दिल्ली के जंतर मंतर पर अब प्रदर्शन स्थल को शिफ्ट कर दिया गया है. गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद अब राजधानी में धरना-प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD मैदान तय किया गया है. जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में दी गई मान्यता रद्द करने का व्यापारिक संगठनों ने स्वागत किया है. हालांकि प्रदर्शन के लिए तय किए गए तीन नए स्थलों में से एक पर अभी भी व्यापारियों की आपत्ति है. चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बृजेश गोयल ने इस बारे में NDTV इंडिया से बात की. आइए जानते हैं विस्तार से.
प्रदर्शन के लिए 3 जगहें तय, लेकिन...
दरअसल, गृह मंत्रालय की सिफारिश के बाद दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर की मान्यता रद्द कर तीन नई जगह तय कर दी है. CTI के नेशनल प्रेसिडेंट बृजेश गोयल ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन की मान्यता रद्द करने के फैसले का स्वागत किया है. NDTV से बातचीत में बृजेश गोयल ने कहा,
हमने 10 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर मांग की थी कि जंतर मंतर और सेंट्रल दिल्ली में प्रदर्शन की इजाजत नहीं होनी चाहिए क्योंकि इससे दिल्ली के व्यापारियों को बहुत नुकसान होता है. मुझे खुशी है कि सरकार ने ये फैसला किया है.

रामलीला मैदान पर आपत्ति
बृजेश गोयल ने कहा, 'जिन तीन जगह को प्रदर्शन करने के लिए मान्यता दी गई है उसमें रामलीला मैदान भी शामिल है. हमें इस पर आपत्ति है की रामलीला मैदान पर प्रदर्शन की मंजूरी सरकार ने क्यों दी है.
उन्होंने कहा, 'रामलीला मैदान के आसपास पुरानी दिल्ली के सभी महत्वपूर्ण बाजार हैं, जिसमें अजमेरी गेट, कमला मार्केट, दरियागंज, चावड़ी बाजार, पहाड़गंज, चांदनी चौक, सदर बाजार, भागीरथ प्लेस, नया बाजार, खड़ी बावली और कश्मीरी गेट शामिल है.'

आगे वे बोले- 'अगर रामलीला मैदान में कोई बड़ा प्रदर्शन होता है तो पुलिस सख्ती बरतेगी, सड़कों पर बैरिकेड लगाए जाएंगे. इससे व्यापारियों की आवाजाही बाधित होगी, ट्रेडिंग प्रभावित होगी.
उन्होंने कहा, 'दिल्ली-6 दिल्ली का दिल है और दिल्ली में व्यापारियों का सबसे बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन हब है. इसलिए सरकार को रामलीला मैदान पर प्रदर्शन की मंजूरी देने के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए.'

प्रदर्शनकारियों से भी CTI की अपील
व्यापारी संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं को चिट्ठी लिखकर अपील की है कि वो इस त्यौहारी सीजन के दौरान दिवाली तक अपने राजनीतिक प्रदर्शन रोक दें क्योंकि इससे दिल्ली के करीब 15 लाख ट्रेड और व्यापारियों का बिजनेस प्रभावित हो रहा है. CTI के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में राजनीतिक प्रदर्शनों और पुलिस की शक्ति की वजह से करीब 2000 करोड़ तक का बिजनेस प्रभावित हो चुका है.
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