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Budget 2026: क्या मिडिल क्लास की मुराद होगी पूरी? स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ा तो सैलरी में होगी कितनी बचत?

Budget 2026: महंगाई और बढ़ते खर्चों को देखते हुए इस साल टैक्स एक्सपर्ट और आम जनता का मानना है कि सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये या उससे ज्यादा कर सकती है.

Budget 2026: क्या मिडिल क्लास की मुराद होगी पूरी? स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ा तो सैलरी में होगी कितनी बचत?
  • स्टैंडर्ड डिडक्शन एक निश्चित राशि होती है जो टोटल ग्रॉस इनकम में से सीधे घटा दी जाती है, टैक्स कम होता है
  • स्टैंडर्ड डिडक्शन लेने के लिए किसी भी निवेश या खर्च के दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होती है
  • यह छूट न केवल सैलरीड कर्मचारियों को बल्कि पेंशन धारकों को भी टैक्स बचाने में मदद करती है
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Budget 2026: जैसे-जैसे बजट 2026 की डेट नजदीक आ रही है, वैसे ही सैलरीड पर्सन और पेंशन होल्डर्स के बीच स्टैंडर्ड डिडक्शन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. हर साल मिडिल क्लास उम्मीद करता है कि सरकार डिडक्शन की सीमा बढ़ाकर उन्हें टैक्स में कुछ और रिलीफ दे. इस खबर में समझते हैं कि यह स्टैंडर्ड डिडक्शन क्या है और इससे आपको क्या फायदा होता है.

स्टैंडर्ड डिडक्शन क्या है?

आसान भाषा में कहें तो स्टैंडर्ड डिडक्शन वह फिक्स अमाउंट है जिसे आपकी टोटल ग्रॉस इनकम में से सीधे कम कर दिया जाता है. फिर इसके बाद जो अमाउंट बचता है, उस पर टैक्स की कैलकुलेशन की जाती है. सबसे खास बात यह है कि इसका फायदा लेने के लिए आपको किसी भी तरह के निवेश या कोई खर्चा दिखाने की जरूरत नहीं होती. इसे आप सैलरी या पेंशन पर मिलने वाली फ्लैट छूट बोल सकते हैं.

अभी कितनी मिलती है छूट?

फिलहाल टैक्स के नियमों के अनुसार, नई टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हजार रुपये है. वहीं, पुरानी टैक्स रिजीम में यह लिमिट 50 हजार रुपये फिक्स की गई है.

टैक्सपेयर्स को इससे क्या फायदा होता है?

  • टैक्स में सीधी बचत

मान लीजिए आपकी सालाना इनकम 10 लाख रुपये है. स्टैंडर्ड डिडक्शन के 75 हजार रुपये कम होने के बाद आपको केवल 9 लाख 25 हजार रुपये पर ही टैक्स देना होगा. इससे आपकी टोटल टैक्स लायबिलिटी कम हो जाती है.

  • कोई निवेश की जरूरत नहीं

आपको इसके लिए कोई बिल या निवेश के दस्तावेज जमा करने की झंझट नहीं पालनी पड़ती. यह आपकी सैलरी से अपने आप ही कम हो जाता है.

  • पेंशन होल्डर्स के लिए राहत

यह डिडक्शन केवल नौकरी करने वालों को ही नहीं, बल्कि उन वरिष्ठ नागरिकों को भी मिलती है जो पेंशन ले रहे हैं. इससे उनकी रिटायरमेंट के बाद की कमाई पर टैक्स का बोझ कम होता है.

बजट 2026 से क्या हैं उम्मीदें?

महंगाई और बढ़ते खर्चों को देखते हुए इस साल टैक्स एक्सपर्ट और आम जनता का मानना है कि सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा को 75 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये या उससे ज्यादा कर सकती है. अगर ऐसा होता है, तो मिडिल क्लास के हाथों में खर्च करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पैसे बचेंगे.

(डिस्क्लेमर: यह जानकारी अभी के टैक्स नियमों और आने वाले बजट की संभावनाओं पर है. सरकार के ऑफिशियल ऐलान के लिए बजट 2026 का इंतजार करें. )

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