वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने टैक्स रिटर्न फाइल करने वाले लोगों के लिए एक राहत दी है. वित्त मंत्री ने अपने भाषण में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि ITR 1 और ITR 2 को करदाता 31 जुलाई तक फाइल कर सकते हैं. बिना ऑडिट वाले बिजनेस मामला या ट्रस्ट 31 अगस्त तक आईटीआर-1 और आईटीआर-2 दाखिल कर सकते हैं.
वित्त मंत्री ने आईटीआर-1 और दो में छूट देने के अलावा टीसीएस रेट में भी बदलाव का ऐलान किया है. बजट 2026 में सरकार ने टीसीएस दरों में बड़ी राहत दी है. उदारीकृत प्रेषण योजना यानी लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (एलआरएस) के तहत विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए भेजी जाने वाली रकम पर लगने वाला टीसीएस भी 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है. इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जो शिक्षा या मेडिकल कारणों से विदेश पैसा भेजते हैं.
इसके अलावा वित्त मंत्री ने ऐलान किया है कि इनकम टैक्स रिटर्न में गड़बड़ी पर अब सजा नहीं होगी. इसकी जगह सरकार ने जुर्माने का ऐलान किया है. इसके लिए वित्त मंत्री ने 30 फीसदी टैक्स की घोषणा की है. यानी अब जो अपनी इनकम छिपाता है उसे सजा नहीं मिलेगी, उससे 30 फीसदी टैक्स लिया जाएगा.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि नया इनकम टैक्स ऐक्ट 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा. इसके अलावा 1-जुलाई 2024 में लाए गए आयकर अधिनियम की समीक्षा पूरी हो गई है और नई नियमावली जल्द आएगी. वित्त मंत्री ने साथ ही जोड़ा कि इसके अलावा इनकम टैक्स फॉर्म भी आसान होगा.
वित्त मंत्री ने संसद को बताया कि सरकार ने 2021-22 में किया गया वादा पूरा कर लिया है. बजट अनुमान के अनुसार, 2025-26 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि 2026-27 में यह घटकर 4.3 प्रतिशत होने की उम्मीद है. सरकार का फोकस वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास को गति देने पर है.
बजट में राज्यों के लिए भी बड़ी घोषणा की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2027 में राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपए की ग्रांट दी जाएगी। वित्त वर्ष 2027 के लिए डेट-टू-जीडीपी रेश्यो 55.6 प्रतिशत, जबकि नेट बॉरोइंग 11.7 लाख करोड़ रुपए तय किया गया है।
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