Budget 2026: बजट 2026 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है. जैसे-जैसे वित्त मंत्री का ब्रीफकेस खुलने की तारीख नजदीक आ रही है, शेयर मार्केट में निवेशकों की बेचैनी साफ देखी जा सकती है. क्या आप जानते हैं कि पिछले 15 सालों के आंकड़े उठाकर देखें तो बजट से पहले बाजार का लाल निशान में रहना एक पुराना रिवाज बन चुका है.
क्या कहते हैं आंकड़े?
बजट से पहले का हफ्ता निवेशकों के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरा रहता है.साल 2010 से 2022 तक के डेटा पर नजर डालें तो बजट से एक हफ्ते पहले निफ्टी का औसत रिटर्न -0.52% रहा है. पिछले 15 सालों में केवल 8 बार ही ऐसा हुआ जब बजट से पहले बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ.
क्यों बजट से पहले निवेशक होते परेशान?
मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, इस दबाव की सबसे बड़ी वजह पॉलिसी शॉक का डर है. निवेशकों को हमेशा यह चिंता सताती है कि सरकार टैक्स ढांचे या नीतियों में कोई अचानक बदलाव न कर दे.
मार्केट, बजट वाले दिन
अगर आप बजट वाले दिन ट्रेड करने की सोच रहे हैं, तो भाई जरा अपनी कुर्सी की पेटी बांध लें. आंकड़े बताते हैं कि बजट के दिन इंट्राडे उतार-चढ़ाव औसतन 2.65% रहता है. हालांकि, अच्छी खबर यह है कि बजट के बाद वाले हफ्ते में बाजार अक्सर रिकवरी करता है और औसतन 1.36% की बढ़त दिखाता है.
बजट से क्या हैं उम्मीदें?
जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज के राहुल शर्मा के साथ कई एक्सपर्ट का मानना है कि इस बार सरकार का फोकस आर्थिक विकास और फिस्कल के बीच तालमेल बिठाने पर होगा, जिसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस और रेलवे में भारी निवेश की उम्मीद है. साथ ही MSME, ग्रीन एनर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा मिल सकता है.
एक्सपर्ट ने दी सलाह
ऐसे में अगर आप बजट से पहले और बाद की उठापटक से बचना चाहते हैं तो जरा एक्सपर्ट की सलाह सुन लें. मार्केट एक्सपर्ट ने निवेशकों को कहा है, बजट के बाद स्थिति साफ होने तक कुछ नकदी हाथ में रखें. साथ ही इस समय डिफेंस और सरकारी बैंकों जैसे चुनिंदा सेक्टर्स पर नजर बनाकर रखें.
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