एआई का इस्तेमाल हर सेक्टर में मजबूती के साथ हो रहा है. एक समय था जब एआई के जरिए चैट या सिर्फ फोटो बनाए जाते थे. पर अब देश के रियल एस्टेट सेक्टर में भी एआई की एंट्री हो चुकी है. इससे रियल एस्टेट की पूरी तस्वीर ही बदल सकती है. क्रेडाई और ईवाई-पार्थेनन की रिपोर्ट के अनुसार भारत में एआई की वजह से रियल एस्टेट में घरों के बिक्री की रफ्तार 30 से 50 फीसदी तक बढ़ सकती है.
महीने भर का काम कुछ ही दिनों में
रिपोर्ट में ये भी बताया है कि रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए जमीन खरीदने से लेकर प्रोजेक्ट को लॉन्च करने तक का समय 20 से 30 फीसदी तक कम हो जाएगा. मतलब अभी के समय में जो प्रोजेक्ट्स कागजी कार्रवाई, प्लानिंग और डिजाइनिंग में फंसे हुए हैं, वो अपने समय से पहले शुरू हो सकेंगे. एआई बेस्ड कस्टमर इंटेलिजेंस, ऑटोमेटेड डिजाइन वर्कफ्लो के जरिए रियल एस्टेट सेक्टर अब सिर्फ स्केल की जगह इंटेलिजेंस पर काम करेगा.
एआई के जरिए लगेगी खर्चों पर लगाम
- क्रेडाई और ईवाई-पार्थेनन की रिपोर्ट में साफ बताया गया कि एआई के आने से डेवलपर्स को बड़ी सेविंग होगी. रियल एस्टेट में देखा जाता है कि खरीदार लास्ट मोमेंट में हड़बड़ी के चलते प्लान कैंसिल कर देता है. एआई के आने के बाद से इन मामलों में 18 से 20 फीसदी तक कमी आएगी.
- प्राइम लोकेशन क्या होगी, इसके लिए एआई मदद करेगा. यानी सेलेबल एरिया के ऑप्टिमाइजेशन से 3 से 10 फीसदी तक सेविंग होगी.
- रिपोर्ट के अनुसार वर्कफोर्स और कस्टमर कॉस्ट में भी बड़ी कमी देखने को मिल सकती है. यानी शुरुआत में एआई का इस्तेमाल करने वाले डेवलपर्स की प्रोडक्टिविटी 20 से 50 फीसदी तक बढ़ जाएगी. वहीं ग्राहकों को अपने तरफ बनाए रखने वाले खर्चे भी 20 से 50 फीसदी तक कम हो जाएंगे.
एआई की मदद ना लेना बनेगा घाटे का सौदा
ईवाई-पार्थेनन इंडिया के अनुसार एआई अब मार्केट में बने रहने के लिए जरूरी हथियार बन गया है. ऐसे में जो डेवलपर्स एआई को नहीं अपनाएंगे, उनके लिए ये फैसला रिस्की हो सकता है. उम्मीद है कि एआई के जरिए शॉर्ट से मीडियम टर्म में एंटरप्राइज वैल्यू 2 से 3 गुना तक बढ़ सकती है.
दूसरी तरफ क्रेडाई के अनुसार भारत का रियल एस्टेट सेक्टर अब इस बात पर डिपेंड नहीं करेगा कि आप कितने बड़े लेवल पर काम कर रहे हैं. बल्कि इस पर निर्भर करेगा कि आप कितनी समझ से स्पीड और सही फैसलों के साथ अपने प्रोजेक्ट्स को पूरा कर पा रहे हैं या नहीं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं