंग में शिपिंग मंत्रालय के मुकेश मंगल ने बताया कि कच्चा तेल लेकर आ रहा विशाल टैंकर "देश गरिमा" बुधवार शाम तक मुंबई पहुंचने वाला है. इस जहाज पर 31 भारतीय नाविक मौजूद हैं. इस टैंकर के आने से कच्चे तेल की उपलब्धता को और मजबूती मिलेगी. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटे में भारतीय झंडे वाले किसी भी जहाज के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है. फारस की खाड़ी में हमारे सभी नाविक सुरक्षित हैं.
एलपीजी सप्लाई पूरी तरह सामान्य
पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी की सप्लाई फिलहाल सप्लाई पूरी तरह सामान्य है. कहीं से भी गैस की कमी या ड्राई आउट की खबर नहीं है. एलपीजी की डिमांड का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कल एक ही दिन में रिकॉर्ड 45 लाख एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग की गई थी.
5 लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन
पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार का डेटा देते उन्होंने बताया कि मार्च 2026 से अब तक 5.10 लाख नए पीएनजी कनेक्शन शुरू कर दिए गए हैं. इसके अलावा, 2.5 लाख नए कनेक्शनों के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार है. इस तरह 7.66 लाख नए पीएनजी कनेक्शन लगाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया गया है.
देखें- होर्मुज खोलने की कवायद: 30 से ज्यादा देशों की लंदन में बड़ी बैठक, क्या मानेगा ईरान?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं