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चीन में 10 करोड़ लोग नहीं चुका पा रहे अपना लोन, अब क्या होगा ड्रैगन का?

चीन में करीब 10 करोड़ लोग अपना पर्सनल लोन नहीं चुका पा रहे है, जिससे देश का टोटल बैड लोन रिकॉर्ड 2.22 ट्रिलियन युआन पर जा पहुंचा है.

चीन में 10 करोड़ लोग नहीं चुका पा रहे अपना लोन, अब क्या होगा ड्रैगन का?
IANS

चीन की अर्थव्यवस्था इस समय एक अलग ही संकट से जूझ रही है. रिसर्च फर्म गेवकल ड्रैगोनॉमिक्स के अनुसार चीन के करीब 10 करोड़ लोग अपना पर्सनल लोन और दूसरे कर्ज चुकाने में डिफॉल्ट कर रहे हैं. सबसे हैरान कर देने वाली बात ये है कि ये आंकड़ा चीन की कुल युवा आबादी का करीब 10% है. लगातार बढ़ते डिफॉल्ट के मामलों से देश की आर्थिक विकास को बड़ा झटका लग रहा है.

बैड लोन रिकॉर्ड लेवल पर

रिसर्च फर्म गेवकल ड्रैगोनॉमिक्स के अनुसार साल 2025 के आखिर तक चीन में नॉन परफॉर्मिंग हाउसहोल्ड डेट पिछले साल के मुकाबले 21 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 2.22 ट्रिलियन युआन यानी करीब 329 अरब डॉलर पहुंच गया है. क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन और होम लोन की ईएमआई ना देने की वजह से चीन के लोगों की फाइनेंशियल कंडीशन कमजोर होती जा रही है. 

इस पूरे मामले का असर चीन के लोगों की खर्च करने की कैपेसिटी पर पड़ रहा है. यानी अब लोग पैसा बचाने पर काम कर रहे हैं. बाजार में डिमांड एकदम गायब हो चुकी है. ऐसे में देश की प्रोडक्टिविटी लगातार कमजोर हो रही है. हालत ये है कि सरकार की कोशिश करने के बाद भी बैंक नए लोन नहीं दे रहे हैं. 

डिजिटल लोन ने खराब किया मामला

पिछले 10 साल में चीन के लोगों पर कर्ज करीब 3 गुना बढ़कर 83 ट्रिलियन युआन हो चुका है. रिपोर्ट है कि इस कर्ज के आग में घी डालने का काम डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स ने किया है. दरअसल इन ऐप ने चीन के युवाओं को इंस्टेंट लोन के ऑफर्स देकर अपनी गिरफ्त में ले लिया. लोगों ने अपनी कैपेसिटी से ज्यादा कर्ज ले लिया और वो अब इस जाल में फंस गए हैं. चीन के बड़े बैंक इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना के आंकड़ों के अनुसार क्रेडिट कार्ड का बैड लोन रेश्यो बढ़तक 4.61% हो गया है, जो बैंक के नॉर्मल एनपीएल 1.31% से बहुत ज्यादा है.

क्रेडिट एमनेस्टी प्रोग्राम से सुधरेंगे हालात?

हालात को बिगड़ते देख चीन के सेंट्रल बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने एक क्रेडिट एमनेस्टी स्कीम शुरू की है. जिसके जरिए जो लोग अपना पुराना लोन चुका देंगे, उन्हें अपना क्रेडिट स्कोर सुधारने का एक मौका दिया जाएगा. इसके साथ ही सेंट्रल बैंक ने ऑनलाइन लोने देने वाली कंपनियों से कहा है कि वो अपनी ब्याज की दरों को कम करें और लोन बांटने के नियमों को सख्त करें.

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शुभम उपाध्याय
shubham.upadhyay@ndtv.com
साल 2018 से पत्रकारिता जारी है. इंडिया टुडे ग्रुप (बिज तक), न्यूज नेशन, न्यूज 24 और अमर उजाला के बाद सफर एनडीटीवी आ पहुंचा है. यहां बतौर प्रोड्यूसर का... और पढ़ें
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