Digital India 2.0: एक समय था जब मोबाइल फोन का काम सिर्फ कॉल करना था. फिर आया डिजिटल इंडिया का पहला दौर, जिसने हमें UPI दिया. अब पैसे भेजने के लिए ना बैंक जाना पड़ता है, ना लंबी लाइन में लगना पड़ता है. यानी सब कुछ मोबाइल से हो जाता है. लेकिन अब जो बदलाव आने वाला है, वो इससे भी बड़ा है. ये सिर्फ नई टेक्नॉलॉजी नहीं है, बल्कि हम कैसे बात करते हैं, कैसे काम करते हैं और कैसे सर्विस लेते हैं, सभी कुछ बदलने वाला है. दरअसल नीति आयोग ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के अगले स्टेज के बारे में बताया है. ये एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था होगी, जिसमें सरकारी सेवाओं को और आसान बनाया जाएगा, आम लोगों की जिंदगी और देश की डिजिटल नींव को मजबूत करेगा.
आसान भाषा में कहें तो ये बदलाव आपके घर के राशन से लेकर आपके ऑफिस में काम करने के तरीके तक असर डालेगा. आपको कम झंझट, फास्ट सर्विस और ज्यादा सुविधा मिलेगी. आइए इस खबर में समझते हैं कि ये डिजिटल बदलाव आपकी जिंदगी में क्या-क्या नया लाने वाला है.
क्या है DPI 2.0?
पहले इस मिशन के बारे में जानिए. नीति आयोग ने इस विजन को दो पार्ट में बांटा है. मकसद साफ है कि भारत को सिर्फ डिजिटल यूजर नहीं, बल्कि डिजिटल पावरहाउस बनाना है. DPI 2.0 में अगले दस साल का टारगेट एकदम क्लियर है. सरकार का मानना है कि डिजिटल का इस्तेमाल सिर्फ पेमेंट के लिए ना हो, बल्कि ये लोगों के लिए कमाई के नए रास्ते खोले. चाहे वो रेहड़ी-पटरी वाला हो या छोटा स्टार्टअप, DPI 2.0 उन्हें वो सारे सुविधा देगा जिससे वो ग्लोबल मार्केट से जुड़ पाएं.
क्या है DPI 3.0?
साल 2035 से 2047 तक का समय भारत के लिए बहुत अच्छा होगा. इस समय सरकार अपने कामकाज में AI जैसी स्मार्ट तकनीकें इस्तेमाल करेगी. इससे सरकार को पहले से पता चल जाएगा कि लोगों को कहां परेशानी हो सकती है. इसका मतलब है कि दिक्कत आने से पहले ही समाधान मिल जाएगा. लोगों को सरकारी दफ्तरों में लाइन लगाने या बार‑बार जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सरकारी काम जल्दी और आसानी से हो जाएंगे.
एक आम आदमी की जिंदगी कैसे बदलेगी?
- एग्रीकल्चर में एग्रीस्टैक से किसानों को बीज बोने से लेकर फसल बेचने तक हर जरूरी जानकारी आसानी से मिलेगी, जिससे वो सही फैसले ले पाएंगे और उनकी कमाई बढ़ेगी.
- हेल्थ में डिजिटल रिकॉर्ड्स की मदद से डॉक्टर को मरीज की पूरी बीमारी का रिकॉर्ड आसानी से मिल जाएगा, जिससे इलाज जल्दी और सही होगा.
- फाइनेंस सेक्टर की बात करें तो अब लोन लेना आसान हो जाएगा, क्योंकि बैंक आपकी डिजिटल कमाई और लेन‑देन देखकर लोन देंगे, जमीन या मकान के कागज जरूरी नहीं होंगे.
- लॉजिस्टिक्स सेक्टर में सामान जल्दी और सस्ते में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचेगा, जिसका फायदा आम लोगों के लिए महंगाई कम होगी.
- ज्यूडिशियल सिस्टम में ई‑कोर्ट्स से केस जल्दी निपटेंगे और लोगों को कोर्ट के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे.
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