Crude Oil Prices Crash Soon? : दुनियाभर में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि तेल की कीमतें (Oil Prices) बहुत नीचे गिरेंगी. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ सैन्य टकराव खत्म होते ही तेल की कीमतें 'तेजी से गिरेंगी' और उन्हें नहीं लगता कि ये टकराव ज्यादा लंबा चलेगा. ट्रंप ने अमेरिका में कीमतों में बढ़ोतरी के लिए बाइडेन प्रशासन को भी जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने तेल को कीमतों में आम गिरावट के बीच एक 'अस्थाई अपवाद' बताया और कहा कि कीमतें तेजी से नीचे आने वाली हैं.
बता दें कि होर्मूज में ईरान के पहरे और लाल सागर में हूतियों के हमले के बीच सऊदी अरब ने भी क्रूड ऑयल पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने के बाद अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद कर दी है. इस बीच ब्रेंट क्रूड की कीमतें 108 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं.
बाइडेन राज में ज्यादा महंगा था तेल: ट्रंप
ट्रंप ने मौजूदा तेल की कीमतों की तुलना पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के समय की कीमतों से भी की ट्रंप ने कहा, 'बाइडेन के समय तेल की कीमतें अभी की तुलना में ज्यादा थीं.' उन्होंने अमेरिका में कीमतों में बढ़ोतरी के लिए बाइडेन और उनके प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि पूरे अमेरिका में कीमतों में बढ़ोतरी 'स्लीपी जो बाइडेन' और बाइडेन प्रशासन के कारण हुई, न कि 'ट्रंप' के कारण.' ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके प्रशासन ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका था.
कच्चे तेल की कीमतों में इतना उछाल क्यों?
इन्वेस्टिंग डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, क्योंकि सऊदी अरब ने होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर न गुजरने वाली अपनी अहम पाइपलाइन बंद कर दी थी. इस रुकावट से ग्लोबल सप्लाई पर असर पड़ेगा, जबकि बाजार में पहले से ही सप्लाई कम है. इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट फ्यूचर्स 106 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि U.S. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट फ्यूचर्स 102 डॉलर के पार चला गया.
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गुरुवार को इराक से छोड़े गए ड्रोन ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाया, जिससे सऊदी सरकार को कच्चे तेल की इस अहम पाइपलाइन को बंद करना पड़ा. रियाद ने यह नहीं बताया है कि पाइपलाइन को कितना नुकसान पहुंचा है या यह कितने समय तक बंद रहेगी.
ट्रंप ने ईरान युद्ध से जुड़े अपने फ़ैसलों का बचाव किया. पिछले हफ्ते ट्रंप ने कहा कि वे ईरान युद्ध को लेकर लिए गए अपने फैसलों पर कायम हैं, भले ही यह टकराव उनके और रिपब्लिकन पार्टी के लिए मध्यावधि चुनावों से पहले एक बढ़ती हुई राजनीतिक चुनौती बन गया है.
ट्रंप पहले भी ऐसे बयान दे चुके हैं और इसका असर देखा भी गया है, अब ये वीडियो ही देख लीजिए.
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