हर साल बजट आने से पहले लोगों के मन में एक ही सवाल होता है टैक्स बढ़ेगा या घटेगा. ज्यादातर चर्चा इनकम टैक्स को लेकर होती है, लेकिन सच यह है कि रोजमर्रा की महंगाई पर असर डालने वाले टैक्स भी उतने ही जरूरी होते हैं. बजट 2026 से पहले यह समझना जरूरी है कि Direct Tax और Indirect Tax क्या होते हैं और इनका हमारी जेब, बाजार और महंगाई से क्या रिश्ता है.
Direct Tax क्या होता है?
डायरेक्ट टैक्स वह टैक्स होता है जो कोई व्यक्ति या कंपनी अपनी कमाई से सीधे सरकार को देती है. इस टैक्स का बोझ किसी और पर नहीं डाला जा सकता. यानी जिसने कमाया है वही टैक्स देगा. भारत में डायरेक्ट टैक्स से जुड़े नियम और वसूली का काम CBDT करता है.
Direct Tax का मकसद यह होता है कि जो ज्यादा कमाता है वह ज्यादा टैक्स दे और जो कम कमाता है उस पर कम बोझ पड़े. इससे समाज में थोड़ा संतुलन बना रहता है.
Direct Tax किस चीज पर लगता है?
इनकम टैक्स सैलरी, बिजनेस या किराए से हुई कमाई पर लगता है.
- कॉरपोरेट टैक्स कंपनियों के मुनाफे पर लिया जाता है.
- कैपिटल गेन टैक्स शेयर, जमीन या सोना बेचकर हुए फायदे पर लगता है.
- शेयर बाजार में खरीद बिक्री पर STT लिया जाता है.
- कुछ मामलों में MAT और AMT जैसे टैक्स भी लगते हैं.
Indirect Tax क्या होता है?
इनडायरेक्ट टैक्सवह टैक्स होता है जो हमारी कमाई पर सीधे नहीं लगता बल्कि सामान और सेवाओं की कीमत में जुड़ा होता है. जब हम कोई चीज खरीदते हैं तो दुकानदार टैक्स लेकर सरकार को देता है. इसलिए हमें टैक्स अलग से महसूस नहीं होता लेकिन हम उसे चुकाते जरूर हैं.
आज भारत में इनडायरेक्ट टैक्स का सबसे बड़ा उदाहरण GST है.
Indirect Tax कहा-कहां लगता है?
- GST लगभग हर सामान और सेवा पर लगता है.
- विदेश से आने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी लगती है.
- पेट्रोल, डीजल, तंबाकू और कोयले जैसी चीजों पर सेस लगाया जाता है.
- ये सभी टैक्स चीजों की कीमत में जुड़े होते हैं.
टैक्स का महंगाई और बाजार से कनेक्शन
सरकार की टैक्स कमाई का बड़ा हिस्सा Indirect Tax से आता है. बजट में अगर GST या कस्टम ड्यूटी बदली जाती है तो इसका असर सीधा बाजार पर दिखता है. मोबाइल, कपड़े, दवाइयां और खाने पीने की चीजें सस्ती या महंगी हो सकती हैं.
- अगर मोबाइल के पार्ट्स पर टैक्स कम हो जाए तो मोबाइल सस्ते हो सकते हैं.
- अगर सिगरेट या कोल्ड ड्रिंक पर टैक्स बढ़े तो उनकी कीमत बढ़ जाती है.
- इसका असर महंगाई के आंकड़ों और शेयर बाजार दोनों पर पड़ता है.
Indirect Tax क्यों बनता है बहस का मुद्दा?
जानकार मानते हैं कि Indirect Tax अमीर और गरीब दोनों पर एक जैसा लगता है. इसलिए इसका असर गरीब लोगों पर ज्यादा पड़ सकता है. इसी वजह से हर बजट में यह सवाल उठता है कि जरूरी चीजों पर टैक्स कम होना चाहिए और लग्जरी चीजों पर ज्यादा.साथ ही यह भी देखा जाता है कि देश के उद्योगों को बचाने के लिए कस्टम ड्यूटी बढ़ाई जाए या घटाई जाए.
आने वाले बजट 2026 में डायरेक्ट टैक्स और इनडायरेक्ट टैक्स से जुड़े फैसले सरकार की कमाई, महंगाई, बाजार की चाल और आम लोगों की जेब पर असर डालेंगे. इसलिए बजट को सही तरीके से समझने के लिए इन दोनों टैक्स की जानकारी होना हर आम आदमी के लिए जरूरी है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं