ATF Prices Hike Likely from April 1: क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के बीच फ्लाइट्स में इस्तेमाल होने वाले ATF यानी एविएशन टरबाइन फ्यूल के दाम बढ़ सकते हैं. कुछ रिपोर्ट्स में ऐसी आशंका जताई जा रही है कि 1 अप्रैल से ATF महंगा हो सकता है. आम तौर पर ATF महंगा होने के बाद एयरलाइन कंपनियों की ओर से फ्लाइट टिकट के दाम बढ़ाए जाने की आशंका रहती है. दाम बढ़े तो फ्लाइट में सफर महंगा (Flight Ticket Prices Hike) हो सकता है. ऐसा न हो, इसके लिए सरकार एयरलाइन कंपनियों के साथ लगातार चर्चा कर रही है. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शनिवार को कहा कि सरकार ATF की कीमतों में संभावित बदलाव के प्रभाव को लेकर एयरलाइंस के साथ निरंतर चर्चा कर रही है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यात्रियों पर इसका असर न पड़े, ये सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं.
NDTV Profit की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'ATF की दरें हर महीने की शुरुआत में तय की जाती हैं और कोई भी बदलाव 1 अप्रैल से दिखना शुरू हो सकता है. हम एयरलाइंस के साथ लगातार संपर्क में हैं और उनसे नियमित रूप से चर्चा कर रहे हैं. सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, विशेष रूप से मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों के लिए.'
फ्लाइट्स ऑपरेशन पर पड़ सकता है असर!
मंत्री राम मोहन नायडू ने आगे कहा कि ईंधन की बढ़ती लागत का एयरलाइन संचालन पर आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार कोई भी कदम उठाने से पहले हितधारकों (Stakeholders) से सलाह ले रही है.
उन्होंने कहा, 'एयरलाइंस और उनके कामकाज पर कुछ आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है. हम विमानन कंपनियों से फीडबैक ले रहे हैं और चर्चा कर रहे हैं, क्योंकि इसमें कई विभाग शामिल हैं. हम एयरलाइंस के समर्थन में सर्वोत्तम संभव कदम उठाने की कोशिश करेंगे.'
साथ ही, मंत्री ने रेखांकित किया कि सरकार का दृष्टिकोण इस प्रभाव को यात्रियों तक पहुंचने से रोकना है. उन्होंने कहा, 'ईंधन की कीमतों में बदलाव का असर होने की उम्मीद है, लेकिन हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि इससे एयरलाइन संचालन या यात्री प्रभावित न हों. मंत्रालय का यही इरादा है.'
60 फीसदी सीटों पर No Extra Charge
ईंधन की कीमतों के मुद्दे के साथ-साथ, मंत्री ने यात्री अनुभव को बेहतर बनाने के लिए उठाए जा रहे कई कदमों की रूपरेखा भी बताई, विशेष रूप से तब, जब उड़ान (UDAN) योजना के तहत विमानन नेटवर्क का विस्तार जारी है.
'द हंस इंडिया' के अनुसार, उन्होंने कहा कि सीट चयन के लिए अतिरिक्त शुल्क को लेकर चिंताओं के जवाब में, एयरलाइंस को निर्देश दिया गया है कि वे कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध कराएं. हालांकि इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट जैसी एयरलाइन कंपनियां इस कदम का विरोध कर रही हैं.
यात्री सुविधाओं का रखा जा रहा पूरा ध्यान
मंत्री ने कहा कि सरकार यात्री अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है, जिसमें देरी, कैंसिलेशन और अन्य बाधाओं के लिए मुआवजे के नियम शामिल हैं. इन दिशानिर्देशों को क्षेत्रीय भाषाओं सहित व्यापक रूप से उपलब्ध कराया जाएगा ताकि पहुंच में सुधार हो सके.
परिचालन संबंधी चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने नोट किया कि पश्चिम एशिया के कुछ एयरपोर्ट्स वर्तमान में मौजूदा स्थिति के कारण काम नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार महत्वपूर्ण मार्गों पर यात्रा के प्रबंधन के लिए एयरलाइंस और अंतरराष्ट्रीय नियामकों के साथ समन्वय कर रही है.
सरकार के रुख को दोहराते हुए, मंत्री ने कहा कि यात्री सुविधा एक प्रमुख प्राथमिकता बनी हुई है, और यह सुनिश्चित करते हुए कि यात्रियों को बाहरी कारकों से सुरक्षित रखा जाए, विमानन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कदम उठाए जाते रहेंगे.
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