सीबीआई ने बैंक के साथ धोखाधड़ी के आरोप में रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के दो पूर्व सीईओ को गिरफ्तार किया है. सीबीआई अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार गिरफ्तारी में RCFL के पूर्व डायरेक्टर और सीआई देवांग मोदी और RHFL के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ रवींद्र सुधालकर शामिल हैं. इन दोनों पर कई सरकारी बैंकों में 7,623 करोड़ रुपये के फ्रॉड से जुड़े अलग-अलग आरोप हैं.
क्या है पूरा मामला?
CBI के प्रवक्ता ने बताया कि ये पूरा घोटाला दो हिस्सों में किया गया, जिससे कई सरकारी बैंकों को नुकसान हुआ. RCFL केस में 13 सरकारी बैंकों को 4,097 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. वहीं, RHFL मामले में 10 सरकारी बैंकों को 3,526 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. जांच में सामने आया कि देवांग मोदी और रवींद्र सुधालकर ने फर्जी कंपनियों को करोड़ों रुपये के लोन मंजूर किए, जबकि उन्हें पता था कि इस तरह का लोन देना RBI के दिशानिर्देशों और सरकारी बैंकों से कर्ज लेने की शर्तों के खिलाफ था.
सीबीआई को सरकारी बैंकों से मिली थी शिकायत
मालूम हो कि सीबीआई को कई सरकारी बैंकों और लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से शिकायत मिली थी. इन्हीं शिकायतों के आधार पर रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड के खिलाफ 7 एफआईआर दर्ज की.
एजेंसी ने रिलायंस ADA ग्रुप से जुड़े मामलों में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. इससे पहले, 29 मई को आरकॉम मामले में पहली चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है, जिसमें कंपनी के साथ 5 सीनियर एग्जीक्यूटिव और 10 बैंक अफसरों को आरोपी बनाया है.
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