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Ground Report: सरकार ने बढ़ाया सिगरेट और तंबाकू पर टैक्स, व्यापारी बोले - लागत बढ़ी और कमाई घटी

तंबाकू से बने उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने का फैसले पर जहां कुछ व्यापारी अच्छा कदम बता रहे हैं, वहीं कुछ अपने मुनाफे को लेकर चिंता में हैं. एनडीटीवी ने ग्राउंड पर जाकर बजट 2026 में हुए इस बड़े फैसले का असर जाना.

Ground Report: सरकार ने बढ़ाया सिगरेट और तंबाकू पर टैक्स, व्यापारी बोले - लागत बढ़ी और कमाई घटी

Budget 2026: केंद्र सरकार ने तंबाकू से बने उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने का फैसला किया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी) को आम बजट पेश करते हुई इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर नेशनल कैलेमिटी कंटिंजेंट ड्यूटी (NCCD) में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया है. मंत्री के ऐलान के बाद इस फैसले का असर भी अब बाजार में दिखने लगा है. 

कीमत बढ़ने से व्यापारी निराश 

नई दिल्ली स्थित जनपथ में सिगरेट और तंबाकू के उत्पादों का कारोबार करने वाले व्यापारी हनी ने फैसले पर निराशा व्यक्त की. हनी ने बताया कि बजट में ऐलान के बाद से ही व्यापार कमजोर पड़ गया है. "टैक्स बढ़ने से सिगरेट और तंबाकू  उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं. पहले एक सिगरेट की डिब्बी 340 से 350 रुपए में आती थी लेकिन अब उसी का दाम 400 से 500 हो जाएगा. जबकि तंबाकू के उत्पादों के दाम 30 से ₹40 बढ़ जाएंगे. जो पान मसाला का पैकेट पहले ₹20 का था अब वो ₹25 का होगा. इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा. " 

व्यापारी अभिषेक बताते हैं कि सबसे अधिक असर मजदूर वर्ग को होगा, जो हमारी कमाई का मुख्य स्रोत है. "सबसे अधिक खपत मजदूर वर्गों की ही है. टैक्स उत्पादों के दाम भी बढ़ जाएंगे. ऐसे में अब मजदूर वर्ग दुकान पर कम पहुंचेगा क्योंकि उनकी कमाई तो बढ़ नहीं रही है लेकिन दाम बढ़ने से वह इसका सेवन करना कम कर देंगे. यही लोग हमारी कमाई का जरिया हैं लेकिन अब इनके कम खाने से हमें आर्थिक तौर पर नुकसान होगा."

व्यापार और कमाई दोनों घटी 

अभिषेक कहते हैं, "पहले हमारा प्रॉफिट 10 से 15 प्रतिशत था लेकिन अब 4 से 5% ही रह जाएगा. यह हमारे लिए आर्थिक तौर पर बहुत नुकसानदायक है क्योंकि हमारे परिवार का खर्चा इसी दुकान की कमाई से चलता है."

कालाबाजारी बढ़ी, अधिक कीमतों पर मिल रहा सामान

हनी बताते हैं कि अभी नया रेट सामने नहीं आया है लेकिन बड़े व्यापारियों को इसका अंदाजा था. सरकार ने जनवरी में कहा  था कि आने वाले समय में ऐसे उत्पादों पर टैक्स बढ़ाया जाएगा. यही वजह है कि थोक विक्रेताओं ने पहले से ही भारी मात्रा में सामान को स्टोर कर लिया और अब वही लोग बढ़े दामों पर छोटे दुकानदारों को सप्लाई कर रहे हैं.

फैसले से लगेगी लगाम 

दुकानदार कुलश्रेष्ठ तिवारी ने फैसले को अच्छा बताया है. उन्होंने कहा कि बाजार पर असर पड़ रहा है बिक्री कम हुई है और सबसे ज्यादा दिक्कत चेंज को लेकर हो रही है. वही इस फैसले के बाद नशा करने वाले लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है. अक्षय का कहना है कि सरकार का फैसला सही है. दाम बढ़ने से अब हम जैसे लोग सिगरेट और तंबाकू के उत्पादों का कम सेवन करेंगे. इससे स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा और आर्थिक तौर पर भी लाभ होगा. जबकि ऋषभ शर्मा का कहना है कि दाम बढ़ाने के कारण नशा करने वाले लोगों पर लगाम लगेगी. क्योंकि पहले भी आय का एक बड़ा हिस्सा इसकी खरीद में जाता था, जो रेट बढ़ने के बाद कम हो जाएगा. 

सरकार से जुड़े सूत्रों की मानें तो यह फैसला न सिर्फ राजस्व जुटाने के लिए है, बल्कि इसके पीछे युवाओं को तंबाकू के सेवन से हतोत्साहित करने का सामाजिक उद्देश्य भी छिपा है. वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य तंबाकू मुक्त भारत की दिशा में आगे बढ़ना है और टैक्स में वृद्धि इस दिशा में एक कारगर हथियार साबित हो सकता है.

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