Davos 2026: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक रेस में भारत अब सिर्फ एक यूजर नहीं, बल्कि पावरहाउस बनने की तैयारी कर चुका है. दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में IBM के चेयरमैन और CEO अरविंद कृष्णा और भारत के आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने एनडीटीवी के एडिटर-इन-चीफ और सीईओ राहुल कंवल के साथ खास बातचीत की. जहां उन्होंने भारत के डिजिटल भविष्य को लेकर एक दमदार रोडमैप पेश किया.
'भारत बनेगा AI लीडर'
IBM चेयरमैन और CEO अरविंद कृष्णा ने भारत की AI संप्रभुता पर जोर देते हुए कहा कि, "भारत को अपनी स्थानीय क्षमताओं को और मजबूत करना होगा. सफलता कई बार फेल होने के बाद मिलती है. भारत को जोखिम लेने से पीछे नहीं हटना चाहिए. इसका मतलब है कि भारत को एआई तकनीक के लिए सिर्फ दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए."
Watch LIVE | IT Minister Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) and Arvind Krishna (@ArvindKrishna), chairman and CEO, IBM speak exclusively to NDTV editor-in-chief @rahulkanwal on what's next big thing for Indian tech
— NDTV (@ndtv) January 20, 2026
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'IBM कर रहा सरकार की मदद'
IBM प्रमुख अरविंद कृष्ण ने माना कि भारत के पास AI के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता है. उन्होंने कहा, "भारत में दुनिया के सबसे ज्यादा सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स और डेवलपर्स हैं. भारत का टारगेट AI को इतना सस्ता और आसान बनाना है कि एक आम नागरिक भी इसका फायदा उठा सके. IBM सरकार के साथ मिलकर AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने और स्किल्स सिखाने में मदद कर रहा है."
'12 स्वदेशी AI मॉडल्स पर काम शुरू'
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस मंच से देश को बड़ी खुशखबरी दी. उन्होंने बताया कि भारत अभी के समय 12 स्वदेशी AI मॉडल पर काम कर रहा है. इनमें से 4 मॉडल बहुत जल्द लॉन्च होने वाले हैं. ये मॉडल हेल्थ, डिफेंस और कानून जैसे अहम क्षेत्रों के लिए तैयार किए जा रहे हैं.
'गूगल और अमेजन कर रहीं अरबों का निवेश'
सेमीकंडक्टर क्रांति के बारे में बताते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा, "भारत में 10 फैब्रिकेशन प्लांट्स पर काम चल रहा है, जिनमें से 4 में 2026 तक कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा. गूगल और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियां डेटा सेंटर्स के जरिए भारत में करीब 70 अरब डॉलर का निवेश कर रही हैं. AI में इस्तेमाल होने वाली बिजली को पूरा करने के लिए सरकार ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में प्राइवेट सेक्टर की भागीदारी को हरी झंडी दे दी है."
'छोटे मॉडल्स पर फोकस'
अश्विनी वैष्णव ने साफ किया कि, "भारत का फोकस बड़े मॉडल्स के साथ-साथ सेक्टर-स्पेसिफिक छोटे मॉडल्स पर भी है. यह छोटे मॉडल्स अलग-अलग इंडस्ट्रीज में प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में गेम-चेंजर साबित होंगे."
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