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CNG New Rules: कार में भरवानी है CNG तो ये सर्टिफिकेट जरूरी, IGL का नया नियम- अब ऐसे लोगों को नहीं मिलेगा फ्यूल

CNG Refueling Rule: गाड़ी में CNG भराने से पहले ये जांच होगी. IGL ने ऑटोमेटेड सिस्टम शुरू किया है. सर्टिफिकेट खत्म तो CNG नहीं मिलेगी. कैमरा और AI से होगी सिलेंडर की जांच. पूरी जानकारी अंदर.

CNG New Rules: कार में भरवानी है CNG तो ये सर्टिफिकेट जरूरी, IGL का नया नियम- अब ऐसे लोगों को नहीं मिलेगा फ्यूल
CNG Refueling Rule Changes: सीएनजी भरवाने को लेकर नए नियम
NDTV इंडिया ग्राफिक्‍स

CNG Cylinder Safety: CNG गाड़ी चलाने वालों के लिए जरूरी खबर है. IGL यानी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ने CNG सिलेंडर की सुरक्षा जांच को और सख्त करने के लिए नया ऑटोमेटेड सिस्टम शुरू किया है. इसके तहत गाड़ी की पहचान कर उसके CNG सिलेंडर के हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट की वैधता की जांच की जाएगी.

IGL ने फिलहाल ये सिस्टम 10 CNG स्टेशनों पर शुरू किया है. कंपनी के मुताबिक, जिन वाहनों के पास वैध हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें CNG भरने से मना किया जा रहा है. आगे इसे IGL के सभी CNG स्टेशनों पर लागू किया जाएगा.

बता दें कि IGL का CNG नेटवर्क 1,000 से ज्यादा स्टेशनों का है और कंपनी के नेटवर्क से 21 लाख से ज्यादा CNG वाहन जुड़े हैं. कंपनी दिल्ली-NCR समेत कई शहरों में CNG और PNG की सप्लाई करती है.

कैमरा नंबर प्लेट पहचानेगा, AI करेगा जांच

नए सिस्टम में स्टेशन पर लगा कैमरा पहले वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर कैप्चर करेगा. इसके बाद AI आधारित सिस्टम इस जानकारी को प्रोसेस करेगा और वाहन से जुड़े CNG सिलेंडर की जानकारी की पहचान करेगा.

सिस्टम PESO के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए सिलेंडर के हाइड्रो टेस्ट की वैधता जांचेगा. इससे ये पता चल सकेगा कि सिलेंडर का सर्टिफिकेट वैध है या उसकी अवधि खत्म हो चुकी है.

जांच के बाद स्टेशन पर लगे हैंडहेल्ड डिवाइस, LED डिस्प्ले और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए अलर्ट दिया जाएगा.

बिना सर्टिफिकेट CNG नहीं

IGL पहले से अपने सभी CNG स्टेशनों पर विशेष सुरक्षा अभियान चला रही है. स्टेशन कर्मचारी CNG भरने से पहले सिलेंडर के टेस्ट की वैधता और हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट की जांच कर रहे हैं.

कंपनी ने साफ किया है कि वैध हाइड्रो टेस्ट सर्टिफिकेट नहीं होने पर वाहन में CNG नहीं भरी जाएगी. IGL के अधिकारी भी स्टेशनों का नियमित निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि सिर्फ वैध सर्टिफिकेट वाले वाहनों को ही CNG दी जाए.

हर 3 साल में कराना होता है हाइड्रो टेस्ट

IGL के मुताबिक Gas Cylinder (Amended) Rules 2025 के नियम 35(1) के तहत हर CNG सिलेंडर का हाइड्रो टेस्ट PESO से मंजूर सिलेंडर टेस्टिंग सेंटर से हर 3 साल में कराना जरूरी है.

कंपनी का कहना है कि नए ऑटोमेटेड सिस्टम से जांच की प्रक्रिया ज्यादा व्यवस्थित और रिकॉर्ड के आधार पर होगी. इससे मैनुअल जांच पर निर्भरता कम होगी और बिना वैध प्रमाणपत्र वाले वाहनों की पहचान समय पर की जा सकेगी.

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